गोलाघाट बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया, 25,791 प्रभावित लोगों को मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 24 जुलाई 2025 को गोलाघाट जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीधा दौरा कर राहत एवं बचाव अभियान की ज़मीनी समीक्षा की। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, हालिया बाढ़ से गोलाघाट में 25,791 लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को स्पष्ट भरोसा दिलाया कि राहत सामग्री की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
राहत शिविरों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने कामरबांधा स्थित भास्कर सीनियर बेसिक स्कूल और नुमालीगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थापित राहत शिविरों का विस्तृत निरीक्षण किया। कामरबांधा शिविर में 178 बाढ़ प्रभावित लोग अस्थायी रूप से ठहरे हुए हैं, जबकि नुमालीगढ़ शिविर में 182 लोग — जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं — शरण लिए हुए हैं। सरमा ने दोनों शिविरों में लोगों से सीधी बातचीत कर उनकी दैनिक ज़रूरतों और समस्याओं की जानकारी ली।
प्रशासन को निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों की सभी आवश्यक ज़रूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुँचा है, पशुधन प्रभावित हुआ है और हज़ारों परिवारों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य सरकार राहत और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
केंद्र सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर उनसे बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री ने सूचित किया कि केंद्र सरकार शीघ्र ही एक अंतर-मंत्रालयी (इंटर-मिनिस्टीरियल) टीम असम भेजेगी, जो बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी। यह टीम राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता का भी मूल्यांकन करेगी।
आम जनता पर असर
गोलाघाट जिले में बाढ़ का प्रकोप इस वर्ष विशेष रूप से गंभीर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में मानसून की बाढ़ हर वर्ष लाखों लोगों को विस्थापित करती है — गौरतलब है कि राज्य ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के कारण देश के सर्वाधिक बाढ़-संवेदनशील राज्यों में से एक है। राज्य सरकार ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए रखी जा रही है और केंद्र के साथ समन्वय जारी है।
आगे क्या
केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम के दौरे के बाद नुकसान का आधिकारिक आकलन सामने आने की उम्मीद है, जिसके आधार पर केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता का निर्धारण होगा। राज्य सरकार ने राहत कार्यों में तेज़ी लाने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया है।