कराची में बढ़ते बंदूक हिंसा के मामले, लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं: रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- कराची में बढ़ती बंदूक हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
- पिछले तीन दिनों में नौ लोग घायल हुए हैं।
- पुलिस का दावा है कि अपराध घटे हैं, लेकिन जनता असहमत है।
- सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
- आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस्लामाबाद, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के कराची में बंदूक हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्थानीय समाचारों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में नौ लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन महिलाएं और कुछ किशोर लड़के भी शामिल हैं। लोग डर और चिंता का सामना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे सड़क पर अपराधियों और गोलीबारी से असुरक्षित महसूस करते हैं।
पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, कराची में होने वाली अंधाधुंध गोलीबारी की घटनाओं के कारण लोग न केवल सड़क पर, बल्कि अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि शहर में अपराध की दर में कमी आई है, लेकिन आम जनता इसे स्वीकार नहीं कर रही। पुलिस ने कहा है कि सभी हमलों की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
पहली घटना में 22 वर्षीय अयान को गौस पाक रोड के पास गोली लगी। दूसरी घटना में 45 वर्षीय शेरीना बलदिया में घायल हुईं। तीसरी घटना में 52 वर्षीय जमिला बेगम को लियाकताबाद दस के अल-आजम स्क्वायर में गोली लगी।
एक अलग घटना में 27 वर्षीय बिलाल अहमद को उत्तरी कराची में गोली लगी, जबकि चकीवाड़ा में 12 वर्षीय मुजम्मिल घायल पाया गया।
एक और घटना में 30 वर्षीय मुर्तजा को गबोल टाउन में गोली लगी और 28 वर्षीय नोमान चाकीवाड़ा में घायल हुए। 74 वर्षीय नसीर पापोष नगर में और 39 वर्षीय नजमा ओरंगी टाउन में गोली लगने से घायल हुए।
कराची में गोलीबारी की ये घटनाएं 4 से 6 अप्रैल के बीच हुईं। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी लोग अनजान दिशाओं से आई गोलियों का शिकार हुए।
आलोचकों का कहना है कि पुलिस गोलीबारी को रोकने में असफल रही है, जिसके कारण आम लोग परेशान हैं।
पिछले साल नवंबर में कराची में 4,700 से अधिक सड़क अपराध हुए थे। सिटीजन पुलिस लायजन कमेटी (सीपीएलसी) के आंकड़ों के अनुसार, 160 वाहन चोरी और झपटमारी की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, 3,143 मोटरसाइकिल चोरी के मामले दर्ज हुए। 1,403 लोगों के मोबाइल भी बंदूक के बल पर छीन लिए गए। इसके अतिरिक्त, एक अपहरण और 15 फिरौती की घटनाएं भी हुईं। शहर में 39 हत्या और अन्य हिंसक अपराध भी दर्ज किए गए।