मोहम्मद कैफ का तीखा बयान: संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के साथ अपेशेवर व्यवहार, टीम मैनेजमेंट सवालों के घेरे में
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने 12 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-4 की करारी हार के बाद टीम इंडिया के मैनेजमेंट पर कड़ा प्रहार किया है। कैफ ने सीधे तौर पर कहा कि संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी को जिस तरह से हैंडल किया गया, वह किसी भी पैमाने पर पेशेवर नहीं था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय क्रिकेट में प्लेइंग इलेवन की अस्थिरता पर चारों तरफ से सवाल उठ रहे हैं।
कैफ का एक्स पर बयान
मोहम्मद कैफ ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, 'भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन को इतने भ्रम और उलझन में कभी नहीं देखा। वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन को हैंडल करने का तरीका पेशेवर नहीं रहा है। एक जेनरेशन की प्रतिभा है, दूसरा विश्व कप विजेता। उन्हें आत्मविश्वास देने की जरूरत है।' गौरतलब है कि कैफ स्वयं एक अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं और टीम प्रबंधन की कार्यशैली पर उनकी यह प्रतिक्रिया क्रिकेट जगत में व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।
सैमसन और सूर्यवंशी के साथ क्या हुआ
संजू सैमसन आयरलैंड के खिलाफ 2 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में रन बनाने में विफल रहे, जिसके बाद उन्हें अचानक टीम से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। सूर्यवंशी भी लगातार 3 पारियों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके, और इसके बाद पाँचवें टी20 में सैमसन को फिर से टीम में वापस लाया गया। शीर्ष क्रम में इस लगातार फेरबदल ने न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को प्रभावित किया, बल्कि टीम की सामूहिक लय को भी बिगाड़ा।
सीरीज का प्रदर्शन और नतीजा
टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम आयरलैंड के खिलाफ 2 टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलने गई थी। दोनों ही सीरीज में टीम इंडिया को एक भी जीत नसीब नहीं हुई। इंग्लैंड ने 4-0 से सीरीज जीतकर टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में पहला स्थान हासिल कर लिया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत विश्व कप विजेता की हैसियत से मैदान में उतरा था, जो इस हार को और भी चुभने वाला बनाता है।
आगे क्या होगा
भारतीय टीम का अगला दौरा जिम्बाब्वे का है, जहाँ 3 टी20 मैच खेले जाने हैं। इस दौरे से पहले टीम मैनेजमेंट को प्लेइंग इलेवन की स्थिरता और खिलाड़ियों के चयन की रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। आलोचकों का कहना है कि यदि शीर्ष क्रम में निरंतरता नहीं आई, तो जिम्बाब्वे दौरे के नतीजे भी निराशाजनक हो सकते हैं।