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उत्तम कुमार की जयंती: बंगाली सिनेमा के वो 4 सदाबहार गीत जो आज भी दिलों में बसे हैं

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उत्तम कुमार की जयंती: बंगाली सिनेमा के वो 4 सदाबहार गीत जो आज भी दिलों में बसे हैं

सारांश

उत्तम कुमार सिर्फ अभिनेता नहीं थे — वे उस दौर के गीतों की आत्मा थे। उनकी जयंती पर 'सप्तपदी' से 'एंटनी फिरिंगी' तक के वे चार गीत याद आते हैं, जिन्हें हेमंत कुमार, मन्ना डे और संध्या मुखर्जी की आवाज़ों ने अमर किया — और जो आज भी बंगाल की सांस्कृतिक पहचान हैं।

मुख्य बातें

उत्तम कुमार की जयंती पर उन पर फिल्माए गए 4 सदाबहार बंगाली गीतों को याद किया जा रहा है।
'एइ पोथ जोदि ना शेष होय' — 1961 की फिल्म 'सप्तपदी' का यह गीत बंगाली सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित रोमांटिक गीतों में गिना जाता है।
इस गीत की शूटिंग में सुचित्रा सेन की बाइक संतुलन की समस्या के लिए मूविंग प्रोजेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
हेमंत कुमार ने उत्तम कुमार के लिए सर्वाधिक गीत गाए और संगीत निर्देशन भी किया।
'अमि जामिनी तुमी शशी हे' — फिल्म 'एंटनी फिरिंगी' में मन्ना डे की आवाज़ में यह गीत बंगाली रोमांटिक गीतों का क्लासिक माना जाता है।

बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की जयंती पर उनके अभिनय से सजे वे गीत एक बार फिर चर्चा में हैं, जो दशकों बाद भी बंगाल की सांस्कृतिक धड़कन बने हुए हैं। उत्तम कुमार केवल एक अभिनेता नहीं थे — वे एक ऐसी उपस्थिति थे जो परदे पर गीत को भी अभिनय में बदल देते थे। उनकी चिरपरिचित मुस्कान, स्वाभाविक हाव-भाव और ऑन-स्क्रीन करिश्मे ने उस दौर के संगीत को एक नई पहचान दी।

अमि जे जल घरेते — प्रेम और चुलबुलेपन का संगम

फिल्म 'काल तुमी आले' में फिल्माया गया यह रोमांटिक युगल गीत हेमंत कुमार की मखमली आवाज़ और उन्हीं के संगीत निर्देशन में तैयार हुआ था। गीतकार गौरिप्रसन्न मजूमदार के बोल आज भी पुराने बंगाली गानों के प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं। परदे पर उत्तम कुमार और साबित्री चटर्जी के बीच की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इस गीत को विशेष बनाती है — उत्तम कुमार की सहज अदायगी ने इसे अमर कर दिया।

एइ पोथ जोदि ना शेष होय — 'सप्तपदी' का कालजयी प्रेमगीत

बंगाली सिनेमा के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित रोमांटिक गीतों में शुमार यह नगमा 1961 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सप्तपदी' में फिल्माया गया था, जिसमें उत्तम कुमार के साथ महान अभिनेत्री सुचित्रा सेन थीं। इस गीत को हेमंत कुमार और संध्या मुखर्जी ने अपनी जादुई आवाज़ें दीं — हेमंत की आवाज़ उत्तम कुमार पर और संध्या की आवाज़ सुचित्रा सेन पर हूबहू सटीक बैठती है।

इस गीत की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी है। सुचित्रा सेन को बाइक पर बैठना नहीं आता था और वे शूटिंग के दौरान संतुलन खोने से डर रही थीं। इस समस्या के समाधान के लिए एक खड़ी बाइक के नीचे पहिए लगाए गए और पृष्ठभूमि में मूविंग प्रोजेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया, ताकि बाइक के चलने का भ्रम बना रहे।

मुछे जावा दिन गुली — बीते लम्हों की मार्मिक याद

'मुछे जावा दिन गुली' — जिसका हिंदी अर्थ है 'वे दिन जो बीत गए हैं' — बांग्ला सिनेमा और संगीत के इतिहास के सबसे सदाबहार गीतों में से एक है। इसे हेमंत कुमार ने गाया और उत्तम कुमार पर फिल्माया गया। इस गीत में नायक अपने बीते हुए कल, पुरानी यादों और खोए हुए प्रेम को याद करता है। गीत की पंक्तियाँ यह भाव जगाती हैं कि समय चाहे जितना बदल जाए, दिल के किसी कोने में वे पुराने दिन हमेशा जीवित रहते हैं।

अमि जामिनी तुमी शशी हे — 'एंटनी फिरिंगी' का अमर प्रेमगीत

बंगाली फिल्म 'एंटनी फिरिंगी' में फिल्माया गया यह गीत मन्ना डे की जादुई आवाज़ और संगीतकार अनिल बागची के मधुर संगीत से सजा है। 'अमि जामिनी तुमी शशी हे' का अर्थ है — 'मैं रात हूँ और तुम चंद्रमा।' यह गीत प्रकृति के प्रतीकों के माध्यम से दो प्रेमियों के अटूट और पवित्र प्रेम को अभिव्यक्त करता है। बंगाली सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ रोमांटिक गीतों में इसकी गणना की जाती है।

उत्तम कुमार की विरासत

उत्तम कुमार पर फिल्माए गए ये गीत केवल संगीत नहीं हैं — ये बंगाली सांस्कृतिक स्मृति के जीवित दस्तावेज़ हैं। हेमंत कुमार, मन्ना डे और संध्या मुखर्जी जैसे दिग्गज गायकों की आवाज़ों के साथ उत्तम कुमार की अभिनय-प्रतिभा ने मिलकर एक ऐसी विरासत रची जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनकी जयंती पर इन गीतों को याद करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उस स्वर्णिम युग की पुनर्यात्रा है जिसे बंगाली सिनेमा ने संजोकर रखा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली बात यह है कि इन गीतों की दीर्घायु केवल भावुकता का नतीजा नहीं है — यह उस दौर की तकनीकी रचनात्मकता और कलाकारों के बीच के असाधारण तालमेल का प्रमाण है। 'सप्तपदी' की शूटिंग में प्रोजेक्शन तकनीक का इस्तेमाल बताता है कि संसाधनों की सीमा के बावजूद उस पीढ़ी ने कितनी कुशलता से काम किया। आज जब डिजिटल स्ट्रीमिंग ने पुरानी बंगाली फिल्मों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया है, तो यह देखना ज़रूरी है कि इन गीतों को केवल 'विरासत' के खाँचे में न डालें — ये समकालीन संगीतकारों के लिए एक जीवंत पाठशाला हैं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तम कुमार पर फिल्माया गया सबसे प्रसिद्ध गीत कौन सा है?
'एइ पोथ जोदि ना शेष होय' को बंगाली सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित रोमांटिक गीतों में गिना जाता है, जो 1961 की फिल्म 'सप्तपदी' में उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन पर फिल्माया गया था। इसे हेमंत कुमार और संध्या मुखर्जी ने गाया था।
उत्तम कुमार की जयंती कब होती है?
उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को हुआ था, इसलिए 3 सितंबर को उनकी जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर बंगाली सिनेमा जगत उनके योगदान को याद करता है।
'सप्तपदी' की शूटिंग में बाइक वाले दृश्य को कैसे फिल्माया गया था?
सुचित्रा सेन को बाइक पर संतुलन बनाने में कठिनाई थी, इसलिए एक खड़ी बाइक के नीचे पहिए लगाए गए और पृष्ठभूमि में मूविंग प्रोजेक्शन तकनीक का उपयोग किया गया। इससे परदे पर बाइक चलने का यथार्थ भ्रम उत्पन्न हुआ।
उत्तम कुमार के गीतों में किन गायकों की आवाज़ सबसे अधिक सुनाई देती है?
उत्तम कुमार के लिए सर्वाधिक गीत हेमंत कुमार ने गाए, जिन्होंने कई फिल्मों में संगीत निर्देशन भी किया। मन्ना डे की आवाज़ भी 'एंटनी फिरिंगी' जैसी फिल्मों में उन पर बखूबी फिट बैठी।
'अमि जामिनी तुमी शशी हे' गीत का अर्थ क्या है?
इस बंगाली गीत का हिंदी अर्थ है 'मैं रात हूँ और तुम चंद्रमा।' यह फिल्म 'एंटनी फिरिंगी' का गीत है जो प्रकृति के प्रतीकों के माध्यम से दो प्रेमियों के अटूट प्रेम को व्यक्त करता है।
राष्ट्र प्रेस
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