केरल बजट 2026: हर परिवार को ₹25 लाख तक मुफ्त इलाज, युवाओं को ब्याज-मुक्त लोन, ₹87,012 करोड़ की देनदारी स्वीकार
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 19 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल विधानसभा के पटल पर अपना पहला बजट पेश किया — ढाई दशक से अधिक के विधायी अनुभव के बाद पहली बार वित्तीय दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हुए। बजट की शुरुआत में ही उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर जारी श्वेत पत्र के हवाले से स्वीकार किया कि केरल गंभीर वित्तीय संकट से गुज़र रहा है, फिर भी सरकार 'नए दौर के केरल' के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्तीय संकट और बजट का आधार
सतीशन ने बताया कि राज्य की कुल देनदारियाँ — जिनमें केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) और सोशल सिक्योरिटी कंपनी का हिस्सा भी शामिल है — ₹87,012 करोड़ हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट 'सुशासन और संवेदना' के सिद्धांतों पर टिका है, जिसमें कल्याणकारी वादों और निवेश-आधारित विकास के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की उधारी सीमाएँ केंद्र सरकार के साथ विवाद का विषय बनी हुई हैं।
स्वास्थ्य और युवाओं के लिए बड़े ऐलान
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने 'ओमन चांडी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम' की घोषणा की, जिसके तहत राज्य के हर परिवार को ₹25 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इस योजना के प्रारंभिक क्रियान्वयन के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, केरल को चिकित्सा और शोध के केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु ₹100 करोड़ के बजट से 'केरल हेल्थ एंड लाइफ साइंस सिटी' बनाई जाएगी।
युवाओं के लिए 'जेन-जी' एंटरप्रेन्योर स्टार्टअप पहल की शुरुआत की जाएगी, जिसके लिए प्रारंभिक रूप से ₹50 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस योजना के तहत युवा इनोवेटर्स को आर्थिक सहायता, ब्याज-मुक्त लोन, सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
निवेश, उद्योग और रोज़गार
सरकार ने राज्यभर में 10,000 MSME इकाइयाँ स्थापित करने में सहायता के लिए 'केरल MSME ग्रोथ स्कीम' का ऐलान किया, जिसमें रिवॉल्विंग फंड, सलाहकार सेवाएँ और वित्तीय सहायता शामिल होगी। 'इन्वेस्ट केरल सेल' एक सिंगल-विंडो प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जो भूमि आवंटन, अनुमतियों और निवेशक सहायता से जुड़ी बाधाओं को दूर करेगा।
समुद्री क्षेत्र में 'मिशन समुद्र' के ज़रिए बंदरगाहों, सड़कों, रेलवे और अंतर्देशीय जलमार्गों को एकीकृत कर केरल को एक समुद्री हब बनाने की महत्वाकांक्षी योजना रखी गई है। विझिनजम में जहाज़ निर्माण केंद्र और कोल्लम, बेपोर तथा अजिक्कल बंदरगाहों के सुदृढ़ीकरण का भी प्रस्ताव है। राज्य के चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को जोड़कर केरल को दक्षिण भारत का एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की योजना भी बजट में शामिल है।
शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सामाजिक कल्याण
बजट में 'केरल नॉलेज वैली' के निर्माण का प्रस्ताव है, जिसका उद्देश्य वैश्विक विश्वविद्यालयों को आकर्षित करना और उच्च शिक्षा व शोध सुविधाओं को मज़बूत करना है। 'फ्यूचर रेडीनेस थिंक टैंक' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अग्रणी तकनीकी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
सामाजिक कल्याण के मोर्चे पर बुजुर्गों के लिए 'सिल्वर इकोनॉमी' कार्यक्रम, देखभालकर्ताओं के लिए प्रमाणन पाठ्यक्रम, आदिवासी स्वास्थ्य क्लस्टर, तटीय देखभाल इकाइयाँ और दुर्लभ बीमारियों के उपचार में सहायता के उपाय घोषित किए गए। कृषि क्षेत्र में रबर का समर्थन मूल्य ₹200 से बढ़ाकर ₹250 प्रति किलोग्राम किया गया है, मछली पालन को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा और एससी/एसटी कल्याण के लिए अतिरिक्त निधि का प्रावधान है।
संस्कृति, पर्यटन और आगे की राह
बजट में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने, कोच्चि में फिल्म सिटी स्थापित करने और प्रसिद्ध हस्तियों के लिए सांस्कृतिक केंद्र व स्मारक बनाने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि यह बजट ऐसे समय में आया है जब केरल की राजकोषीय स्थिति केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय संबंधों की बहस के केंद्र में है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की रूपरेखा और वित्तपोषण के स्रोत स्पष्ट होंगे।