असम बाढ़ अपडेट: ऊपरी असम में पानी घटा, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने किया राहत कार्यों का जायजा
सारांश
मुख्य बातें
असम में बाढ़ की स्थिति में 26 जुलाई को क्रमिक सुधार दर्ज किया गया, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि ऊपरी असम के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों से जलस्तर धीरे-धीरे उतर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए है तथा पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने तक यह अभियान रुकेगा नहीं।
मुख्यमंत्री का बयान और निरीक्षण दौरे की घोषणा
मुख्यमंत्री सरमा ने गुवाहाटी के अज़ारा में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, 'बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और कुल मिलाकर स्थिति में सुधार आ रहा है। हालांकि, पूरी तरह सामान्य स्थिति बहाल होने तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि वे अगले एक-दो दिनों के भीतर स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे ताकि राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की जमीनी समीक्षा की जा सके।
शिवसागर के नाज़िरा क्षेत्र पर विशेष नज़र
प्रशासन का विशेष ध्यान शिवसागर जिले के नाज़िरा क्षेत्र पर केंद्रित है, जो इस बाढ़ में सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस क्षेत्र की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक प्रभावित गांव तक समय पर राहत सामग्री पहुँचे।
राहत और बचाव अभियान की स्थिति
राहत दलें बाधारहित ढंग से प्रभावित परिवारों तक पीने का पानी, भोजन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचा रही हैं। अधिकारी तटबंधों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं और बढ़ते जलस्तर के कारण विस्थापित हुए लोगों को आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत अभियान और तेज कर दिया है।
आम जनता से अपील
प्रशासन ने संवेदनशील और बाढ़-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों में स्थानीय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है ताकि किसी भी नई परिस्थिति का तत्काल सामना किया जा सके।
आगे क्या
मुख्यमंत्री सरमा के आगामी दौरे से राहत कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि असम प्रतिवर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है और इस बार ऊपरी असम के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार का फोकस अब बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने पर है।