केरल बजट 2026-27: सीएम वीडी सतीशन का पहला बजट, 'नए दौर के केरल' का रोडमैप पेश
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 19 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में राज्य विधानसभा के समक्ष 2026-27 का संशोधित बजट पेश किया — यह उनके ढाई दशक से अधिक लंबे विधायी जीवन में पहली बार बजट प्रस्तुति का अवसर था। वित्त विभाग का कार्यभार स्वयं संभाल रहे सतीशन ने बजट की थीम 'सुशासन और संवेदना' रखी, जिसमें बुनियादी ढाँचे के विकास और कल्याणकारी उपायों को एक साथ प्राथमिकता दी गई है।
ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक महत्व
सतीशन के इस कदम से वे केरल के उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल में बजट पेश किया। उनसे पहले केवल आर. शंकर और ओमन चांडी ने ही मुख्यमंत्री के रूप में यह जिम्मेदारी निभाई थी। केरल की सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार के लिए यह बजट स्पष्ट जनादेश के बाद पहला नीतिगत दस्तावेज़ है।
वित्तीय संकट और चुनौतियाँ
सतीशन ने बजट भाषण में राज्य की 'श्वेत पत्र' के आँकड़ों का हवाला देते हुए स्वीकार किया कि केरल गंभीर आर्थिक दबाव में है। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में केंद्र के हिस्से का गलत अनुमान लगाया गया था, जिससे राज्य को ₹20,500 करोड़ की राजस्व कमी का सामना करना पड़ेगा। इसके परिणामस्वरूप ₹35,000 करोड़ की वार्षिक योजना राशि में भी उसी अनुपात में कटौती अपरिहार्य होगी।
उन्होंने केआईआईबीएफ (KIIBF) परियोजनाओं को वित्तीय असंतुलन का एक प्रमुख कारण बताया और इसके कामकाज की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा की। आने वाले वर्षों में वेतन संशोधन के प्रभाव सहित बड़ी वित्तीय देनदारियों की चेतावनी भी उन्होंने दी।
कल्याणकारी योजनाएँ और सामाजिक प्रतिबद्धताएँ
आर्थिक तंगी के बावजूद सरकार ने कल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दोहराया। बजट में केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख किया गया। चुनावी वादे के अनुरूप कल्याणकारी पेंशन को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की प्रतिबद्धता को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की गई, जिसके अंतर्गत सभी परिवारों को ₹25 लाख का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाएगा।
निवेश, बुनियादी ढाँचा और 'मिशन समुद्र'
निवेश आकर्षित करने के लिए बजट में 10,000 एमएसएमई स्थापित करने हेतु ₹100 करोड़ की सहायता और जमीन अधिग्रहण व मंजूरी में देरी जैसी बाधाओं को दूर करने के लिए 'इन्वेस्ट केरल सेल' बनाने की घोषणा की गई। कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप एक ग्लोबल कन्वेंशन सेंटर और राज्य के चारों हवाई अड्डों के समन्वित विकास के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए गए।
बजट का सबसे महत्वाकांक्षी प्रस्ताव 'मिशन समुद्र' है, जिसके तहत समुद्र तट, बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों को एकीकृत कर केरल की समुद्री अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए गए हैं। विझिनजम में जहाज निर्माण केंद्र, कोल्लम, बेपोर और अझिक्कल बंदरगाहों का विकास तथा केरल समुद्री नीति का निर्माण भी इसी के अंतर्गत होगा। एक समुद्री संग्रहालय के लिए ₹50 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
युवा प्रतिभा और प्रवासी अर्थव्यवस्था की दिशा
सतीशन ने स्वीकार किया कि केरल के प्रवासी नागरिक राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं, किंतु अब केवल रेमिटेंस पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, "अब हम अपने राज्य को निवेश-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए उनका समर्थन चाहते हैं।" बजट में रोजगार और कौशल के अवसर सृजित कर युवा प्रतिभाओं को राज्य में बनाए रखने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त एक अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम और 'केरल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग एंड डिजाइन' की भी स्थापना की घोषणा की गई। यह बजट केरल को रेमिटेंस-आधारित अर्थव्यवस्था से निवेश-चालित विकास की ओर ले जाने का पहला औपचारिक प्रयास है।