23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लोक केरल सभा बंद होगी: सीएम वीडी सतीशन ने प्रवासियों के लिए नए निवेश-केंद्रित मंच का ऐलान किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लोक केरल सभा बंद होगी: सीएम वीडी सतीशन ने प्रवासियों के लिए नए निवेश-केंद्रित मंच का ऐलान किया

सारांश

लोक केरल सभा — वामपंथी सरकारों की एक दशक पुरानी विरासत — को सीएम सतीशन ने 'नतीजाविहीन' करार देते हुए बंद करने का फैसला किया। अब रेमिटेंस की जगह निवेश को प्राथमिकता देने वाला नया प्रवासी मंच बनेगा। यह केरल की अर्थनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 23 सितंबर 2026 को लोक केरल सभा को बंद करने और उसकी जगह नया प्रवासी मंच बनाने की घोषणा की।
नई व्यवस्था का लक्ष्य केरल को रेमिटेंस-आधारित से निवेश-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है।
नई व्यवस्था तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट उप-समिति गठित की गई।
केरल के 70वें वर्ष पर 'फेस्टिवल केरल' सांस्कृतिक एवं पर्यटन अभियान और निवेशक सम्मेलन की योजना।
भूस्खलन में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को ₹8-8 लाख की राहत सहायता मंज़ूर।
एल्डर्ली वेलफेयर डिपार्टमेंट का नाम बदलकर वरिष्ठ नागरिक विभाग किया गया; सड़क सुरक्षा अभियान का भी ऐलान।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि करीब एक दशक पुरानी लोक केरल सभा को उसके मौजूदा स्वरूप में बंद किया जाएगा और उसकी जगह विदेशों में रहने वाले प्रवासी केरलवासियों को राज्य की विकास और निवेश योजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने के लिए एक नया, अधिक प्रभावी मंच स्थापित किया जाएगा। सतीशन ने स्पष्ट किया कि नई सरकार केवल चर्चा के लिए मंच बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रवासी केरलवासियों के विशाल नेटवर्क का उपयोग राज्य को रेमिटेंस-आधारित अर्थव्यवस्था से निवेश-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए करना चाहती है।

लोक केरल सभा क्यों बंद हो रही है

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि वामपंथी सरकारों ने करीब एक दशक तक लोक केरल सभा का आयोजन किया, लेकिन इस दौरान आयोजित कार्यक्रमों से ठोस परिणाम हासिल नहीं हुए। उनके अनुसार, यह मंच व्यावहारिक निवेश या विकास संबंधी नतीजों से जुड़ने में सफल नहीं रहा। यह ऐसे समय में आया है जब केरल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेश से आने वाले धन, यानी रेमिटेंस, पर निर्भर रही है और राज्य सरकार इस निर्भरता को कम करने की दिशा में काम करना चाहती है।

नई व्यवस्था का खाका

नई वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक उप-समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। यह समिति प्रवासी केरलवासियों को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए एक कार्यक्षम और परिणामोन्मुख ढाँचा तैयार करेगी। गौरतलब है कि केरल के विदेश में बसे नागरिकों की संख्या लाखों में है और उनका आर्थिक योगदान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

'फेस्टिवल केरल' और निवेशक सम्मेलन की योजना

सरकार ने केरल के 70वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 'फेस्टिवल केरल' नाम से एक बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन अभियान शुरू करने की योजना भी बनाई है। प्रारंभ में यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित होगा, जिसके ज़रिए केरल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और राज्य की विशेषताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। सतीशन ने कहा कि बाद में इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि 'फेस्टिवल केरल' का आयोजन विदेशों में भी किया जा सकता है या नहीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सरकार राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए निवेशक सम्मेलन भी आयोजित करने की योजना बना रही है।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले

बुधवार की कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। 'एल्डर्ली वेलफेयर डिपार्टमेंट' का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ सीनियर सिटीजन्स' यानी वरिष्ठ नागरिक विभाग करने का फैसला किया गया, जिसे सरकार बुजुर्ग आबादी के प्रति नज़रिए में बदलाव का संकेत बता रही है। राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग के नेतृत्व में एक बड़ा सड़क सुरक्षा अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें जागरूकता के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी पर जोर होगा। इसके अलावा, पिछले सप्ताह कुछ जिलों में हुई भूस्खलन की घटनाओं में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को ₹8-8 लाख की राहत सहायता देने का फैसला भी किया गया।

पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र पर रुख

प्रस्तावित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) अधिसूचना में संशोधन को लेकर सतीशन ने बताया कि एक दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और राज्य सरकार अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने से पहले एक और दौर की चर्चा करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों के निवासियों की सभी चिंताओं और आशंकाओं पर विचार करने के बाद ही सरकार अपना अंतिम रुख तय करेगी, और यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

नौकरशाही और बुनियादी ढाँचे की बाधाओं को दूर नहीं किया जाता। 'फेस्टिवल केरल' जैसी पहल सकारात्मक है, किंतु निवेशक सम्मेलनों के परिणामों की पारदर्शी निगरानी ज़रूरी होगी। ईएसए मामले पर सरकार का 'एक और दौर की बातचीत' वाला रुख स्थानीय समुदायों के लिए राहत की बात है, लेकिन यह प्रक्रिया कब तक खिंचती है — यह सवाल बना रहेगा।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोक केरल सभा क्या थी और इसे क्यों बंद किया जा रहा है?
लोक केरल सभा विदेशों में रहने वाले प्रवासी केरलवासियों को राज्य से जोड़ने के लिए करीब एक दशक पहले शुरू की गई वामपंथी सरकार की पहल थी। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के अनुसार, इन वर्षों में आयोजित कार्यक्रमों से कोई ठोस परिणाम नहीं मिला, इसलिए इसे बंद कर अधिक प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी।
नए प्रवासी मंच में क्या अलग होगा?
नया मंच केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा — इसका उद्देश्य प्रवासी केरलवासियों के नेटवर्क का उपयोग कर केरल में प्रत्यक्ष निवेश लाना है। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को रेमिटेंस पर निर्भरता से हटाकर निवेश-आधारित बनाना चाहती है। नई व्यवस्था का खाका तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट उप-समिति पहले ही बन चुकी है।
'फेस्टिवल केरल' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'फेस्टिवल केरल' केरल के 70वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर शुरू किया जाने वाला एक सांस्कृतिक और पर्यटन अभियान है। यह पहले देशभर में आयोजित होगा, जिसमें केरल की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। बाद में इसे विदेशों में भी आयोजित करने पर विचार होगा।
भूस्खलन पीड़ितों के परिजनों को कितनी सहायता राशि मिलेगी?
केरल कैबिनेट ने पिछले सप्ताह कुछ जिलों में हुई भूस्खलन की घटनाओं में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को ₹8-8 लाख रुपये की राहत सहायता देने का फैसला किया है। यह राशि सरकार के राहत उपायों के तहत दी जाएगी।
पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) पर केरल सरकार का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि ESA अधिसूचना संशोधन पर एक दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और केंद्र को अंतिम रिपोर्ट भेजने से पहले एक और दौर की चर्चा होगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों की सभी चिंताओं को ध्यान में रखा जाएगा और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले