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असम बाढ़ पीड़ित छात्रों को राहत: CM हिमंता सरमा ने किया पाठ्यपुस्तकें व वित्तीय सहायता का ऐलान, 10 अगस्त से खुलेंगे स्कूल

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असम बाढ़ पीड़ित छात्रों को राहत: CM हिमंता सरमा ने किया पाठ्यपुस्तकें व वित्तीय सहायता का ऐलान, 10 अगस्त से खुलेंगे स्कूल

सारांश

असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकें और वित्तीय सहायता का ऐलान किया। 10 अगस्त से स्कूल खुलेंगे। बीमारहित परिवारों को सरकारी मदद का भरोसा दिलाया गया। बीमा कंपनियों से दावों के शीघ्र निपटान की अपील की गई।

मुख्य बातें

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 5 अगस्त को बाढ़ प्रभावित सभी जिलों में नई पाठ्यपुस्तकें भेजने की पुष्टि की।
छात्रों को अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता 6 अगस्त से शुरू होगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल 10 अगस्त को फिर से खुलेंगे।
बीमा कंपनियों से बाढ़ दावों का शीघ्र और सहानुभूतिपूर्ण निपटान करने की अपील।
बीमारहित परिवारों को राज्य सरकार ने पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 5 अगस्त को घोषणा की कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाई है। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित जिलों में नई पाठ्यपुस्तकें पहुँचा दी गई हैं और छात्रों को अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता गुरुवार, 6 अगस्त से वितरित की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल 10 अगस्त को फिर से खुलने की तैयारी में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सरमा ने बाढ़ प्रभावित गाँवों का दौरा करने के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'सभी प्रभावित जिलों में नई पाठ्यपुस्तकें पहले ही भेजी जा चुकी हैं, जबकि वर्दी रास्ते में है। अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी कल से शुरू की जाएगी और स्कूल 10 अगस्त को फिर से खुलेंगे।' उन्होंने यह जानकारी 'युवा मित्रों' के साथ साझा करने की बात कही। यह ऐसे समय में आया है जब असम में बाढ़ ने हज़ारों परिवारों को विस्थापित कर दिया है और बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है।

बीमा दावों पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनियों से अपील की कि वे बाढ़ पीड़ितों द्वारा दायर दावों का निपटान शीघ्रता और सहानुभूति के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें बिना किसी अनावश्यक देरी के सहायता मिलनी चाहिए। सरमा ने कहा, 'बाढ़ से संबंधित दावों का निपटान शीघ्रता और सहानुभूति के साथ होना चाहिए।'

बीमारहित परिवारों को सरकार का आश्वासन

जिन परिवारों के पास बीमा कवरेज नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री सरमा ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके साथ 'मज़बूती से खड़ी रहेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।' यह घोषणा उन वर्गों के लिए महत्वपूर्ण है जो आपदा बीमा के दायरे से बाहर हैं और जिनके पास पुनर्वास के सीमित साधन हैं।

ज़मीनी दौरे में क्या दिखा

बाढ़ प्रभावित गाँवों के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत की, जिन्होंने नुकसान और विस्थापन के अपने अनुभव साझा किए। सरमा ने बताया कि उन्होंने प्रभावित परिवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया है और समय पर पुनर्वास सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। गौरतलब है कि असम में बाढ़ एक वार्षिक आपदा है, जो हर वर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करती है और शिक्षा व आजीविका पर दीर्घकालिक असर डालती है।

आगे क्या होगा

10 अगस्त से स्कूलों के खुलने के साथ ही प्रशासन की असली परीक्षा शुरू होगी — यह देखना होगा कि वित्तीय सहायता समय पर सभी पात्र छात्रों तक पहुँचती है या नहीं। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि पुनर्वास प्रक्रिया जारी रहेगी और प्रभावित परिवारों की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि वित्तीय सहायता की राशि कितनी होगी और क्या वह वास्तव में सबसे ज़रूरतमंद छात्रों तक पहुँचेगी — इसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। असम में बाढ़ हर साल लाखों बच्चों की पढ़ाई बाधित करती है, फिर भी दीर्घकालिक बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे की बजाय हर बार राहत-केंद्रित प्रतिक्रिया ही सामने आती है। बीमा कंपनियों से अपील करना सही दिशा है, लेकिन बिना बाध्यकारी समयसीमा के यह केवल आग्रह बनकर रह सकता है। असली जवाबदेही तब होगी जब 10 अगस्त के बाद स्कूलों में उपस्थिति और सहायता वितरण के आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँगे।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ पीड़ित छात्रों को क्या-क्या राहत मिलेगी?
CM हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, सभी प्रभावित जिलों में नई पाठ्यपुस्तकें भेजी जा चुकी हैं और वर्दी भी रास्ते में है। इसके अलावा अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता 6 अगस्त से शुरू की जाएगी।
असम में बाढ़ के बाद स्कूल कब खुलेंगे?
CM सरमा ने घोषणा की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल 10 अगस्त को फिर से खुलेंगे। सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि छात्र बिना किसी और बाधा के पढ़ाई फिर से शुरू कर सकें।
जिन बाढ़ पीड़ितों के पास बीमा नहीं है, उनके लिए क्या व्यवस्था है?
CM सरमा ने स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों के पास बीमा कवरेज नहीं है, उनके साथ राज्य सरकार 'मज़बूती से खड़ी रहेगी और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।' सरकार ने उन्हें आपदा पुनर्वास में पूरी मदद का आश्वासन दिया है।
बाढ़ से जुड़े बीमा दावों का निपटान कब तक होगा?
CM सरमा ने बीमा कंपनियों से अपील की है कि वे बाढ़ से संबंधित दावों का निपटान शीघ्रता और सहानुभूति के साथ करें। हालाँकि कोई बाध्यकारी समयसीमा सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा क्यों किया?
CM सरमा ने बाढ़ प्रभावित गाँवों का दौरा कर निवासियों से सीधे नुकसान और विस्थापन के अनुभव सुने। उन्होंने प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने और समय पर पुनर्वास सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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