असम बाढ़ राहत: CM सरमा ने वित्त मंत्री सीतारमण को दी नुकसान की जानकारी, केंद्र ने दिया सहयोग का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान, जारी राहत कार्यों और पुनर्निर्माण की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वित्त मंत्री ने असम की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए केंद्र सरकार की ओर से निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
मुख्यमंत्री सरमा ने वित्त मंत्री सीतारमण को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में सड़कों, पुलों, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के आकलन पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए पुनर्निर्माण के रोडमैप को भी वित्त मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सरमा ने बताया कि राज्य सरकार एक साथ राहत-पुनर्वास कार्य और नुकसान के आकलन का काम चला रही है।
मुख्यमंत्री सरमा का बयान
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलना हमेशा सुखद रहता है। वह लगातार असम के हितों और आकांक्षाओं की मजबूत समर्थक रही हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया और इस आश्वासन के लिए बेहद आभारी हूँ कि केंद्र सरकार हर बाढ़ प्रभावित परिवार को दोबारा अपना जीवन बनाने में मदद करने के लिए असम के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।'
आम जनता और प्रभावित परिवारों पर असर
राज्य सरकार बाढ़ के कारण आजीविका प्रभावित हुए परिवारों को सहायता पहुँचाने और आर्थिक गतिविधियों को सामान्य बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। जरूरी बुनियादी ढाँचे की बहाली और प्रभावित परिवारों की आजीविका को पटरी पर लाना राज्य सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है।
गौरतलब है कि असम के कई हिस्सों में बाढ़ के प्रभाव का आकलन अभी भी जारी है, ऐसे में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ यह बैठक विशेष महत्व रखती है।
केंद्र-राज्य समन्वय का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब असम बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और बहाली के लिए अपनी विस्तृत जरूरतों का खाका तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री सरमा पहले भी राज्य में आने वाली बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के बाद केंद्र से समन्वित सहायता की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।
आगे राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से पुनर्निर्माण की गति तेज करने और प्रभावित नागरिकों तक राहत पहुँचाने की दिशा में कदम उठाएगी।