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असम सरकार की पहल: चाय बागान के 9,714 छात्रों को मुफ्त परिवहन, 11 जिलों में लागू

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असम सरकार की पहल: चाय बागान के 9,714 छात्रों को मुफ्त परिवहन, 11 जिलों में लागू

सारांश

असम सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों के 9,714 छात्रों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए मुफ्त परिवहन योजना शुरू की है। ₹5.2 करोड़ सालाना की यह प्रायोगिक पहल 11 जिलों से शुरू होकर राज्यव्यापी बन सकती है — और असम के शिक्षा सुधार की उस यात्रा का हिस्सा है जिसने उसे रैंकिंग में 27वें से 12वें स्थान पर पहुँचाया।

मुख्य बातें

असम सरकार ने समग्र शिक्षा असम के तहत चाय बागान क्षेत्रों के छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन योजना शुरू की।
योजना से 9,714 छात्रों को लाभ मिलेगा — कक्षा 1 से 10 तक, 11 जिलों के 198 स्कूलों में।
वार्षिक बजट लगभग ₹5.2 करोड़ अनुमानित है।
रानोज पेगु ने योजना की घोषणा की और शिक्षा को समावेशी बनाने का लक्ष्य दोहराया।
असम परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में 27वें से 12वें स्थान पर पहुँचा; सरकार का लक्ष्य शीर्ष 10 में आना।
यह प्रायोगिक पहल है — सफल रहने पर राज्यव्यापी विस्तार संभव।

असम सरकार ने चाय बागान क्षेत्रों के वंचित समुदायों के 9,714 छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन योजना की शुरुआत की है, जो राज्य के 11 जिलों के 198 स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ते हैं। यह पहल समग्र शिक्षा असम के अंतर्गत लागू की गई है और इसका वार्षिक बजट लगभग ₹5.2 करोड़ अनुमानित है।

योजना का स्वरूप और दायरा

चाय बागान क्षेत्रों में बस्तियाँ और गाँव प्रायः स्कूलों से काफी दूर होते हैं और आबादी का घनत्व भी कम होता है। ऐसे में कई छात्रों को प्रतिदिन लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई दोनों प्रभावित होती थीं। इस विशेष परिवहन व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और नियमित रूप से स्कूल तक पहुँचाना है।

सरकार की प्रतिक्रिया और लक्ष्य

असम सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री डॉ. रानोज पेगु ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दूर-दराज और चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास शिक्षा व्यवस्था को और अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।

असम की शिक्षा में सुधार की पृष्ठभूमि

डॉ. पेगु ने बताया कि असम ने हाल के वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में राज्य 27वें स्थान से सुधरकर 12वें स्थान पर पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य असम को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है। यह परिवहन योजना उसी व्यापक सुधार अभियान की एक कड़ी है।

विस्तार की संभावना

यह एक प्रयोगात्मक पहल है, जिसे शुरुआत में 11 जिलों में लागू किया जा रहा है। यदि यह सफल रहती है, तो इसे और व्यापक स्तर पर लागू किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि चाय बागान समुदाय असम की सबसे हाशिये पर रहने वाली आबादियों में से एक है और शिक्षा तक उनकी पहुँच बढ़ाना दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीमित भूमि अधिकार और कमज़ोर सार्वजनिक सेवाओं का शिकार। ₹5.2 करोड़ की यह परिवहन योजना उस असमानता की तुलना में छोटी लगती है, लेकिन इसकी असली कीमत — 9,714 बच्चों की नियमित उपस्थिति और ड्रॉपआउट दर में गिरावट — संख्याओं से कहीं अधिक होगी। असली परीक्षा यह है कि क्या यह प्रायोगिक पहल अगले बजट चक्र में भी टिकती है, या महज़ एक घोषणा बनकर रह जाती है। परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में 27वें से 12वें स्थान की छलांग उत्साहजनक है, लेकिन चाय बागान क्षेत्रों में सीखने के परिणाम और नामांकन दर अभी भी राज्य औसत से पीछे हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम की चाय बागान छात्र परिवहन योजना क्या है?
यह असम सरकार की एक मुफ्त परिवहन पहल है जो समग्र शिक्षा असम के तहत शुरू की गई है। इसके अंतर्गत 11 जिलों के 198 स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले 9,714 चाय बागान क्षेत्र के छात्रों को स्कूल तक मुफ्त आवागमन की सुविधा दी जाएगी।
इस योजना पर कितना खर्च होगा?
योजना का वार्षिक व्यय लगभग ₹5.2 करोड़ अनुमानित है। यह राशि समग्र शिक्षा असम के बजट से आवंटित की जाएगी।
इस योजना से कौन-से जिले और छात्र लाभान्वित होंगे?
फिलहाल असम के 11 जिलों के 198 स्कूलों के 9,714 छात्र इस योजना के दायरे में हैं। ये सभी चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले वंचित समुदायों के कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थी हैं।
क्या यह योजना पूरे असम में लागू होगी?
अभी यह एक प्रायोगिक पहल है जो 11 जिलों में शुरू की गई है। कैबिनेट मंत्री डॉ. रानोज पेगु ने कहा है कि यदि यह सफल रही तो इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।
असम की शिक्षा रैंकिंग में क्या सुधार हुआ है?
असम परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में पहले 27वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 12वें स्थान पर पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य असम को देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है।
राष्ट्र प्रेस
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