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असम बाढ़: शिवसागर, नजीरा और चराइदेव में 15 अगस्त के बाद खुलेंगे 150+ स्कूल

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असम बाढ़: शिवसागर, नजीरा और चराइदेव में 15 अगस्त के बाद खुलेंगे 150+ स्कूल

सारांश

असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने कहा कि शिवसागर, नजीरा और चराइदेव में 150 से अधिक बाढ़ग्रस्त स्कूल 15 अगस्त के बाद चरणबद्ध रूप से खुलेंगे। कीचड़ और गाद से पटे परिसर अभी छात्रों के लिए तैयार नहीं — बहाली कार्य जारी है।

मुख्य बातें

असम के शिवसागर , नजीरा और चराइदेव जिलों में 150 से अधिक स्कूल बाढ़ से प्रभावित हैं।
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने 11 अगस्त को घोषणा की कि स्कूल 15 अगस्त के बाद खुलेंगे, बशर्ते पानी उतरे और मरम्मत पूरी हो।
परिसरों में कीचड़ और गाद जमा होने से छात्रों और शिक्षकों की तत्काल वापसी संभव नहीं ।
स्कूल खोलने का निर्णय एकल तिथि पर नहीं, बल्कि स्थानीय ज़मीनी हालात के आधार पर लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग सफाई, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं की उपयुक्तता सुनिश्चित करने के बाद ही चरणबद्ध पुनः संचालन की अनुमति देगा।

असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने मंगलवार, 11 अगस्त को घोषणा की कि राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों — शिवसागर, नजीरा और चराइदेव — में बंद पड़े स्कूल 15 अगस्त के बाद फिर से खोले जा सकते हैं, बशर्ते बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर जाए और आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा हो सके। इन तीन जिलों में 150 से अधिक स्कूल अभी भी जलभराव, कीचड़ और गाद की चपेट में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बाढ़ की ताज़ा लहर ने ऊपरी असम के इन जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बुरी तरह प्रभावित किया है। पानी उतरने के बाद स्कूल परिसरों, कक्षाओं और आसपास के रास्तों में भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, परिसरों की यह हालत छात्रों और शिक्षकों की तत्काल वापसी के लिए उपयुक्त नहीं है।

शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया

मंत्री पेगू ने बताया कि शिक्षा विभाग प्रभावित स्कूलों की स्थिति का जायज़ा ले रहा है और परिसरों को पुनः संचालन योग्य बनाने के लिए सफाई एवं मरम्मत कार्य में तेज़ी लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल खोलने का निर्णय किसी एकल तिथि पर नहीं, बल्कि स्थानीय ज़मीनी हालात और बहाली कार्यों की प्रगति के आधार पर लिया जाएगा।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह व्यवधान ऐसे समय में आया है जब ऊपरी असम के कई हिस्से बाढ़ के असर से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसागर, नजीरा और चराइदेव के छात्रों की पढ़ाई तब तक बाधित रहेगी जब तक उनके स्कूलों की पूरी सफाई नहीं हो जाती और वे सुरक्षित रूप से संचालन के लायक नहीं बन जाते। कई इलाकों में जल-जमाव और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को हुई क्षति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।

बहाली की प्राथमिकताएँ

शिक्षा अधिकारी अभी कक्षाओं और आने-जाने के रास्तों से कीचड़ व गाद हटाने पर केंद्रित हैं। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि क्लासरूम, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएँ छात्रों और शिक्षकों के लिए पूरी तरह उपयुक्त हो जाएँ। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

क्या होगा आगे

शिक्षा विभाग से अपेक्षा है कि वह आने वाले दिनों में प्रत्येक प्रभावित परिसर की स्थिति की अलग-अलग समीक्षा करेगा और तैयारी की पुष्टि होने पर ही संस्थानों को चरणबद्ध रूप से खोलने की अनुमति देगा। गौरतलब है कि असम में बाढ़ हर वर्ष शैक्षणिक कैलेंडर को बाधित करती है, और इस बार भी प्रभावित जिलों में शैक्षणिक सत्र पर दीर्घकालिक असर की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक समाधान अभी भी अधूरे हैं। '15 अगस्त के बाद' जैसी अनिश्चित समय-सीमा यह दर्शाती है कि बहाली तंत्र अभी भी प्रतिक्रियाशील है, न कि पूर्व-नियोजित। असली सवाल यह है कि क्या राज्य के पास बाढ़-रोधी स्कूल बुनियादी ढाँचे की कोई दीर्घकालिक नीति है, या हर साल यही चक्र दोहराया जाएगा। शैक्षणिक सत्र पर पड़ने वाले इस वार्षिक असर का कोई ठोस हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया जाता।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम के बाढ़ प्रभावित स्कूल कब खुलेंगे?
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू के अनुसार, शिवसागर, नजीरा और चराइदेव जिलों के प्रभावित स्कूल 15 अगस्त 2026 के बाद खोले जाएँगे। हालाँकि, यह निर्णय स्थानीय ज़मीनी हालात और बहाली कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेगा।
असम में कितने स्कूल बाढ़ से प्रभावित हैं?
अधिकारियों के अनुसार, शिवसागर, नजीरा और चराइदेव जिलों में 150 से अधिक स्कूल अभी भी बाढ़ के पानी, कीचड़ और गाद की वजह से बंद हैं या बुरी तरह प्रभावित हैं।
स्कूल खोलने में देरी क्यों हो रही है?
बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्कूल परिसरों, कक्षाओं और रास्तों में भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक परिसर पूरी तरह साफ और सुरक्षित नहीं हो जाते, छात्रों और शिक्षकों की वापसी संभव नहीं है।
शिक्षा विभाग स्कूल खोलने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
शिक्षा विभाग प्रत्येक प्रभावित परिसर की स्थिति का आकलन कर रहा है और कीचड़-गाद हटाने, मरम्मत कार्य और बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर ध्यान दे रहा है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि कक्षाएँ और आने-जाने के रास्ते सुरक्षित हों, इसके बाद ही चरणबद्ध पुनः संचालन की अनुमति दी जाएगी।
इस बाढ़ से सबसे अधिक कौन से जिले प्रभावित हुए हैं?
ऊपरी असम के शिवसागर, नजीरा और चराइदेव जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों में रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक संस्थानों में बाढ़ का पानी घुस गया था, जिससे शैक्षणिक गतिविधियाँ पूरी तरह ठप हो गईं।
राष्ट्र प्रेस
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