असम बाढ़: राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट का हवाई सर्वे किया
सारांश
मुख्य बातें
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 30 जुलाई 2026 को बाढ़ की चपेट में आए शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों का हवाई सर्वे किया और प्रभावित क्षेत्रों में हुई तबाही का प्रत्यक्ष आकलन किया। इसके बाद उन्होंने राहत एवं बचाव अभियानों की विस्तृत समीक्षा की और राहत शिविरों में पीड़ितों से सीधी बातचीत की।
राहत शिविरों का दौरा
हवाई निरीक्षण के बाद राज्यपाल आचार्य ने शिवसागर जिले के लक्ष्मी नगर राहत शिविर और शिवसागर हाई स्कूल राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं और शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा स्वच्छता की उपलब्धता का जायजा लिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने इस दौरान शिविरवासियों के बीच राहत सामग्री भी वितरित की।
केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
पीड़ितों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार और असम सरकार इस संकट की घड़ी में हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम की बाढ़ स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए राज्य को हर ज़रूरी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों में रह रहे बच्चों, महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों की ज़रूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी प्रभावित परिवार आवश्यक सहायता से वंचित न रहे। राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ तब तक जारी रखे जाएँ जब तक हालात पूरी तरह सामान्य न हो जाएँ।
राहत दल और समन्वय की सराहना
राज्यपाल आचार्य ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सभी ने राहत एवं बचाव कार्यों में सराहनीय योगदान दिया है। सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी उन्होंने विशेष ज़ोर दिया।
दौरे में मौजूद अधिकारी
इस दौरे में राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत, शिवसागर के संरक्षक मंत्री बिमल बोरा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि भी राज्यपाल के साथ उपस्थित रहे। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और बड़ी संख्या में परिवार राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। प्रशासन का ध्यान अब त्वरित पुनर्वास और बुनियादी सेवाओं की बहाली पर केंद्रित है।