जीतू पटवारी के भाई की गिरफ्तारी पर भाजपा का पलटवार: खण्डेलवाल बोले, कानून सबके लिए बराबर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्यप्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने 10 जुलाई को भोपाल में स्पष्ट किया कि आपराधिक जाँच के दायरे में आए व्यक्तियों को बचाने के लिए 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी रणनीति है। यह बयान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने अपने भाई की पुलिस हिरासत को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस द्वारा जीतू पटवारी के भाई को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्तारूढ़ दल की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि पटवारी का बयान 'तथ्यों से परे, भ्रामक और राजनीतिक लाभ लेने का असफल प्रयास' है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जिस व्यक्ति के समर्थन में कांग्रेस खड़ी है, उसके विरुद्ध पहले से ही कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
भाजपा सरकार का रुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के बारे में खण्डेलवाल ने कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो रहा है — अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार में किसी की पहचान उसके राजनीतिक रिश्तों से नहीं, बल्कि उसके कृत्यों से होती है।' कानून की कार्यप्रणाली पर उन्होंने जोड़ा कि यह न किसी के दबाव में, न किसी के प्रभाव में और न किसी के प्रति द्वेष की भावना से काम करता है।
कांग्रेस पर सीधा हमला
खण्डेलवाल ने कहा कि जब कानून अपना काम कर रहा है, तब जाँच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना न्याय व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह यह भ्रम पूरी तरह त्याग दे कि राजनीतिक पद, पारिवारिक संबंध या रसूख कानून से ऊपर हो सकते हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दल ने किसी परिजन की गिरफ्तारी को 'रिवेंज पॉलिटिक्स' का नाम दिया हो — यह एक परिचित पैटर्न है जो राज्य की राजनीति में बार-बार देखा जाता है।
क्या होगा आगे
मध्यप्रदेश पुलिस के अनुसार, मामले में तथ्यों, साक्ष्यों और विधि सम्मत प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी। यह देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे को किस तरह राजनीतिक रूप से आगे ले जाती है और क्या न्यायालय में कोई याचिका दायर होती है।