मन की बात में PM मोदी ने उत्तम कुमार को दी श्रद्धांजलि, जन्म-शताब्दी पर बोले- 'दिलों पर राज करते रहेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके अभिनय, संघर्ष तथा समाजसेवा की भावना को नमन किया। यह श्रद्धांजलि ऐसे समय आई जब 3 सितंबर 2026 को उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाई जाने वाली है।
मन की बात में PM का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा, 'कुछ ही दिनों में, 3 सितंबर को, हम महानायक उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाएंगे। वह एक वर्सेटाइल एक्टर थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रच-बस गए।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म प्रेमियों का मानना है कि महान निर्देशक सत्यजीत रे ने फिल्म 'नायक-द हीरो' की पूरी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। मोदी ने सत्यजीत रे के उस कथन का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने उत्तम कुमार में 'गरिमा के साथ-साथ अद्भुत भावनात्मक गहराई' की बात कही थी।
संघर्ष और दृढ़ता की प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने उत्तम कुमार के जीवन को एक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा, 'उनकी शुरुआती फिल्में ज्यादा नहीं चलीं, लेकिन उन्होंने अपने काम पर फोकस बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की।' मोदी ने यह भी जोड़ा कि उत्तम कुमार अपनी सहजता के साथ-साथ समाजसेवा (फिलैंथ्रॉपी) के लिए भी जाने जाते थे।
PM की निजी स्मृति
प्रधानमंत्री ने कोलकाता से जुड़ी एक निजी याद भी साझा की। उन्होंने कहा, 'मुझे ध्यान है कि जब मैं कोलकाता में रोड शो कर रहा था, तो मैं उत्तम कुमार के घर के सामने से भी गुजरा था। वहां मुझे एक व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर भी भेंट की थी।' उन्होंने अंत में कहा, 'वे हमेशा हम सब के दिलों पर राज करते रहेंगे।'
उत्तम कुमार: एक युगपुरुष का परिचय
उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को कलकत्ता में हुआ था। उनका असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था। उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम 1948 में फिल्म 'दृष्टिदान' से रखा। प्रारंभिक दौर में संघर्ष के बावजूद, अभिनेत्री सुचित्रा सेन के साथ उनकी जोड़ी ने बंगाली सिनेमा में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा। 'सप्तपदी', 'हरानो सुर', 'सागरिका' और 'इंद्राणी' जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह दिलाई।
बहुआयामी कलाकार की विरासत
उत्तम कुमार ने रोमांटिक हीरो की छवि से परे 'नायक', 'चिरियाखाना', 'एंथनी फिरंगी' और 'अमानुष' जैसी फिल्मों में विविध किरदार निभाए। उन्होंने निर्देशन और निर्माण में भी हाथ आजमाया। 24 जुलाई 1980 को उनका निधन हुआ, लेकिन बंगाली सिनेमा में उनकी विरासत आज भी अमर है। उनकी जन्म-शताब्दी पर देशभर में उन्हें याद किए जाने की तैयारियाँ जारी हैं।