7 नवंबर 2026
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ओणम से पहले केरल आबकारी विभाग का बड़ा अभियान: 7 दिन में 2,332 मामले, 715 गिरफ्तार

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ओणम से पहले केरल आबकारी विभाग का बड़ा अभियान: 7 दिन में 2,332 मामले, 715 गिरफ्तार

सारांश

ओणम से ठीक पहले केरल आबकारी विभाग ने राज्यभर में बड़ा प्रहार किया है — सात दिन में 2,332 मामले, 715 गिरफ्तारियाँ और 8,200 लीटर से अधिक अवैध स्पिरिट की जब्ती। 5 सितंबर तक चलने वाला यह अभियान बहु-एजेंसी समन्वय और 24 घंटे के कंट्रोल रूम के साथ केरल की अब तक की सबसे बड़ी त्योहार-पूर्व आबकारी कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

केरल आबकारी विभाग के 'ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव' के पहले 7 दिनों में 2,332 मामले दर्ज और 715 गिरफ्तारियाँ ।
राज्यभर में 3,157 छापे मारे गए और 41 वाहन जब्त किए गए।
पय्यानूर में 7,000 लीटर और अंगमाली में 1,200 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त; दोनों मामलों की जाँच जारी।
दर्ज मामलों में 264 ड्रग्स , 618 आबकारी और 1,450 सीओटीपीए (तंबाकू) से संबंधित।
अभियान 1 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक; शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 155358 ।

केरल आबकारी विभाग ने ओणम पर्व से पूर्व राज्यभर में अवैध शराब, स्पिरिट, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। 1 अगस्त से शुरू हुए 'ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव' के पहले सात दिनों में 2,332 मामले दर्ज किए गए और 715 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान 5 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा।

अभियान का दायरा और आँकड़े

सात दिनों में पूरे राज्य में 3,157 छापे मारे गए और 41 वाहन जब्त किए गए। दर्ज 2,332 मामलों में से 264 मामले ड्रग्स से संबंधित थे, 618 मामले आबकारी (शराब) कानून के तहत और 1,450 मामले सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) के अंतर्गत दर्ज किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब केरल का पारंपरिक फसल उत्सव ओणम इस महीने की 23 तारीख से शुरू होने वाला है। त्योहारी मौसम में अवैध नशीले पदार्थों की माँग और आपूर्ति में वृद्धि की आशंका के मद्देनज़र यह कार्रवाई की गई है।

दो बड़े स्पिरिट जब्ती मामले

अभियान के दौरान अवैध स्पिरिट की ढुलाई से जुड़े दो बड़े मामले सामने आए। पय्यानूर आबकारी टीम ने 7,000 लीटर अवैध स्पिरिट जब्त की, जबकि अंगमाली आबकारी टीम ने एक अलग ऑपरेशन में 1,200 लीटर स्पिरिट बरामद की। दोनों मामलों की जाँच जारी है।

बहु-एजेंसी समन्वय और नियंत्रण कक्ष

विभाग ने पुलिस, वन विभाग, राजस्व, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), तटीय पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाए हैं। सीमावर्ती चेक पोस्टों पर निगरानी कड़ी की गई है और पड़ोसी राज्यों की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि अवैध सामग्री की अंतर-राज्यीय आवाजाही पर लगाम लगाई जा सके।

तिरुवनंतपुरम स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में एक संयुक्त आबकारी आयुक्त के नेतृत्व में 24 घंटे सक्रिय राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें दो आबकारी निरीक्षकों सहित आठ सदस्यों की विशेष टीम तैनात है। इसी तर्ज पर सभी जिलों में उप-आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में जिला-स्तरीय कंट्रोल रूम भी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

विशेष ऑपरेशन और जन-जागरूकता

विभाग ने 'ऑपरेशन शुद्धि' — जो ताड़ी और ताड़ी की दुकानों से जुड़ी जाँच को सुदृढ़ करने के लिए है — और 'ऑपरेशन थंडर' — जो समग्र प्रवर्तन गतिविधियों को तीव्र करने के लिए शुरू किया गया है — को और अधिक सक्रिय किया है। ड्रग्स की पहचान की क्षमता बढ़ाने के लिए सभी जिलों में एनडीपीएस डिटेक्शन किट वितरित की गई हैं, जिनसे लार के नमूनों के ज़रिए नशीले पदार्थों का प्रारंभिक पता लगाया जा सकता है।

स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। वार्ड, पंचायत और जिला स्तर पर 'आबकारी जन-जागरूकता समितियों' के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 'मायांगिला केरल' अभियान के तहत रोकथाम, कानून प्रवर्तन, जागरूकता, नशा-मुक्ति और पुनर्वास को समाहित करते हुए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

आयुक्त की अपील

आबकारी आयुक्त श्रीराम सांबासिवा राव ने नागरिकों से अपील की है कि वे शराब, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 155358 पर संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। ओणम के समापन तक यह अभियान जारी रहेगा और आने वाले हफ्तों में कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर रही हैं या महज खुदरा पकड़ तक सीमित हैं। पिछले वर्षों के ओणम अभियानों में भी बड़ी संख्याएँ सामने आई थीं, फिर भी त्योहार के दौरान अवैध शराब से जुड़ी मौतें और दुर्घटनाएँ रुकी नहीं। 1,450 सीओटीपीए मामले बताते हैं कि तंबाकू प्रवर्तन को अब प्राथमिकता मिल रही है — जो स्वागतयोग्य बदलाव है। लेकिन जब तक अंतर-राज्यीय स्पिरिट तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई नहीं होती, ये आँकड़े जवाबदेही के बजाय आश्वासन अधिक लगते हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल आबकारी विभाग का ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव क्या है?
यह 1 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक चलने वाला राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान है, जिसका उद्देश्य ओणम पर्व के दौरान अवैध शराब, स्पिरिट, ड्रग्स और तंबाकू उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगाना है। पहले सात दिनों में ही 2,332 मामले दर्ज और 715 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
अभियान में अब तक कितनी अवैध स्पिरिट जब्त की गई?
अभियान के दौरान दो बड़े ऑपरेशनों में कुल 8,200 लीटर से अधिक अवैध स्पिरिट जब्त की गई — पय्यानूर में 7,000 लीटर और अंगमाली में 1,200 लीटर। दोनों मामलों की जाँच जारी है।
इस अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
केरल आबकारी विभाग के साथ पुलिस, वन विभाग, राजस्व, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), तटीय पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं। पड़ोसी राज्यों की एजेंसियों के साथ भी अंतर-राज्यीय तस्करी रोकने के लिए समन्वय बैठकें हो रही हैं।
अवैध शराब या ड्रग्स की जानकारी कहाँ दें?
आबकारी आयुक्त श्रीराम सांबासिवा राव के अनुसार, नागरिक टोल-फ्री नंबर 155358 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
ओणम 2026 कब से शुरू हो रहा है और अभियान कब तक चलेगा?
केरल का पारंपरिक फसल उत्सव ओणम 23 अगस्त 2026 से शुरू होगा। आबकारी विभाग का विशेष प्रवर्तन अभियान 5 सितंबर 2026 तक, यानी ओणम के बाद भी, जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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