केरल CM वीडी सतीशन की PM मोदी से पहली आधिकारिक मुलाकात, वित्त मंत्री सीतारमण से भी होगी बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मंगलवार, 26 मई 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली आधिकारिक मुलाकात की। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार बनने और मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह सतीशन की केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ पहली औपचारिक बैठक है, जिसे राजनीतिक हलकों में खासी अहमियत दी जा रही है।
बैठक का एजेंडा
बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार उम्मीद है कि चर्चा में केरल की तत्काल विकास प्राथमिकताएं, केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता और ऐसे राज्य-स्तरीय मुद्दे शामिल होंगे जिनमें केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के अतिरिक्त, सतीशन की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी दोपहर 2:30 बजे कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में बैठक निर्धारित है।
कांग्रेस आलाकमान से मुलाकातें
इससे पहले शनिवार को सतीशन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार कई बैठकें कीं। सुबह करीब 9 बजे उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चर्चा हुई। बाद में सतीशन ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात की।
माना जा रहा है कि इन बैठकों में सतीशन ने विधानसभा चुनावों में मिले समर्थन के लिए कांग्रेस आलाकमान का आभार जताया। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक मामलों और पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
केरल हाउस में उत्साह का माहौल
मुख्यमंत्री बनने के बाद दिल्ली की इस पहली यात्रा के दौरान केरल हाउस में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। छात्र और समर्थक देर रात तक उनसे मिलने के लिए जुटे रहे। सतीशन ने आगंतुकों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में उनके आगमन को लेकर उत्साह का माहौल और गहरा हो गया।
चुनावी जनादेश और शपथ ग्रहण
गौरतलब है कि सतीशन के नेतृत्व में UDF ने केरल विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। गठबंधन ने 102 सीटें जीतीं, जबकि वामपंथी गठबंधन की सीटें 99 से घटकर महज 35 रह गईं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी 3 सीटें जीतकर अपना खाता खोला। इस जनादेश के बाद सतीशन ने 18 मई को अपने 20 मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ शपथ ली। यह दौरा संकेत देता है कि नई केरल सरकार केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंध स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है।