उत्तम कुमार की 100वीं जयंती: रितुपर्णा सेनगुप्ता बोलीं — 'ऐसा कलाकार दोबारा नहीं होगा'
सारांश
मुख्य बातें
बांग्ला सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की 100वीं जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल में भव्य समारोह की तैयारियाँ जोर पकड़ चुकी हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर वरिष्ठ अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता ने 24 जुलाई को अपनी प्रतिक्रिया साझा की और राज्य सरकार की इस पहल को गर्व का विषय बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तम कुमार जैसा कलाकार एक बार ही आता है — उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।
सरकार की पहल और समारोह की रूपरेखा
पश्चिम बंगाल सरकार ने महानायक उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी को राज्यस्तरीय उत्सव के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। आधिकारिक कार्यक्रम 3 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित किए जाएँगे — 3 सितंबर उत्तम कुमार का जन्मदिन है। इस दौरान उनके नाम पर एक नया 'फिल्म केंद्र' स्थापित करने की योजना है, जो सिनेमा और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का केंद्र बनेगा।
इसके अतिरिक्त कोलकाता नगर निगम द्वारा संचालित पारंपरिक 'उत्तम मंच' के नवीनीकरण का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तम कुमार की कला विरासत और उनसे जुड़ी स्मृतियाँ आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचें।
रितुपर्णा सेनगुप्ता की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में रितुपर्णा सेनगुप्ता ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बिल्कुल अद्भुत और शानदार पहल है कि हमारे मुख्यमंत्री ने महानायक उत्तम कुमार को याद करने और उन्हें सम्मान देने का कदम उठाया है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है।'
रितुपर्णा ने यह भी बताया कि वे श्री शिल्पी संसद की अध्यक्ष हैं — वह संस्था जिसकी नींव स्वयं उत्तम कुमार ने जरूरतमंद कलाकारों की सहायता के लिए रखी थी। उन्होंने कहा, 'मैं श्री शिल्पी संसद से जुड़ी हूँ, जिसकी स्थापना उत्तम कुमार ने उस समय जरूरतमंद कलाकारों की सहायता के लिए की थी। इसलिए मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।'
महानायक की अद्वितीय विरासत
रितुपर्णा ने उत्तम कुमार को बांग्ला सिनेमा का ऐसा स्तंभ बताया जिसे दोहराया नहीं जा सकता। उनके शब्दों में, 'महानायक उत्तम कुमार केवल एक ही हैं। वह जो थे, वही रहेंगे और आने वाले समय में भी हमेशा याद किए जाएँगे।' गौरतलब है कि उत्तम कुमार ने अपने करियर में बांग्ला फिल्मों को एक नई पहचान दी और दशकों बाद भी उनकी लोकप्रियता अटूट बनी हुई है।
आम जनता और सिनेमा जगत पर असर
यह समारोह केवल एक स्मृति-उत्सव नहीं है — यह बांग्ला सिनेमा की सांस्कृतिक जड़ों को पुनर्जीवित करने का अवसर भी है। नए फिल्म केंद्र की स्थापना से कोलकाता और पश्चिम बंगाल में सिनेमाई गतिविधियों को संस्थागत समर्थन मिलेगा, जिससे उभरते कलाकारों को भी लाभ होगा।
आगे क्या होगा
3 से 6 सितंबर 2025 के बीच होने वाले इन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, फिल्म प्रदर्शनियाँ और स्मृति-संगोष्ठियाँ शामिल होने की संभावना है। उत्तम मंच के नवीनीकरण और नए फिल्म केंद्र की स्थापना के साथ, यह जन्मशताब्दी बांग्ला सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनने जा रही है।