लोक केरल सभा बंद होगी: सीएम वीडी सतीशन ने प्रवासियों के लिए नए निवेश-केंद्रित मंच का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि करीब एक दशक पुरानी लोक केरल सभा को उसके मौजूदा स्वरूप में बंद किया जाएगा और उसकी जगह विदेशों में रहने वाले प्रवासी केरलवासियों को राज्य की विकास और निवेश योजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के लिए एक नया, अधिक प्रभावी मंच स्थापित किया जाएगा। सतीशन ने स्पष्ट किया कि नई सरकार केवल चर्चा के लिए मंच बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रवासी केरलवासियों के विशाल नेटवर्क का उपयोग राज्य को रेमिटेंस-आधारित अर्थव्यवस्था से निवेश-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए करना चाहती है।
लोक केरल सभा क्यों बंद हो रही है
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि वामपंथी सरकारों ने करीब एक दशक तक लोक केरल सभा का आयोजन किया, लेकिन इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों से ठोस परिणाम हासिल नहीं हुए। उनके अनुसार, यह मंच व्यावहारिक निवेश या विकास संबंधी नतीजों से जुड़ने में सफल नहीं रहा। यह ऐसे समय में आया है जब केरल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेश से आने वाले धन, यानी रेमिटेंस, पर निर्भर रही है और राज्य सरकार इस निर्भरता को कम करने की दिशा में काम करना चाहती है।
नई व्यवस्था का खाका
नई वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक उप-समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। यह समिति प्रवासी केरलवासियों को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए एक कार्यक्षम और परिणामोन्मुख ढाँचा तैयार करेगी। गौरतलब है कि केरल के विदेश में बसे नागरिकों की संख्या लाखों में है और उनका आर्थिक योगदान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
'फेस्टिवल केरल' और निवेशक सम्मेलन की योजना
सरकार ने केरल के 70वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 'फेस्टिवल केरल' नाम से एक बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन अभियान शुरू करने की योजना भी बनाई है। प्रारंभ में यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित होगा, जिसके ज़रिए केरल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और राज्य की विशेषताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। सतीशन ने कहा कि बाद में इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि 'फेस्टिवल केरल' का आयोजन विदेशों में भी किया जा सकता है या नहीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकार राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशक सम्मेलन भी आयोजित करने की योजना बना रही है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
बुधवार की कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। 'एल्डर्ली वेलफेयर डिपार्टमेंट' का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ सीनियर सिटीजन्स' यानी वरिष्ठ नागरिक विभाग करने का फैसला किया गया, जिसे सरकार बुजुर्ग आबादी के प्रति नज़रिए में बदलाव का संकेत बता रही है। राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग के नेतृत्व में एक बड़ा सड़क सुरक्षा अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें जागरूकता के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी पर जोर होगा। इसके अलावा, पिछले सप्ताह कुछ जिलों में हुई भूस्खलन की घटनाओं में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को ₹8-8 लाख की राहत सहायता देने का फैसला भी किया गया।
पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र पर रुख
प्रस्तावित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) अधिसूचना में संशोधन को लेकर सतीशन ने बताया कि एक दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और राज्य सरकार अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने से पहले एक और दौर की चर्चा करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों के निवासियों की सभी चिंताओं और आशंकाओं पर विचार करने के बाद ही सरकार अपना अंतिम रुख तय करेगी, और यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा हो।