एशियन गेम्स 2026: वीवीएस लक्ष्मण बनेंगे भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच, खेल मंत्रालय की मुहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण आगामी आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की कोचिंग जिम्मेदारी संभालेंगे। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 3 सितंबर को 768 सदस्यीय भारतीय दल की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसकी पुष्टि की। इस दल में 503 एथलीट, 246 टीम अधिकारी व सहयोगी स्टाफ और 19 स्टाफ दल सदस्य शामिल हैं।
गंभीर को आराम, लक्ष्मण की वापसी
नियमित हेड कोच गौतम गंभीर को वेस्टइंडीज के विरुद्ध आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज से पहले आराम दिया गया है, जिसके चलते लक्ष्मण एशियन गेम्स में पुरुष टीम की बागडोर संभालेंगे। यह पहली बार नहीं है — लक्ष्मण ने इससे पहले जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के विरुद्ध टी20 सीरीज के दौरान भी टीम की देखरेख की थी, जब गंभीर को इंग्लैंड व्हाइट-बॉल सीरीज के बाद विश्राम दिया गया था।
सहयोगी स्टाफ और महिला टीम की व्यवस्था
मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, सुनील जोशी, ऋषिकेश कानितकर और सुभादीप घोष लक्ष्मण के सहयोगी कोच के रूप में पुरुष टीम के साथ जुड़ेंगे। वहीं, अमोल मजूमदार एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कोचिंग जिम्मेदारी निभाएंगे।
मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरेंगी दोनों टीमें
भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमें इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर मैदान में उतरेंगी। 2022 हांग्जो एशियन गेम्स में ऋतुराज गायकवाड़ की अगुआई में मुख्यतः दूसरी पंक्ति की पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में महिला टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। गौरतलब है कि यह लगातार खिताब बचाने का दबाव दोनों टीमों पर होगा।
मैच स्थल और रहने की व्यवस्था
जापान में क्रिकेट की सीमित लोकप्रियता को देखते हुए एशियन गेम्स के क्रिकेट मुकाबले कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आयोजित होंगे — यह एक नवनिर्मित मैदान है, जो सेंट्रल नागोया से ट्रेन द्वारा लगभग 40 मिनट की दूरी पर स्थित है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नाओकी एलेक्स मियाजी के अनुसार, मेजबान क्षेत्र में कमरों की सीमित उपलब्धता के कारण भाग लेने वाली टीमों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है।
आगे क्या
एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट इवेंट में भारत का प्रदर्शन न केवल खिताब बचाने की दृष्टि से अहम होगा, बल्कि यह लक्ष्मण की कोचिंग क्षमता की भी परीक्षा होगी। COE प्रमुख के रूप में उनकी भूमिका और मैदान पर सफलता का सीधा असर भविष्य की टीम प्रबंधन नीतियों पर पड़ सकता है।