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नेपाल बाढ़: असम सरकार ने फंसे नागरिकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की, CM हिमंत सरमा ने दिया आश्वासन

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नेपाल बाढ़: असम सरकार ने फंसे नागरिकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की, CM हिमंत सरमा ने दिया आश्वासन

सारांश

नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच फंसे असम के नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 24 घंटे की हेल्पलाइन जारी की है। नई दिल्ली स्थित असम भवन को राहत अभियान का केंद्र बनाया गया है और राज्य प्रशासन संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय में है।

मुख्य बातें

असम सरकार ने 27 अगस्त 2026 को नेपाल में फंसे नागरिकों के लिए 24 घंटे की आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय की।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर सुरक्षित वापसी का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली स्थित असम भवन को राहत समन्वय का केंद्र बनाया गया है।
अधिकारी अनुरण मेधी (एसीएस) और हाउस मैनेजर विनोद कलिता के आपातकालीन नंबर जारी।
नागरिकों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और हेल्पलाइन के ज़रिए सहायता लेने की सलाह।

नेपाल में भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण फंसे असम के नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए असम सरकार ने 27 अगस्त 2026 को 24 घंटे की आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य प्रशासन संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय में है और फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द स्वदेश लाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकार नेपाल में फंसे असमिया नागरिकों के परिजनों के साथ सीधे संपर्क में है। नेपाल के कई इलाकों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे अनेक लोग विभिन्न स्थानों पर अलग-थलग पड़ गए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून की अत्यधिक वर्षा ने कई क्षेत्रों में आपदा की स्थिति पैदा कर दी है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों के लोग, नेपाल यात्रा के दौरान ऐसी परिस्थितियों में फंस जाते हैं।

सहायता व्यवस्था का ब्यौरा

नई दिल्ली स्थित असम भवन को इस राहत अभियान का केंद्र बनाया गया है। असम भवन के रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय ने एक आधिकारिक सूचना जारी कर नेपाल में फंसे असम के नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक सहायता, समन्वय और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

अधिकारी अनुरण मेधी (एसीएस), हाउस मैनेजर विनोद कलिता और अन्य आपातकालीन संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। ये हेल्पलाइन 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध रहेंगी।

सरकार की अपील

असम सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में निर्धारित हेल्पलाइन के ज़रिए ही सहायता लें। अफवाहों और असत्यापित जानकारियों से बचने की विशेष हिदायत दी गई है।

आम जनता पर असर

नेपाल में फंसे असमिया नागरिकों के परिवारजन गहरी चिंता में हैं। राज्य प्रशासन का कहना है कि वह प्रत्येक फंसे व्यक्ति की स्थिति पर नज़र रखे हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने से स्थिति और जटिल हो गई है।

क्या होगा आगे

राज्य प्रशासन संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और नेपाल में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय जारी रखे हुए है। जैसे-जैसे बाढ़ की स्थिति में सुधार होगा, फंसे नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट के लिए असम भवन की आधिकारिक हेल्पलाइन से जुड़े रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन की है — खासकर तब जब नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित हो। हर वर्ष मानसून में पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिक नेपाल में फंसते हैं, फिर भी स्थायी पूर्व-चेतावनी और निकासी प्रोटोकॉल की कमी बनी रहती है। हेल्पलाइन नंबर जारी करना पहला कदम है, लेकिन नेपाल में भारतीय दूतावास के साथ वास्तविक समय समन्वय और फंसे नागरिकों की सटीक संख्या सार्वजनिक करना पारदर्शिता की दृष्टि से ज़रूरी है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में फंसे असम के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर कहाँ से मिलेगा?
असम भवन, नई दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय ने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो 24 घंटे उपलब्ध हैं। अधिकारी अनुरण मेधी (एसीएस) और हाउस मैनेजर विनोद कलिता के आपातकालीन संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं।
नेपाल में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
नेपाल के कई इलाकों में भारी मानसूनी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं और संचार व्यवस्था भी बाधित बताई जा रही है।
असम सरकार नेपाल में फंसे लोगों की मदद कैसे कर रही है?
असम सरकार ने नई दिल्ली स्थित असम भवन के माध्यम से सहायता व्यवस्था सक्रिय की है और 24 घंटे की हेल्पलाइन जारी की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य प्रशासन संबंधित एजेंसियों और फंसे लोगों के परिजनों के साथ लगातार संपर्क में है।
नेपाल में फंसे लोगों के परिवार क्या करें?
परिजनों को सलाह दी गई है कि वे असम भवन, नई दिल्ली की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें और केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा रखें। अफवाहों और असत्यापित जानकारियों से बचने की विशेष अपील की गई है।
क्या नेपाल में फंसे असम के नागरिकों की वापसी शुरू हो गई है?
अभी तक सरकार ने समन्वय और हेल्पलाइन सक्रिय करने की पुष्टि की है। वापसी की प्रक्रिया बाढ़ की स्थिति में सुधार और संबंधित एजेंसियों के समन्वय पर निर्भर करेगी; राज्य प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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