30 अगस्त 2026
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मन की बात में PM मोदी ने उत्तम कुमार को दी श्रद्धांजलि, जन्म-शताब्दी पर बोले- 'दिलों पर राज करते रहेंगे'

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मन की बात में PM मोदी ने उत्तम कुमार को दी श्रद्धांजलि, जन्म-शताब्दी पर बोले- 'दिलों पर राज करते रहेंगे'

सारांश

PM मोदी ने 'मन की बात' में महानायक उत्तम कुमार को उनकी जन्म-शताब्दी की पूर्व संध्या पर याद किया — सत्यजीत रे की नज़र से उनकी भावनात्मक गहराई को सराहा और उनके संघर्ष को राष्ट्रीय प्रेरणा बताया। 3 सितंबर 1926 को जन्मे इस महानायक की विरासत आज भी बंगाली सिनेमा की आत्मा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को 'मन की बात' में महानायक उत्तम कुमार को श्रद्धांजलि दी।
3 सितंबर 2026 को उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी।
PM ने सत्यजीत रे की फिल्म 'नायक-द हीरो' का विशेष उल्लेख करते हुए उत्तम कुमार की भावनात्मक गहराई को सराहा।
उत्तम कुमार का असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था; जन्म 3 सितंबर 1926 , निधन 24 जुलाई 1980 ।
मोदी ने कोलकाता रोड शो के दौरान उत्तम कुमार के घर के सामने से गुज़रने की निजी स्मृति साझा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके अभिनय, संघर्ष तथा समाजसेवा की भावना को नमन किया। यह श्रद्धांजलि ऐसे समय आई जब 3 सितंबर 2026 को उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाई जाने वाली है।

मन की बात में PM का संबोधन

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा, 'कुछ ही दिनों में, 3 सितंबर को, हम महानायक उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी मनाएंगे। वह एक वर्सेटाइल एक्टर थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रच-बस गए।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि फिल्म प्रेमियों का मानना है कि महान निर्देशक सत्यजीत रे ने फिल्म 'नायक-द हीरो' की पूरी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। मोदी ने सत्यजीत रे के उस कथन का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने उत्तम कुमार में 'गरिमा के साथ-साथ अद्भुत भावनात्मक गहराई' की बात कही थी।

संघर्ष और दृढ़ता की प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने उत्तम कुमार के जीवन को एक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा, 'उनकी शुरुआती फिल्में ज्यादा नहीं चलीं, लेकिन उन्होंने अपने काम पर फोकस बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की।' मोदी ने यह भी जोड़ा कि उत्तम कुमार अपनी सहजता के साथ-साथ समाजसेवा (फिलैंथ्रॉपी) के लिए भी जाने जाते थे।

PM की निजी स्मृति

प्रधानमंत्री ने कोलकाता से जुड़ी एक निजी याद भी साझा की। उन्होंने कहा, 'मुझे ध्यान है कि जब मैं कोलकाता में रोड शो कर रहा था, तो मैं उत्तम कुमार के घर के सामने से भी गुजरा था। वहां मुझे एक व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर भी भेंट की थी।' उन्होंने अंत में कहा, 'वे हमेशा हम सब के दिलों पर राज करते रहेंगे।'

उत्तम कुमार: एक युगपुरुष का परिचय

उत्तम कुमार का जन्म 3 सितंबर 1926 को कलकत्ता में हुआ था। उनका असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था। उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम 1948 में फिल्म 'दृष्टिदान' से रखा। प्रारंभिक दौर में संघर्ष के बावजूद, अभिनेत्री सुचित्रा सेन के साथ उनकी जोड़ी ने बंगाली सिनेमा में एक स्वर्णिम अध्याय लिखा। 'सप्तपदी', 'हरानो सुर', 'सागरिका' और 'इंद्राणी' जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह दिलाई।

बहुआयामी कलाकार की विरासत

उत्तम कुमार ने रोमांटिक हीरो की छवि से परे 'नायक', 'चिरियाखाना', 'एंथनी फिरंगी' और 'अमानुष' जैसी फिल्मों में विविध किरदार निभाए। उन्होंने निर्देशन और निर्माण में भी हाथ आजमाया। 24 जुलाई 1980 को उनका निधन हुआ, लेकिन बंगाली सिनेमा में उनकी विरासत आज भी अमर है। उनकी जन्म-शताब्दी पर देशभर में उन्हें याद किए जाने की तैयारियाँ जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी जन्म-शताब्दी पर यह श्रद्धांजलि सांस्कृतिक एकता के साथ-साथ चुनावी राज्य में भावनात्मक जुड़ाव का भी संदेश देती है। हालाँकि, इससे इतर, मोदी का उत्तम कुमार के संघर्ष और दृढ़ता को राष्ट्रीय प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना बंगाली सिनेमा की उस विरासत को उचित सम्मान भी है जो दशकों से राष्ट्रीय मुख्यधारा में उपेक्षित रही।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 'मन की बात' में उत्तम कुमार को क्यों याद किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 30 अगस्त को 'मन की बात' में उत्तम कुमार को उनकी आगामी जन्म-शताब्दी (3 सितंबर 2026) के अवसर पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उत्तम कुमार के अभिनय, समाजसेवा और जीवन में कभी हार न मानने की भावना को राष्ट्रीय प्रेरणा बताया।
उत्तम कुमार कौन थे और उनकी विरासत क्या है?
उत्तम कुमार (असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय) बंगाली सिनेमा के महानायक थे, जिनका जन्म 3 सितंबर 1926 को कलकत्ता में हुआ था। 'सप्तपदी', 'नायक-द हीरो' और 'एंथनी फिरंगी' जैसी फिल्मों से उन्होंने बंगाली सिनेमा को नई ऊँचाई दी और 24 जुलाई 1980 को उनका निधन हुआ।
सत्यजीत रे और उत्तम कुमार के बीच क्या संबंध था?
फिल्म प्रेमियों का मानना है कि सत्यजीत रे ने अपनी चर्चित फिल्म 'नायक-द हीरो' की पूरी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। PM मोदी ने 'मन की बात' में सत्यजीत रे के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने उत्तम कुमार में 'गरिमा के साथ-साथ अद्भुत भावनात्मक गहराई' की बात कही थी।
उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी कब है?
उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी 3 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। PM मोदी ने इसी उपलक्ष्य में 'मन की बात' में उन्हें याद किया और देशवासियों को इस अवसर की जानकारी दी।
उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन की जोड़ी क्यों प्रसिद्ध थी?
उत्तम कुमार और अभिनेत्री सुचित्रा सेन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने बंगाली सिनेमा में एक अलग युग शुरू किया। 'सप्तपदी', 'हरानो सुर', 'सागरिका' और 'इंद्राणी' जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद किया और यह बंगाली सिनेमा की सबसे यादगार जोड़ियों में से एक मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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