असम सरकार की नई योजनाएं: छात्रों के लिए आर्थिक सहायता का एक नया युग
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम सरकार ने राज्य के छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान और डिग्री पूरी करने के बाद वित्तीय सहयोग देकर उनके सपनों को नई उड़ान देना है।
सरकार की पहली योजना 'निजुत मोइना योजना' है। इस योजना के तहत, राज्य के कॉलेजों में डिग्री कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को पहले वर्ष में हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) छात्रों को 2,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। यह योजना केवल उन्हीं छात्रों के लिए है जिनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपए से कम है। इस योजना के तहत पहले से ही कई छात्रों को लाभ मिल चुका है।
निजुत मोइना योजना की सफलता के बाद, अन्य छात्रों के लिए भी इसी तरह की सहायता योजना की मांग उठने लगी थी। इस पर विचार करते हुए, राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल, मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना, की शुरुआत की है।
इस नई योजना में, डिग्री पूरी करने के बाद विशेष रूप से छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अक्सर स्नातक के बाद कई युवतियां तुरंत नौकरी नहीं पा पाती हैं और लोक सेवा आयोग, बैंकिंग परीक्षाओं या अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों की तैयारी करती हैं। इस दौरान उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना का उद्देश्य इस संक्रमण काल में छात्रों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने करियर की तैयारी कर सकें।
इन योजनाओं के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम का जेन-जी अपनी सोच और क्षमता में अलग पहचान रखता है। राज्य सरकार युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में हर संभव मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा केवल सरकार की उपलब्धियों को दिखाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास है।
छात्र ऋषिकेश मणि ने कहा कि पहले विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों को स्टाइपेंड नहीं मिलता था, लेकिन अब सरकार की इस पहल से विद्यार्थियों को बड़ी मदद मिलेगी।
एक अन्य छात्र ने कहा कि पहले यह सुविधा केवल छात्राओं के लिए थी, लेकिन अब लड़कों को भी इसका लाभ मिल रहा है, जिससे पढ़ाई पर और बेहतर ध्यान दिया जा सकेगा।
छात्राओं ने भी योजनाओं का स्वागत किया। एक छात्रा ने कहा कि अब उन्हें पढ़ाई के लिए माता-पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। दूसरी छात्रा ने बताया कि जिन छात्रों को घर से आर्थिक मदद नहीं मिलती, वे भी अब अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। एक अन्य छात्रा ने कहा कि इस सहायता से परीक्षा फॉर्म भरने और आगे की पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी।