17 अगस्त 2026
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केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण जल्द: CM सतीशन का ऐलान, रबर MSP ₹300/kg का लक्ष्य

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केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण जल्द: CM सतीशन का ऐलान, रबर MSP ₹300/kg का लक्ष्य

सारांश

केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने किसान दिवस पर कृषि क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान किए — भूमि सुधारों का दूसरा चरण, रबर MSP ₹300/kg का लक्ष्य, ₹200 करोड़ की AI-आधारित वन्यजीव सुरक्षा प्रणाली और केरल ब्रांड के तहत निर्यात की नई रणनीति।

मुख्य बातें

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी.
सतीशन ने 17 अगस्त 2026 को कलामासेरी में किसान दिवस पर भूमि सुधारों के दूसरे चरण की घोषणा की।
रबर समर्थन मूल्य चरणबद्ध तरीके से ₹300 प्रति किलोग्राम तक बढ़ाया जाएगा; पहले ही ₹200 से ₹250/kg किया जा चुका है।
मानव-पशु संघर्ष से निपटने के लिए ₹200 करोड़ आवंटित; AI-आधारित व्यापक सुरक्षा प्रणाली लागू होगी।
कृषि उत्पादों को केरल ब्रांड के तहत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में ले जाने की योजना; विझिंजम बंदरगाह से निर्यात को बल मिलेगा।
फसल क्षति मुआवज़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि; धान किसानों के लिए स्थायी भुगतान तंत्र स्थापित होगा।

केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 17 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य में भूमि सुधारों का दूसरा चरण शीघ्र लागू किया जाएगा और मौजूदा भूमि कानूनों में समयबद्ध संशोधन किए जाएंगे। कलामासेरी में आयोजित राज्य स्तरीय किसान दिवस समारोह एवं राज्य किसान पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों का खुलासा किया।

भूमि सुधार और कानूनी बदलाव

मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित भूमि कानून परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य वर्षों से बंद पड़े बागानों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण सुरक्षा उपायों से समझौता किए बिना नए आर्थिक अवसर सृजित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल के कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन और बाज़ार अस्थिरता की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

केरल ब्रांड और निर्यात रणनीति

सरकार की योजना कृषि उत्पादों में अधिक मूल्यवर्धन कर उन्हें एक नए केरल ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहुँचाने की है। किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति के अंतर्गत एवोकाडो और रामबुतान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों सहित बहु-फसली खेती का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के पूरी तरह चालू होने से परिवहन तेज़ और सस्ता होगा, जिससे केरल के कृषि उत्पादों और मसालों के निर्यात को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अनुकूल बाज़ार मूल्य मिलने तक उपज सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त गोदाम भी स्थापित किए जाएंगे।

वन्यजीव हमलों से सुरक्षा के लिए AI प्रणाली

राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ₹200 करोड़ आवंटित किए हैं। सतीशन ने बताया कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने और किसानों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं अन्य आधुनिक तकनीकों को मौजूदा तंत्रों के साथ एकीकृत करने वाली एक व्यापक प्रणाली लागू की जाएगी।

रबर समर्थन मूल्य और मुआवज़े में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार रबर का समर्थन मूल्य (MSP) चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर ₹300 प्रति किलोग्राम करेगी। गौरतलब है कि समर्थन मूल्य पहले ही ₹200 से बढ़ाकर ₹250 प्रति किलोग्राम किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली फसल क्षति के मुआवज़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और भविष्य में इसमें और सुधार पर विचार किया जा रहा है।

धान किसानों के लिए स्थायी भुगतान तंत्र

सतीशन ने बताया कि सरकार ने पदभार ग्रहण करने के दो महीने के भीतर धान किसानों के बकाया भुगतान कर दिए हैं — यह वित्तीय संकट के बावजूद किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में धान खरीद के समय किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इन घोषणाओं के साथ केरल सरकार का इरादा कृषि क्षेत्र को तकनीकी और नीतिगत दोनों मोर्चों पर मज़बूत करने का स्पष्ट दिखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — केरल के भूमि सुधारों का पहला चरण दशकों पुराना है और बंद बागानों की समस्या आज भी अनसुलझी है। रबर MSP को ₹300/kg तक ले जाने की समयसीमा अभी अस्पष्ट है, जबकि किसान वर्षों से मूल्य अस्थिरता झेल रहे हैं। AI-आधारित वन्यजीव सुरक्षा प्रणाली एक नवाचारी कदम है, पर पहाड़ी ज़िलों में कनेक्टिविटी और तकनीकी क्षमता की सीमाएँ इसकी प्रभावशीलता तय करेंगी। विझिंजम बंदरगाह पर टिकी निर्यात उम्मीदें तभी साकार होंगी जब कृषि आपूर्ति श्रृंखला और प्रसंस्करण ढाँचा भी उसी गति से विकसित हो।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण क्या है?
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के अनुसार, यह चरण मौजूदा भूमि कानूनों में समयबद्ध संशोधनों पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य वर्षों से बंद पड़े बागानों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण सुरक्षा से समझौता किए बिना नए आर्थिक अवसर पैदा करना है।
केरल में रबर का समर्थन मूल्य कितना होगा?
सरकार रबर का समर्थन मूल्य (MSP) चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर ₹300 प्रति किलोग्राम करेगी। यह पहले ही ₹200 से बढ़ाकर ₹250 प्रति किलोग्राम किया जा चुका है।
केरल में वन्यजीव हमलों से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सरकार ने मानव-पशु संघर्ष से निपटने के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए हैं और AI तथा आधुनिक तकनीकों को मौजूदा तंत्रों के साथ एकीकृत करने वाली व्यापक प्रणाली लागू करने की घोषणा की है।
केरल ब्रांड से किसानों को क्या फायदा होगा?
केरल ब्रांड के तहत कृषि उत्पादों में मूल्यवर्धन कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बेचा जाएगा। विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के चालू होने से निर्यात सस्ता और तेज़ होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
धान किसानों के लिए सरकार ने क्या घोषणा की है?
सतीशन ने बताया कि सरकार ने पदभार ग्रहण करने के दो महीने के भीतर धान किसानों के बकाया भुगतान कर दिए हैं। भविष्य में धान खरीद के समय समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी तंत्र भी स्थापित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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