क्या गुजरात सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना' मेडिकल पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए वरदान है?
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार की योजना ने छात्रों को बहुत लाभ पहुँचाया है।
- छात्राओं की ड्रॉपआउट रेट में कमी आई है।
- 4 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध है।
- 2017-18 के बाद से छात्राओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
- यह योजना लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है।
अहमदाबाद, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात की बेटियों के लिए राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना' एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के अंतर्गत कई छात्राएं अहमदाबाद के डॉक्टर एमके शाह मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं।
वास्तव में, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना बालिकाओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है। इसके तहत छात्राओं को मेडिकल कॉलेज की महंगी फीस अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है।
अंकलेश्वर की एक चिकित्सा छात्रा राशि ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे मेडिकल की फीस चुका सकें। उन्होंने बताया, 'हमने सरकार की इस योजना का लाभ उठाया है और हमें 'मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना' के तहत फीस भरने में मदद मिली है।'
अरवल्ली की छात्रा मनाली ने कहा, 'मैंने एमबीबीएस की पढ़ाई करने का सपना देखा था, लेकिन हमारे परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं थी। मुझे इस योजना का लाभ मिला है।'
इस योजना के अंतर्गत 6 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को 'नीट' परीक्षा पास करने के बाद मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए 4 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 2017-18 में शुरू होने के बाद से इस योजना के कारण गुजरात के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
एमकेएस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एमएम प्रभाकर ने कहा कि गुजरात सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना' से छात्राओं को बहुत लाभ हुआ है और इससे ड्रॉपआउट रेट में कमी आई है। हमारे कॉलेज की कई लड़कियों को इस योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है।
योजना के तहत वर्ष 2024-25 में गुजरात सरकार की ओर से 5,155 छात्राओं को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 162.69 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद दी गई है। अब तक इस योजना के तहत राज्य में 26,972 छात्राओं को डॉक्टर बनने के लिए 798.11 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
गुजरात और पूरे देश के विकास के लिए यह बहुत आवश्यक है कि बेटियां सक्षम बनें। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की दूरदर्शी नेतृत्व में यह योजना पीएम नरेंद्र मोदी के बेटियों को सशक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।