राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में भोपाल में उबाल: जीतू पटवारी हिरासत में, विधायक CM कार्यालय के बाहर धरने पर
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दिल्ली में गिरफ्तारी की प्रतिक्रिया में 22 जुलाई को भोपाल में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तीव्र हो गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री कार्यालय के ठीक सामने धरना शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा।
राजभवन घेराव और पुलिस से टकराव
जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल राजभवन का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब पटवारी सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चली। अंततः पुलिस ने पटवारी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का धरना
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया। सिंघार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित बर्बरता के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी तथा उनके साथ कथित तौर पर की गई अभद्रता भाजपा सरकार की तानाशाही का शर्मनाक चेहरा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा तक हम छात्रों के सम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्य की आवाज को न घसीटा जा सकता है, न गिरफ्तार किया जा सकता है — लोकतंत्र की इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।
मंत्री विजयवर्गीय पर 'कॉक्रोच' वाले बयान का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में छात्रों को कथित तौर पर 'कॉक्रोच' कहकर इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार किया। इसके बाद विजयवर्गीय कथित तौर पर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों को धमकाने भी पहुँचे। कांग्रेस ने माँग की है कि मंत्री विजयवर्गीय छात्रों से सार्वजनिक माफी माँगें।
व्यापक संदर्भ: छात्र आंदोलन से जुड़ी राजनीति
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में छात्रों के एक प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि राहुल गांधी उस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुँचे थे, जहाँ उन्हें गिरफ्तार किया गया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन राज्य में विपक्षी दल की सक्रियता और केंद्र सरकार के विरुद्ध उसकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस विधायकों का धरना देर रात तक जारी रहा और आने वाले दिनों में पार्टी के और प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जीतू पटवारी की हिरासत के बाद पार्टी की अगली कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।