ओणम 2025: केरल सरकार का ₹448 करोड़ का बाज़ार हस्तक्षेप, मुफ्त किट और सस्ते राशन का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने राज्य के सबसे बड़े फसल उत्सव ओणम से पहले ₹448.05 करोड़ की व्यापक बाज़ार हस्तक्षेप योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य त्योहारी सीज़न में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित रखना और ज़रूरतमंद परिवारों को राहत देना है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने सोमवार, 27 जुलाई को इस योजना का विस्तृत खाका पेश किया।
ओणम ट्रेड फेयर: कब और कहाँ
सरकार का सालाना बाज़ार हस्तक्षेप कार्यक्रम 8 अगस्त को सप्लाईको के ओणम ट्रेड फेयर के साथ शुरू होगा। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन एर्नाकुलम में राज्य-स्तरीय मेले का उद्घाटन करेंगे।
तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में तीन बड़े ट्रेड फेयर आयोजित किए जाएंगे, जबकि शेष 11 जिलों में 16 से 25 अगस्त के बीच जिला-स्तरीय मेले लगेंगे। सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में ओणम बाज़ार खोले जाएंगे और तिरुवोणम से पहले के अंतिम छह दिनों में विशेष मेलों की योजना है।
राशन और खाद्यान्न वितरण
त्योहारी माँग को पूरा करने के लिए सरकार विभिन्न वितरण चैनलों के ज़रिए 1.29 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल और 24,500 मीट्रिक टन गेहूं जारी करेगी। नीले राशन कार्ड धारकों को अतिरिक्त तीन किलो चावल और दो किलो गेहूं दिया जाएगा।
एनपीएस और एनपीएनएस लाभार्थियों सहित अन्य सभी राशन कार्ड श्रेणियों को भी गेहूं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। लाभार्थियों को अगस्त में ही सितंबर का सब्सिडी कोटा अग्रिम खरीदने की भी अनुमति होगी।
मुफ्त ओणम किट और सब्सिडी
अगस्त के पहले सप्ताह से अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को 16 ज़रूरी खाद्य सामग्री वाली मुफ्त ओणम किट बाँटी जाएगी। इस किट वितरण, बाज़ार हस्तक्षेप और धान खरीद के लिए पिछले दो महीनों में सरकार पहले ही ₹448.05 करोड़ मंजूर कर चुकी है।
ओणम किट योजना के लिए अलग से लगभग ₹53 करोड़ निर्धारित किए गए हैं, जिसमें कल्याणकारी संस्थानों में रहने वाले लोग भी शामिल हैं। हॉर्टिकॉर्प के आउटलेट सब्सिडी दरों पर सब्जियाँ उपलब्ध कराएंगे, जिससे त्योहारी सीज़न में सब्ज़ी की कीमतों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर नज़र
त्योहारी सीज़न में जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए जिला कलेक्टरों के अधीन विशेष निरीक्षण दल पूरे राज्य में सघन जाँच अभियान चलाएंगे। मूल्य निगरानी सेल खुदरा कीमतों पर कड़ी नज़र रखेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है और केरल में टमाटर व अन्य सब्जियों की कीमतें हाल के महीनों में ऊँची रही हैं। गौरतलब है कि केरल सरकार हर वर्ष ओणम से पहले इसी तरह का बाज़ार हस्तक्षेप करती है, लेकिन इस बार आवंटित राशि और वितरण का दायरा दोनों विस्तृत किए गए हैं।
आगे की राह
ओणम इस वर्ष अगस्त के अंतिम सप्ताह में मनाया जाएगा। सरकार की इस तैयारी से राज्य के करोड़ों परिवारों, विशेष रूप से निम्न आय वर्ग, को त्योहारी खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, वितरण तंत्र को इस बार अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर ज़ोर दिया गया है।