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कतर यात्रा पर पहुंचे मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी आपूर्ति पर करेंगे महत्वपूर्ण वार्ता

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कतर यात्रा पर पहुंचे मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी आपूर्ति पर करेंगे महत्वपूर्ण वार्ता

सारांश

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दोहा पहुंचकर ईरान संघर्ष के चलते एलएनजी आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की। यह यात्रा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

हरदीप सिंह पुरी की कतर यात्रा का उद्देश्य एलएनजी आपूर्ति पर चर्चा करना है।
कतर एनर्जी ने 'फोर्स मेजर' लागू किया है।
भारत गैस के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहा है।
कतर को संकट से 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से वार्ता की थी।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज अपनी दो दिवसीय यात्रा पर दोहा में कदम रखा। उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर भारत के कतर में राजदूत विपुल और कतर एनर्जी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौजूदगी दर्ज कराई।

इस यात्रा का आयोजन पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बीच किया गया है। मंत्री पुरी यहां ईरान संघर्ष के चलते प्रभावित हुई लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति पर महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होने के बावजूद, भारत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयासरत है।

कतर की सरकारी कंपनी कतर एनर्जी ने पिछले महीने दीर्घकालिक एलएनजी आपूर्ति अनुबंधों पर 'फोर्स मेजर' लागू कर दिया था, जिसके कारण इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के लिए गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई। हालाँकि, भारत का नाम इस सूची में नहीं था, लेकिन कतर से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख देशों में भारत भी शामिल है।

कतर एनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद से कतर पर ईरान के हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे को नुकसान हुआ है। इससे देश की लगभग 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है।

हमलों में कतर के 14 एलएनजी संयंत्रों में से 2 और 2 गैस-टू-लिक्विड (जीटीएल) सुविधाओं में से एक को नुकसान पहुंचा है, जिससे लगभग 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि इसके मरम्मत में तीन से पांच वर्ष का समय लग सकता है।

इस संकट के कारण कतर को हर साल लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं, विशेषकर यूरोप और एशिया के देशों में।

इससे पहले, मार्च में प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत की थी और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की थी। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी बल दिया था।

इस बीच, भारतीय कंपनियाँ एलएनजी की आपूर्ति के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रही हैं, जिसका उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र में किया जा रहा है।

भारत ने 2025 में लगभग 25.5 मिलियन टन एलएनजी का आयात किया था और सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश के कुल ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह वार्ता भारत की घरेलू गैस आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप सिंह पुरी कतर क्यों गए हैं?
हरदीप सिंह पुरी कतर में ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित एलएनजी आपूर्ति पर महत्वपूर्ण वार्ता के लिए गए हैं।
कतर एनर्जी ने 'फोर्स मेजर' क्यों लागू किया?
कतर एनर्जी ने एलएनजी सप्लाई अनुबंधों पर 'फोर्स मेजर' लागू किया क्योंकि ईरान के हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे को नुकसान हुआ।
भारत की गैस जरूरतें कैसे पूरी होंगी?
भारत एलएनजी के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रहा है।
कतर को इस संकट से कितना नुकसान हो सकता है?
इस संकट के कारण कतर को हर साल लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से क्या बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा की और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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