बेनीवाल का BJP प्रदेश अध्यक्ष राठौर पर पलटवार: सामाजिक बहिष्कार की धमकी पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने 30 मई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर द्वारा उनके सामाजिक बहिष्कार के आह्वान की कड़ी निंदा की। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि वे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और राठौर के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया।
संविधान और कानून की दुहाई
मीडिया को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि भारत एक संवैधानिक और विधिक ढाँचे के अंतर्गत चलता है, जिसमें खाप पंचायतों तक को सामाजिक बहिष्कार लागू करने से रोका गया है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे में सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किसी के सामाजिक बहिष्कार का आह्वान करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और कानूनी सीमाओं का सीधा उल्लंघन है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
BJP पर सत्ता में आते ही पलटी मारने का आरोप
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राजस्थान की जनता ने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान पेपर लीक, बढ़ते अपराध और माफियाओं की कथित मनमानी से उपजे असंतोष के कारण BJP को वोट दिया था। उनका दावा है कि सत्ता में आते ही BJP ने अपना रुख बदल लिया और जिन मुद्दों पर उसने विपक्ष में रहते हुए राज्यव्यापी आंदोलन किए, उन पर अब चुप्पी साध ली है।
जैसलमेर गोकशी और पेपर लीक माफिया पर सवाल
हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए बेनीवाल ने जैसलमेर में लगभग 500 गायों की मौत पर BJP की चुप्पी को निशाने पर लिया। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए पार्टी इसी तरह के मामलों में सड़क पर उतर आती थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले 'पेपर लीक माफिया' के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का वादा किया था, परंतु ढाई साल सत्ता में रहने के बाद भी राज्य सरकार किसी बड़े सरगना को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।
RLP की 'तीसरी राजनीतिक शक्ति' की पहचान
बेनीवाल ने स्वीकार किया कि वर्तमान में RLP के पास राजस्थान विधानसभा में कोई विधायक नहीं है। फिर भी उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने राज्य में एक 'तीसरी राजनीतिक शक्ति' के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर ली है और जन मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। गौरतलब है कि RLP ने पिछले वर्षों में नागौर और आसपास के क्षेत्रों में अपना जनाधार बनाए रखा है।
आगे क्या होगा
बेनीवाल ने दोहराया कि वे कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श जारी रखे हुए हैं और राठौर के बयान पर न्यायिक कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। यह विवाद राजस्थान की राजनीति में BJP और क्षेत्रीय दलों के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक निहितार्थ और गहरे हो सकते हैं।