केरल में 'व्हाइट लाइन-लाइफलाइन' अभियान: जेब्रा क्रॉसिंग उल्लंघन पर 1,038 वाहन चालकों पर केस, ₹2.50 लाख जुर्माना
सारांश
मुख्य बातें
केरल पुलिस के ट्रैफिक और रोड सेफ्टी मैनेजमेंट विंग ने 20 से 25 अगस्त 2026 के बीच चलाए गए 'व्हाइट लाइन-लाइफलाइन' अभियान में राज्यभर में 55,207 वाहनों की जाँच की और जेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों को रास्ता न देने के 1,038 मामले दर्ज किए। उल्लंघनकर्ताओं पर कुल ₹2.50 लाख का जुर्माना लगाया गया। यह अभियान तिरुवनंतपुरम सहित पूरे केरल के प्रमुख जंक्शनों, दुर्घटना-संभावित स्थलों और पैदल यात्रियों के व्यस्त मार्गों पर केंद्रित रहा।
अभियान का स्वरूप और कार्यक्षेत्र
यह विशेष प्रवर्तन अभियान ट्रैफिक और रोड सेफ्टी मैनेजमेंट के इंस्पेक्टर जनरल के निर्देशों पर चलाया गया। इसमें जिला पुलिस प्रमुखों, ट्रैफिक जोनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और ट्रैफिक एनफोर्समेंट यूनिट्स ने सक्रिय भागीदारी की। एनफोर्समेंट टीमें उन जंक्शनों पर तैनात की गईं जहाँ पैदल यात्रियों का आवागमन सर्वाधिक रहता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन चालक क्रॉसिंग के पास गति कम करें और पैदल यात्रियों के कानूनी 'राइट ऑफ वे' (रास्ता पाने के अधिकार) का सम्मान करें।
पुलिस ने उन वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जो जेब्रा क्रॉसिंग के निकट पहुँचते या उसे पार करते समय गति कम करने में विफल रहे, अत्यधिक तेज़ गति से वाहन चलाया अथवा पैदल यात्रियों के अधिकार की अनदेखी की।
जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी
प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ अधिकारियों ने जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए, जिनमें वाहन चालकों और सड़क उपयोगकर्ताओं को जेब्रा क्रॉसिंग के महत्व तथा जिम्मेदार वाहन संचालन के बारे में निर्देश दिए गए। पुलिस की 'शुभयात्रा' सड़क सुरक्षा पहल के अंतर्गत आम नागरिक व्हाट्सएप नंबर 9747001099 पर यातायात उल्लंघनों की सूचना दे सकते हैं। शिकायत के साथ उल्लंघन की फोटो, ऑडियो या वीडियो, तथा ज़िला, स्थान, तारीख, समय और वाहन का पंजीकरण नंबर संलग्न करना आवश्यक है।
केरल की सड़कों पर पैदल यात्री सुरक्षा की चुनौती
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब केरल की तेज़ी से बढ़ती यातायात घनत्व के बीच पैदल यात्रियों की सुरक्षा एक सतत चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि जेब्रा क्रॉसिंग कानूनी रूप से पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग की गारंटी देती है, फिर भी 55,207 वाहनों की जाँच में 1,038 उल्लंघन — अर्थात् लगभग प्रत्येक 53 में से एक वाहन — का पाया जाना इस नियम के व्यापक अनुपालन की कमी को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
ट्रैफिक और रोड सेफ्टी मैनेजमेंट विंग के अनुसार, यह अभियान एकबारगी कार्रवाई नहीं है — राज्यभर में इसी प्रकार के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। बार-बार नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस का लक्ष्य सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी को प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिकों, दोनों के बीच साझा करना है — ताकि जेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों को अपने अधिकार के लिए संघर्ष न करना पड़े।