30 जुलाई 2026
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बाढ़ प्रभावित असम में स्कूल खोलने का फैसला जिला प्रशासन करेगा: शिक्षा मंत्री रानोज पेगु

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बाढ़ प्रभावित असम में स्कूल खोलने का फैसला जिला प्रशासन करेगा: शिक्षा मंत्री रानोज पेगु

सारांश

असम में बाढ़ के बाद 1 अगस्त से स्कूल खोलना अनिश्चित — शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने फैसला जिला प्रशासन पर छोड़ा। शुरुआती रिपोर्टें बताती हैं कि अधिकांश स्कूल अभी कक्षाएँ शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं।

मुख्य बातें

असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने 30 जुलाई को कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में स्कूल खोलने का निर्णय जिला प्रशासन लेगा।
1 अगस्त से गर्मी की छुट्टियाँ समाप्त होनी थीं, लेकिन बाढ़ के कारण अधिकांश स्कूल अभी तैयार नहीं हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति पर रिपोर्ट माँगी है।
ऊपरी असम के कई जिलों में बाढ़ से सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।
राज्य सरकार राहत और पुनर्बहाली कार्यों की निगरानी कर रही है; स्कूलों की सुरक्षा जाँच के बाद ही कक्षाएँ शुरू होंगी।

असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगु ने 30 जुलाई को स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 1 अगस्त से गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर से खोलने का अंतिम निर्णय संबंधित जिला प्रशासन जमीनी हालात का आकलन करने के बाद लेगा। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से शैक्षणिक संस्थानों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट माँगी है।

मुख्य घटनाक्रम

पत्रकारों से बातचीत में मंत्री पेगु ने बताया कि शिक्षा विभाग पहले ही सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से समन्वय कर चुका है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कुछ अपवादों को छोड़कर अधिकांश स्कूल और कॉलेज अभी नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं।

पेगु ने कहा, 'यह प्राकृतिक आपदा से जुड़ा फैसला लेने का मामला है। ऐसी स्थितियों में, फैसला लेने का सबसे बड़ा अधिकार जिला प्रशासन के पास होता है। इसलिए, डिप्टी कमिश्नर ही तय करेंगे कि उनके जिलों में स्कूल फिर से खुल सकते हैं या नहीं।'

बाढ़ से शैक्षणिक ढाँचे पर असर

पिछले कुछ हफ्तों में ऊपरी असम के कई जिलों में बड़े पैमाने पर आई बाढ़ ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शैक्षणिक संस्थानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है और हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं। कई स्कूल भवनों का उपयोग राहत शिविरों के रूप में किया जा रहा है, जिससे उनकी शैक्षणिक गतिविधियाँ और अधिक बाधित हुई हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति की निरंतर समीक्षा कर रही है और राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों में समन्वय बना रही है। जिला प्रशासन स्कूलों में नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू करने की अनुमति देने से पहले संस्थानों की सुरक्षा और तैयारी का व्यापक जायजा ले रहा है। यह विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण इस बात को रेखांकित करता है कि बाढ़ का असर जिले-दर-जिले अलग-अलग है।

आम जनता पर असर

यह स्थिति असम के लाखों छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर सकती है। गौरतलब है कि बाढ़ हर साल असम में शिक्षा व्यवस्था को बाधित करती है, लेकिन इस बार ऊपरी असम के जिलों में क्षति की व्यापकता ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जिन स्कूलों में पानी घुसा या जो राहत शिविर बने, वहाँ तत्काल मरम्मत और सफाई की जरूरत होगी।

क्या होगा आगे

डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने जिलों में स्थल निरीक्षण के बाद 1 अगस्त तक या उसके आसपास निर्णय लेंगे। जिन जिलों में बाढ़ का पानी उतर चुका है और स्कूल भवन सुरक्षित पाए जाएँगे, वहाँ कक्षाएँ जल्द शुरू हो सकती हैं। शेष जिलों में पुनर्बहाली की प्रगति के आधार पर तारीख तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को टाल देता है — बाढ़ से हर साल बाधित होने वाली असम की शिक्षा व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक आपदा-रोधी योजना कब बनेगी? जिला प्रशासन पर निर्णय छोड़ना तात्कालिक समाधान है, लेकिन इससे राज्य स्तर पर एक समान नीति का अभाव भी झलकता है। जब तक स्कूल भवनों को बाढ़-रोधी बनाने और वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था की स्थायी रूपरेखा नहीं बनती, यह सवाल हर मानसून में दोहराया जाएगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ के बाद स्कूल कब खुलेंगे?
असम में गर्मी की छुट्टियाँ 1 अगस्त को समाप्त होनी हैं, लेकिन बाढ़ प्रभावित जिलों में स्कूल खोलने की तारीख जिला प्रशासन तय करेगा। डिप्टी कमिश्नर स्थानीय हालात का जायजा लेने के बाद अंतिम निर्णय लेंगे।
स्कूल खोलने का फैसला जिला प्रशासन पर क्यों छोड़ा गया?
शिक्षा मंत्री रानोज पेगु के अनुसार, यह प्राकृतिक आपदा प्रबंधन से जुड़ा मामला है, इसलिए जमीनी हालात के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार जिला प्रशासन के पास है। बाढ़ का असर हर जिले में अलग-अलग है, इसलिए एकसमान राज्य स्तरीय आदेश व्यावहारिक नहीं होता।
असम के कितने स्कूल बाढ़ से प्रभावित हुए हैं?
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कुछ अपवादों को छोड़कर अधिकांश स्कूल और कॉलेज अभी नियमित कक्षाएँ शुरू करने की स्थिति में नहीं हैं। ऊपरी असम के कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
असम सरकार बाढ़ प्रभावित स्कूलों के लिए क्या कदम उठा रही है?
राज्य सरकार राहत और पुनर्बहाली कार्यों में समन्वय कर रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से स्कूलों की स्थिति पर रिपोर्ट माँगी है और जिला प्रशासन स्कूलों की सुरक्षा जाँचने के बाद ही कक्षाएँ शुरू करने की अनुमति देगा।
क्या असम में बाढ़ से हर साल शिक्षा प्रभावित होती है?
हाँ, असम में बाढ़ एक वार्षिक आपदा है जो हर मानसून में शिक्षा व्यवस्था को बाधित करती है। इस वर्ष ऊपरी असम के जिलों में बाढ़ की व्यापकता ने स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बना दिया है, जिससे हजारों परिवार और छात्र प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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