क्या सत्ता के लिए भूखा है महागठबंधन? अशोक गहलोत चुनावी रणनीतिकार के रूप में क्यों विफल हुए: मदन राठौड़
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इंडिया गठबंधन और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के पास न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई वैचारिक आधार। उनका आरोप है कि यह गठबंधन पूरी तरह से सत्ता की भूख से प्रेरित है और इसमें राष्ट्र के लिए दूरदर्शिता का अभाव है।
भाजपा नेता मदन राठौड़ ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य किसी भी कीमत पर सत्ता प्राप्त करना है। विकास और जनकल्याण उनके एजेंडे में कहीं नहीं है। यह एक बेमेल और अवसरवादी गठबंधन है, जो विश्वास से नहीं, बल्कि सुविधा से बंधा है। जो कभी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी थे, वे अब केवल सत्ता की भूख मिटाने के लिए एक मंच साझा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस महागठबंधन के पास विकास, सुशासन, या आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस कार्यक्रम का अभाव है।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बिहार की जनता इस सच्चाई को समझ चुकी है और ऐसे गठबंधन से गुमराह नहीं होगी।
महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को सीएम चेहरे घोषित करने को मदन राठौड़ ने मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए एक राजनीतिक नौटंकी बताया।
उन्होंने कहा कि उनका मुख्यमंत्री का चेहरा सिर्फ छल से सत्ता हासिल करने का एक प्रलोभन है। कोई नहीं जानता कि इस गठबंधन में कब विश्वासघात हो जाए। इसमें विश्वसनीयता और सुसंगतता का अभाव है।
भाजपा नेता मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत राजनीति करने में भले ही कुशल हों, लेकिन चुनावी रणनीति बनाने में वे बुरी तरह विफल रहे हैं। कांग्रेस ने उन्हें जहां भी चुनावी रणनीतिकार बनाया, वहां अंततः भाजपा को ही फायदा हुआ। गुजरात और महाराष्ट्र में उनके नेतृत्व में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा और अब जब उन्हें बिहार भेजा गया है तो परिणाम फिर से भाजपा के पक्ष में होंगे।