केरल CM वीडी सतीशन की PM मोदी से मुलाकात, केरल के विकास पर माँगा केंद्र का सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मंगलवार, 27 मई 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और केरल से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार के सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी के साथ सतीशन की यह पहली औपचारिक मुलाकात है, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुलाकात का विवरण और सतीशन का बयान
मुख्यमंत्री सतीशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और केरल से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मैंने प्रधानमंत्री से केरल के भविष्य के विकास के लिए केंद्र सरकार से हर संभव सहायता और समर्थन का अनुरोध किया।' प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए पुष्टि की कि केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
मुलाकात के एजेंडे के बारे में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, हालाँकि मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि केरल के विकास के लिए केंद्रीय सहयोग प्रमुख विषय रहा।
वित्त मंत्री से भी होगी मुलाकात
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सतीशन का कार्यक्रम केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात का भी था। यह बैठक दोपहर 2:30 बजे नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में निर्धारित थी। यह मुलाकात केरल के वित्तीय मामलों — विशेषकर राज्य के ऋण सीमा और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी — के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।
केरल चुनाव परिणाम और सतीशन का उदय
गौरतलब है कि सतीशन ने हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को ऐतिहासिक जीत दिलाई। UDF ने 102 सीटें जीतीं, जबकि सत्तारूढ़ वाम दलों का प्रदर्शन 99 सीटों से गिरकर मात्र 35 सीटों पर सिमट गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी 3 सीटें जीतकर केरल विधानसभा में अपना खाता खोला।
चुनाव परिणाम के बाद वीडी सतीशन ने 18 मई को अपने 20 मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ शपथ ग्रहण की। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में वाम मोर्चे के लगातार दो कार्यकालों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राजनीतिक महत्व
केंद्र में BJP और केरल में UDF सरकार के बीच यह संवाद राज्य-केंद्र संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि विपक्षी शासित राज्यों को अक्सर केंद्रीय निधि आवंटन में देरी का सामना करना पड़ता है, इसलिए सतीशन की यह शुरुआती पहल रणनीतिक दृष्टि से सुविचारित है। यह मुलाकात केरल के बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, और आपदा राहत जैसे लंबित मुद्दों को केंद्र के समक्ष रखने का पहला औपचारिक अवसर है।