गौतम गंभीर बोले — सैमसन को बाहर करना करियर का सबसे मुश्किल फैसला, वैभव को करना होगा इंतजार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने 18 सितंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि संजू सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखना उनके कोचिंग करियर का 'शायद सबसे मुश्किल' फैसला था, और युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल अपने मौके का इंतजार करना होगा। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से जीती, जिसमें वैभव को एक भी मैच खेलने का अवसर नहीं मिला।
सैमसन पर गंभीर का बड़ा बयान
गंभीर ने सैमसन की प्रतिभा की जमकर तारीफ करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि उसकी प्रतिभा ही उसे प्रभावित करने के लिए काफी है। उसने दिखा दिया कि वह क्या कर सकता है। कोई भी वर्ल्ड कप में बिना प्रतिभा के 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' नहीं बनता।' उन्होंने जोड़ा कि सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर रखने का निर्णय उनके लिए 'शायद सबसे मुश्किल' था।
यह ऐसे समय में आया है जब टी20 विश्व कप 2026 जीतने वाली सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर टीम प्रबंधन ने एक बार फिर भरोसा जताया और इसका फायदा भी हुआ।
अभिषेक-सैमसन जोड़ी का दमदार प्रदर्शन
अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों मैचों में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने मिलकर कुल 346 रन बनाए। अभिषेक ने 3 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक जड़े, जबकि सैमसन ने 2 अर्धशतक लगाए। तीसरे टी20 में दोनों ने पहले विकेट के लिए 142 रन की साझेदारी की, जो सीरीज की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी रही।
गंभीर ने इस जोड़ी को मौका देने पर कहा, 'मैं हमेशा अपने नजरिए से बहुत साफ था कि हम वर्ल्ड कप के दौरान जो कॉम्बिनेशन था, उसी के साथ वापस जाना चाहते हैं, क्योंकि तीन या चार बार फेल होने के बाद वे बुरे खिलाड़ी नहीं बन जाते।'
वर्ल्ड कप चैंपियन टीम पर अटल भरोसा
गंभीर ने टीम की निरंतरता पर जोर देते हुए कहा, 'अगर कोई टीम एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक बिना हारे रही है और वर्ल्ड कप जीती है, तो मुझे यकीन है कि वह एक जबरदस्त टीम है। एक या दो सीरीज के बाद यह खराब टीम नहीं बन जाती।' गौरतलब है कि यह बयान उस बहस के बीच आया है जिसमें युवा खिलाड़ियों को जल्द मौका देने की माँग उठ रही थी।
वैभव सूर्यवंशी को करना होगा इंतजार
बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था और वहाँ 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे थे। इसके बावजूद उन्हें अफगानिस्तान सीरीज में एक भी मैच नहीं मिला। गंभीर ने स्पष्ट किया, 'उन्हें साफ-साफ बताया गया था कि वह कहाँ हैं, और इंडिया के लिए खेलने की लाइन में उम्र कोई मायने नहीं रखती। हम जानते हैं कि उनमें किस तरह की प्रतिभा है, लेकिन उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा।'
यह भारतीय टीम प्रबंधन की उस नीति का संकेत है जिसमें सिद्ध खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है और युवाओं को सही समय और सही मंच पर उतारा जाता है। आने वाली सीरीज में वैभव के खेलने की संभावना पर नज़र बनी रहेगी।