केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण जल्द: CM सतीशन का ऐलान, रबर MSP ₹300/kg का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य में भूमि सुधारों का दूसरा चरण शीघ्र लागू किया जाएगा और मौजूदा भूमि कानूनों में समयबद्ध संशोधन किए जाएंगे। कलामासेरी में आयोजित राज्य स्तरीय किसान दिवस समारोह एवं राज्य किसान पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों का खुलासा किया।
भूमि सुधार और कानूनी बदलाव
मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित भूमि कानून परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य वर्षों से बंद पड़े बागानों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण सुरक्षा उपायों से समझौता किए बिना नए आर्थिक अवसर सृजित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल के कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन और बाज़ार अस्थिरता की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
केरल ब्रांड और निर्यात रणनीति
सरकार की योजना कृषि उत्पादों में अधिक मूल्यवर्धन कर उन्हें एक नए केरल ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहुँचाने की है। किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति के अंतर्गत एवोकाडो और रामबुतान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों सहित बहु-फसली खेती का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के पूरी तरह चालू होने से परिवहन तेज़ और सस्ता होगा, जिससे केरल के कृषि उत्पादों और मसालों के निर्यात को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अनुकूल बाज़ार मूल्य मिलने तक उपज सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त गोदाम भी स्थापित किए जाएंगे।
वन्यजीव हमलों से सुरक्षा के लिए AI प्रणाली
राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ₹200 करोड़ आवंटित किए हैं। सतीशन ने बताया कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने और किसानों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं अन्य आधुनिक तकनीकों को मौजूदा तंत्रों के साथ एकीकृत करने वाली एक व्यापक प्रणाली लागू की जाएगी।
रबर समर्थन मूल्य और मुआवज़े में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार रबर का समर्थन मूल्य (MSP) चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर ₹300 प्रति किलोग्राम करेगी। गौरतलब है कि समर्थन मूल्य पहले ही ₹200 से बढ़ाकर ₹250 प्रति किलोग्राम किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली फसल क्षति के मुआवज़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और भविष्य में इसमें और सुधार पर विचार किया जा रहा है।
धान किसानों के लिए स्थायी भुगतान तंत्र
सतीशन ने बताया कि सरकार ने पदभार ग्रहण करने के दो महीने के भीतर धान किसानों के बकाया भुगतान कर दिए हैं — यह वित्तीय संकट के बावजूद किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में धान खरीद के समय किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इन घोषणाओं के साथ केरल सरकार का इरादा कृषि क्षेत्र को तकनीकी और नीतिगत दोनों मोर्चों पर मज़बूत करने का स्पष्ट दिखता है।