कांग्रेस किसानों की समस्याओं के समर्थन में सड़क पर उतरेगी: जीतू पटवारी
सारांश
Key Takeaways
- किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है।
- दतिया विधानसभा प्रकरण में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ।
- किसान कल्याण वर्ष के नाम पर किसान शोषण हो रहा है।
- सरकार की गेहूं खरीद नीति में असंगतियाँ हैं।
- कांग्रेस का प्रदर्शन किसानों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
भोपाल, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) कांग्रेस कमेटी की मध्य प्रदेश इकाई के प्रमुख जीतू पटवारी ने दतिया विधानसभा मामले, किसानों की चिंताजनक स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरेगी.
जीतू पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्या समाप्त करने का कदम लोकतंत्र का उल्लंघन है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें न्याय के लिए 60 दिनों का समय दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आधी रात को विधानसभा सचिवालय को खोलकर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी।
पटवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ पेड न्यूज का मामला लंबित है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो सरकार के दोहरे मापदंड को उजागर करता है।
किसान समस्याओं पर जोर देते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के नाम पर वास्तव में किसान शोषण वर्ष मनाया जा रहा है। खाद के लिए किसानों को लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार खाद की कमी से लगातार इनकार करती रही।
उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किसानों के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत राशि खर्च नहीं की गई, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल उठता है।
पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीद में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने केवल 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का आवेदन किया। यह लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की लापरवाही को दर्शाती है।
राज्य में गेहूं खरीद की तारीखों में बढ़ोतरी पर चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल की तारीखें दी गई हैं, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ी, जिससे लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी. भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज को बुलंद करेंगे।