असम सरकार की पहल: चाय बागान के 9,714 छात्रों को मुफ्त परिवहन, 11 जिलों में लागू
सारांश
मुख्य बातें
असम सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों के वंचित समुदायों के 9,714 छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन योजना की शुरुआत की है, जो राज्य के 11 जिलों के 198 स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ते हैं। यह पहल समग्र शिक्षा असम के अंतर्गत लागू की गई है और इसका वार्षिक बजट लगभग ₹5.2 करोड़ अनुमानित है।
योजना का स्वरूप और दायरा
चाय बागान क्षेत्रों में बस्तियाँ और गाँव प्रायः स्कूलों से काफी दूर होते हैं और आबादी का घनत्व भी कम होता है। ऐसे में कई छात्रों को प्रतिदिन लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई दोनों प्रभावित होती थीं। इस विशेष परिवहन व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और नियमित रूप से स्कूल तक पहुँचाना है।
सरकार की प्रतिक्रिया और लक्ष्य
असम सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री डॉ. रानोज पेगु ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दूर-दराज और चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास शिक्षा व्यवस्था को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।
असम की शिक्षा में सुधार की पृष्ठभूमि
डॉ. पेगु ने बताया कि असम ने हाल के वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में राज्य 27वें स्थान से सुधरकर 12वें स्थान पर पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य असम को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है। यह परिवहन योजना उसी व्यापक सुधार अभियान की एक कड़ी है।
विस्तार की संभावना
यह एक प्रयोगात्मक पहल है, जिसे शुरुआत में 11 जिलों में लागू किया जा रहा है। यदि यह सफल रहती है, तो इसे और व्यापक स्तर पर लागू किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि चाय बागान समुदाय असम की सबसे हाशिये पर रहने वाली आबादियों में से एक है और शिक्षा तक उनकी पहुँच बढ़ाना दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।