भोजपुर बाढ़ पीड़ितों के लिए पवन सिंह ने उठाई आवाज़, CM सम्राट चौधरी से युद्धस्तर पर राहत की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह ने 3 सितंबर 2026 को अपने गृह जिले भोजपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की विभीषिका को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बाढ़ प्रभावित इलाकों की तस्वीरें साझा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल युद्धस्तर पर तेज़ करने की अपील की।
बाढ़ की स्थिति: क्या है ज़मीनी हकीकत
भोजपुर जिले के पीपरपाती, आरा सहित कई इलाकों में गंगा का पानी सड़कों, घरों और गाँवों तक पहुँच चुका है। कई परिवार अपने ही घरों में कैद हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में कटान के कारण लोगों के घर और ज़मीन तबाह होने का खतरा मँडरा रहा है। सड़कें और पुलियाएँ क्षतिग्रस्त होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए आवागमन भी दूभर हो गया है।
पवन सिंह का भावुक संदेश
पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'पीपरपाती, आरा सहित भोजपुर के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आ रही तस्वीरें और लोगों की तकलीफ देखकर मन बेहद दुखी है। कहीं घरों में पानी घुस गया है, कहीं परिवार अपने ही घर में कैद होकर रह गए हैं, तो कहीं बाढ़ और कटान के कारण लोगों के सिर से छत और पैरों के नीचे की जमीन तक छिनने का डर बना हुआ है।' उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने वर्षों की मेहनत से अपना घर बसाया, आज वही सब कुछ संकट में है।
पवन सिंह ने आगे लिखा कि वह जल्द ही पीपरपाती और आरा सहित सभी बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में पहुँचकर लोगों की तकलीफ को करीब से देखेंगे और हर संभव सहयोग करेंगे। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा — 'सेवा भी करेंगे, सहयोग भी करेंगे और आवाज़ भी उठाएंगे। आपका अपना बेटा-भाई — पवन।'
CM सम्राट चौधरी से क्या माँगें रखीं
पवन सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से विशेष रूप से अपील की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयाँ और ज़रूरी राहत सामग्री पहुँचाई जाए। उन्होंने माँग की कि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त नावें और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ तथा जहाँ कटान का खतरा हो, वहाँ तत्काल ठोस बचाव इंतज़ाम किए जाएँ।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई जिलों में मानसून के कारण नदियाँ उफान पर हैं। भोजपुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर केवल घरों को नहीं, बल्कि खेतों, आजीविका और सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित कर रहा है। गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ हर साल लाखों लोगों की ज़िंदगी अस्त-व्यस्त कर देती है, और राहत की धीमी गति पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
पवन सिंह ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। उनकी अपील के बाद अब सरकारी तंत्र की प्रतिक्रिया पर नज़रें टिकी हैं। राहत कार्य में तेज़ी और कटान-प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की माँग आने वाले दिनों में और मुखर हो सकती है।