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असम निःशुल्क प्रवेश योजना: 1,85,796 स्नातक छात्रों का नामांकन, हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया ऐतिहासिक कदम

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असम निःशुल्क प्रवेश योजना: 1,85,796 स्नातक छात्रों का नामांकन, हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया ऐतिहासिक कदम

सारांश

असम सरकार की निःशुल्क प्रवेश योजना ने इस शैक्षणिक वर्ष में 1,85,796 स्नातक छात्रों का प्रवेश शुल्क वहन किया। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे समाज की नींव बदलने वाला कदम बताया — खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।

मुख्य बातें

असम सरकार की निःशुल्क प्रवेश योजना के तहत इस शैक्षणिक वर्ष में 1,85,796 स्नातक छात्रों का प्रवेश शुल्क माफ किया गया।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 19 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट के ज़रिए यह जानकारी साझा की।
योजना का लाभ सरकारी और प्रांतीय महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले पात्र छात्रों को मिलता है।
पहल का विशेष फोकस ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर घटाने पर है।
राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में छात्रवृत्ति, शुल्क माफी और अवसंरचना विकास सहित कई शिक्षा सुधार लागू किए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 19 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार की निःशुल्क प्रवेश योजना के अंतर्गत इस शैक्षणिक वर्ष में अब तक 1,85,796 स्नातक छात्रों के प्रवेश शुल्क का भुगतान सरकार द्वारा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने इसे उच्च शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में राज्य की कल्याणकारी नीतियों का सबसे व्यापक विस्तार बताया।

योजना का स्वरूप और दायरा

असम सरकार की इस पहल के तहत राज्य भर के सरकारी और प्रांतीय महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक पात्र छात्रों का प्रवेश शुल्क पूरी तरह माफ किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को वित्तीय बाधाओं से मुक्त करना और उन्हें उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम ने विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को कॉलेज में दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहाँ प्रवेश शुल्क की अदायगी अक्सर उच्च शिक्षा छोड़ने का प्रमुख कारण बनती थी।

मुख्यमंत्री का बयान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में सरमा ने कहा, 'असम में इस वर्ष अब तक 1.85 लाख से अधिक स्नातक छात्रों ने शून्य प्रवेश शुल्क का भुगतान किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि हमारी कल्याणकारी योजनाओं का दायरा कितना व्यापक है और यह शिक्षा में निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करके हमारे समाज की नींव को कैसे बदल रहा है।'

मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि शिक्षा में निवेश असम की दीर्घकालिक विकास रणनीति का एक अनिवार्य घटक है।

शिक्षा विशेषज्ञों की राय

शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने लंबे समय से रेखांकित किया है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा से विद्यार्थियों के दूर होने के पीछे वित्तीय बाधाएँ सबसे बड़ा कारण हैं। प्रवेश शुल्क की समाप्ति से न केवल नामांकन दर बढ़ती है, बल्कि यह छात्रों के बीच शिक्षा छोड़ने की प्रवृत्ति को भी कम करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। असम की यह पहल उन राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकती है जो समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

व्यापक शिक्षा सुधारों का हिस्सा

राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए छात्रवृत्ति, शुल्क माफी और शिक्षण संस्थानों में अवसंरचना विकास सहित कई समानांतर उपाय किए हैं। निःशुल्क प्रवेश योजना इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है।

गौरतलब है कि 1,85,796 लाभार्थियों का यह आंकड़ा चालू शैक्षणिक वर्ष का है और वर्ष के अंत तक इसमें और वृद्धि की संभावना है। सरकार इस कार्यक्रम को असम में उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

85,796 का यह आंकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या शुल्क माफी के बाद छात्र पाठ्यक्रम पूरा भी कर रहे हैं — नामांकन और उत्तीर्णता दर दो अलग पैमाने हैं। असम का सकल नामांकन अनुपात राष्ट्रीय औसत से पीछे रहा है, और शुल्क माफी एक ज़रूरी लेकिन पर्याप्त नहीं कदम है — गुणवत्तापूर्ण शिक्षक, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और रोज़गार से जुड़े पाठ्यक्रम इसके साथ ज़रूरी हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि इन लाभार्थियों में से कितने ग्रामीण और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग से हैं, ताकि समावेशिता का दावा सत्यापन-योग्य बन सके।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम की निःशुल्क प्रवेश योजना क्या है?
यह असम सरकार का एक कल्याणकारी शिक्षा कार्यक्रम है जिसके तहत राज्य के सरकारी और प्रांतीय महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले पात्र छात्रों का प्रवेश शुल्क सरकार वहन करती है। इस शैक्षणिक वर्ष में 1,85,796 छात्र इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
इस योजना से कितने छात्रों को लाभ मिला है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, चालू शैक्षणिक वर्ष में अब तक 1,85,796 स्नातक छात्रों के प्रवेश शुल्क का भुगतान सरकार द्वारा किया जा चुका है। यह आंकड़ा वर्ष के अंत तक और बढ़ सकता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों पर वित्तीय बोझ कम करना, उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट दर घटाना और विशेष रूप से ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में कॉलेज नामांकन बढ़ाना है।
क्या यह योजना सभी कॉलेजों पर लागू होती है?
नहीं, यह योजना असम के सरकारी और प्रांतीय (provincialised) महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों तक सीमित है। निजी संस्थान इस योजना के दायरे में नहीं आते।
असम सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए और क्या कदम उठाए हैं?
निःशुल्क प्रवेश योजना के अलावा, असम सरकार ने हाल के वर्षों में छात्रवृत्ति, शुल्क माफी और शिक्षण संस्थानों में अवसंरचना विकास जैसे कई उपाय किए हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने शिक्षा में निवेश को राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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