ओणम से पहले केरल की बड़ी उपलब्धि: 100 दिनों में 73,024 राशन कार्ड जारी, ₹253 करोड़ की सब्सिडी मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने सोमवार, 3 अगस्त 2026 को घोषणा की कि उसने अपने 100 दिवसीय एक्शन प्रोग्राम के तहत 73,024 नए प्रायोरिटी राशन कार्ड और 2,000 अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड निर्धारित समय-सीमा के भीतर वितरित कर दिए हैं। तिरुवनंतपुरम में आयोजित राज्य-स्तरीय वितरण कार्यक्रम में यह ऐलान करते हुए सरकार ने इसे वर्षों से लंबित आवेदनों के बैकलॉग को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
मुख्य घटनाक्रम
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने बताया कि खाद्य विभाग ने शुरुआत में 50,000 प्रायोरिटी राशन कार्ड वितरित करने का लक्ष्य तय किया था। लेकिन आवेदनों की तेज़ जाँच और प्रोसेसिंग के कारण यह संख्या बढ़कर 73,024 हो गई — जो प्रारंभिक लक्ष्य से 23,000 से अधिक कार्ड ज़्यादा है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के उस निर्देश के बाद हासिल हुई, जिसमें सभी विभागों को पहले 100 दिनों में जनकल्याण कार्यक्रम शुरू करने को कहा गया था। सतीसन सरकार ने 18 मई 2026 को शपथ ली थी।
ओणम के लिए विशेष तैयारी
आगामी ओणम त्योहार को देखते हुए सरकार ने बाज़ार हस्तक्षेप कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए सप्लाईको को ₹253 करोड़ मंजूर किए हैं। इस राशि से सभी श्रेणियों के राशन कार्ड धारकों को सब्सिडी वाला अनाज और ज़रूरी सामान उपलब्ध कराया जाएगा। पूरे केरल में ओणम के लिए विशेष मेले और मार्केट इंटरवेंशन आउटलेट संचालित किए जाएंगे।
राशन कार्ड धारकों को अगस्त में ही सितंबर का राशन कोटा उठाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि त्योहार के दौरान बढ़ी हुई माँग को आसानी से पूरा किया जा सके। इसके अलावा, सप्लाईको के मावेली स्टोर ओणम के दौरान ₹27 प्रति किलो के रियायती दाम पर चावल बेचेंगे।
आम जनता पर असर
मंत्री जैकब ने स्पष्ट किया कि नए कार्ड धारकों को अगस्त 2026 से ही प्राथमिकता वाले राशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। राज्य की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि कल्याणकारी योजनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि लंबे समय से अटके राशन कार्ड आवेदनों को निपटाना विभाग की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा गया था।
आगे की योजना
मंत्री ने बताया कि सप्लाईको और लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के सभी प्रोजेक्ट भी 100 दिन की समय-सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। साथ ही, सिविल सप्लाईज़ कॉरपोरेशन को मज़बूत करने और राज्यभर में ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई मार्केटिंग रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। यह कदम सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।