राजस्थान: सीएम भजनलाल शर्मा करेंगे पचपदरा रिफाइनरी की तैयारियों का निरीक्षण, पीएम मोदी का उद्घाटन नजदीक
सारांश
Key Takeaways
- पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन 21 अप्रैल को होगा।
- सीएम भजनलाल शर्मा निरीक्षण के लिए जाएंगे।
- रिफाइनरी की लागत 79,459 करोड़ रुपए है।
- यह परियोजना आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित की जा रही है।
- कच्चे तेल की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से होगा।
जयपुर, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा का दौरा करेंगे, जहां वे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी की यात्रा की तैयारी को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को कार्यक्रम स्थल का दौरा करेंगे और तैयारीयों का अवलोकन करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि भजनलाल शर्मा दोपहर में पचपदरा रिफाइनरी पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे। वे दोपहर 2 बजे तक परियोजना की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा स्थल, हेलीपैड सुविधाओं और अन्य आवश्यक तैयारियों का मूल्यांकन करेंगे। उनके साथ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
यह पीएम मोदी का पिछले दो महीनों में राजस्थान का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले, 28 फरवरी को उन्होंने अजमेर का दौरा किया था, जहां उन्होंने कायड़ विश्रामस्थली से 16,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और 21,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।
पचपदरा रिफाइनरी की आधारशिला 22 सितंबर 2013 को सोशल गांधी ने अशोक गहलोत के शासनकाल में रखी थी, जिसमें प्रारंभिक लागत 37,230 करोड़ रुपए थी। सरकार बदलने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को इस परियोजना को पुनः चालू किया, और इसकी लागत को 43,129 करोड़ रुपए में संशोधित किया गया।
यह परियोजना पहले 31 अक्तूबर 2022 तक पूरी होनी थी, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसकी लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार में 24 जुलाई 2025 को परियोजना की लागत को 79,459 करोड़ रुपए कर दिया गया। यह रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है।
पचपदरा रिफाइनरी को देश की सबसे आधुनिक सुविधाओं में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो बीएस-6 ईंधन मानकों के अनुसार है। इसमें एक रिफाइनरी और एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इसकी एक विशेषता इसका 'जीरो लिक्विड एफ्लुएंट डिस्चार्ज' सिस्टम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान कोई भी लिक्विड कचरा बाहर न निकले। यह पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस रिफाइनरी की सालाना रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की होगी, और पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2 मिलियन टन होगी।
कच्चे तेल की कुल आवश्यकताओं में से, 7.5 मिलियन टन खाड़ी देशों से इंपोर्ट किया जाएगा, जबकि लगभग 1.5 मिलियन टन घरेलू स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा। लगभग 80,000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बने इस प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार और इस क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद है।