10 जुलाई 2026
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असम के 32,321 स्कूलों में 30 से कम छात्र, 60,032 शिक्षक पद खाली — विधानसभा में सरकार का खुलासा

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असम के 32,321 स्कूलों में 30 से कम छात्र, 60,032 शिक्षक पद खाली — विधानसभा में सरकार का खुलासा

सारांश

असम की सरकारी शिक्षा व्यवस्था दोहरे संकट में है — 32,321 स्कूलों में 30 से कम छात्र और 60,032 शिक्षक पद खाली। विधानसभा में सरकार के अपने आंकड़े बताते हैं कि 7,948 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात भी गड़बड़ है। 25,000 संस्थान प्रांतीयकरण माँग रहे हैं, पर समस्या की जड़ें कहीं गहरी हैं।

मुख्य बातें

असम के 32,321 स्कूलों में प्रत्येक में 30 से कम छात्र नामांकित हैं — सरकार ने 10 जुलाई 2026 को विधानसभा में यह स्वीकार किया।
राज्य में 60,032 शिक्षक पद रिक्त हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
7,948 स्कूलों में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन नहीं हो रहा।
करीब 25,000 शैक्षणिक संस्थानों ने प्रांतीयकरण के लिए आवेदन किया — इनमें 6,163 लोअर प्राथमिक , 10,101 उच्च प्राथमिक , 5,733 हाई स्कूल और 1,222 सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल।
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने कहा कि भर्ती न्यायालय के निर्देशों और राज्य नीति के अनुसार जारी है।

असम सरकार ने 10 जुलाई 2026 को विधानसभा में स्वीकार किया कि राज्य के 32,321 स्कूलों में प्रत्येक में 30 से कम छात्र नामांकित हैं, और 60,032 शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, यह दोहरी चुनौती असम की सरकारी स्कूल शिक्षा प्रणाली की बुनियाद को कमज़ोर कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने सदन को बताया कि 7,948 स्कूल ऐसे हैं जहाँ निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन नहीं हो रहा। इससे कक्षाओं का सुचारु संचालन बाधित हो रहा है और मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब करीब 25,000 शैक्षणिक संस्थान सरकार से प्रांतीयकरण की माँग कर रहे हैं।

प्रांतीयकरण के लिए आवेदन

शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा खोले गए ऑनलाइन पोर्टल पर हज़ारों स्कूलों ने प्रांतीयकरण हेतु आवेदन किया है। सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, इनमें 6,163 लोअर प्राथमिक स्कूल, 10,101 उच्च प्राथमिक स्कूल, 5,733 हाई स्कूल और 1,222 सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। सभी आवेदनों की जाँच असम शिक्षा (शिक्षकों की सेवाओं का प्रांतीयकरण और शैक्षणिक संस्थानों का पुनर्गठन) अधिनियम के तहत की जा रही है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कहा कि लगातार घटती छात्र संख्या और हज़ारों रिक्त शिक्षक पद सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की राह में बड़ी बाधा हैं। आलोचकों का कहना है कि केवल प्रांतीयकरण की प्रक्रिया से समस्या का समाधान नहीं होगा — ज़मीनी स्तर पर शिक्षकों की तत्काल भर्ती आवश्यक है।

सरकार का पक्ष

राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की भर्ती न्यायालय के निर्देशों और राज्य की भर्ती नीति के अनुसार जारी है। सरकार ने यह भी कहा कि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा रहा है और पूरे असम में स्कूल शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं।

आगे की राह

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि घटती नामांकन संख्या और रिक्त पदों की समस्या एक-दूसरे से जुड़ी हैं — जब शिक्षक नहीं होते, तो अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों की ओर ले जाते हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या और घटती है। इस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए असम सरकार को भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लानी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरे ढाँचागत संकट की तस्वीर हैं। जब 32,000 से अधिक स्कूलों में 30 से भी कम बच्चे बैठते हों, तो सवाल केवल शिक्षक भर्ती का नहीं — यह पूछना ज़रूरी है कि अभिभावक सरकारी स्कूलों से मुँह क्यों मोड़ रहे हैं। 25,000 संस्थानों का प्रांतीयकरण माँगना दर्शाता है कि निजी और अनुदान-प्राप्त स्कूल भी टिके रहने के लिए सरकारी छत्र की तलाश में हैं — यह शिक्षा बाज़ार की विफलता है, न सफलता। बिना नामांकन सुधार और जवाबदेह भर्ती समयसीमा के, यह चक्र और गहरा होता जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में कितने स्कूलों में 30 से कम छात्र हैं?
असम सरकार ने 10 जुलाई 2026 को विधानसभा में बताया कि राज्य के 32,321 स्कूलों में प्रत्येक में 30 से कम छात्र नामांकित हैं। यह आंकड़ा राज्य की सरकारी शिक्षा प्रणाली में नामांकन की गंभीर गिरावट को दर्शाता है।
असम में शिक्षक पदों की कितनी कमी है?
असम में 60,032 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके अलावा 7,948 स्कूल ऐसे हैं जहाँ निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन नहीं हो रहा, जिससे मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ा है।
असम में स्कूलों के प्रांतीयकरण की प्रक्रिया क्या है?
असम सरकार ने प्रांतीयकरण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल खोला है, जिस पर 25,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों ने आवेदन किया है। सभी आवेदनों की जाँच असम शिक्षा (शिक्षकों की सेवाओं का प्रांतीयकरण और शैक्षणिक संस्थानों का पुनर्गठन) अधिनियम के तहत की जा रही है।
असम में शिक्षक भर्ती कब तक पूरी होगी?
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू के अनुसार, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की भर्ती न्यायालय के निर्देशों और राज्य की भर्ती नीति के अनुसार जारी है। हालाँकि, सरकार ने भर्ती पूरी होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है।
असम में छात्र संख्या क्यों घट रही है?
विपक्ष और शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, शिक्षकों की भारी कमी और घटती शिक्षा गुणवत्ता के कारण अभिभावक बच्चों को सरकारी स्कूलों से हटाकर निजी संस्थानों में भेज रहे हैं। यह दुष्चक्र नामांकन को और कम करता जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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