बीकानेर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर हमला: पिता-पुत्र 6 साल के लिए निलंबित, शशिकला राठौर की भूमिका की जांच
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के बीकानेर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल पर हुए हमले के मामले में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक पिता-पुत्र की जोड़ी को तत्काल प्रभाव से छह वर्षों के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, बीकानेर नगर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष शशिकला राठौर की कथित संलिप्तता की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 50 में एक चुनाव कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल पर हमला किया गया। इस घटना ने बीकानेर में पार्टी के भीतर सुलग रहे मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया। हमले के तुरंत बाद पीसीसी ने आरोपी पिता-पुत्र को निलंबित कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी।
मेघवाल की लिखित शिकायत और नया मोड़
घटना में एक अतिरिक्त पेच तब आया जब मेघवाल ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि बीकानेर नगर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शशिकला राठौर इस हमले के पीछे कथित साजिश में शामिल थीं। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हुए हैं और राठौर ने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जांच के आदेश
शिकायत के आधार पर राजस्थान पीसीसी ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह को शशिकला राठौर की कथित भूमिका की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। सारिका सिंह को दो दिनों के भीतर पीसीसी मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शशिकला राठौर कौन हैं
शशिकला राठौर कई वर्षों से कांग्रेस संगठन में सक्रिय हैं। वे पहले बीकानेर देहात (ग्रामीण) महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जुलाई 2025 में हुए संगठनात्मक फेरबदल के दौरान सारिका सिंह ने उन्हें बीकानेर नगर महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया था और उन्होंने सितंबर 2025 में नारी न्याय सम्मेलन में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया था।
आगे क्या होगा
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि राठौर के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कदम पूरी तरह जांच के परिणाम पर निर्भर करेगा। यह घटना राजस्थान में कांग्रेस के आंतरिक संगठनात्मक तनाव को उजागर करती है, जो आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच पार्टी के लिए एक असहज स्थिति बन गई है।