केरल CM सतीशन का बड़ा ऐलान: बजट परियोजनाएँ दो साल में होंगी ट्रैक पर, 19 कानूनों में बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में स्पष्ट किया कि राज्य बजट में घोषित प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा और उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर क्रियान्वयन की पटरी पर लाया जाएगा। तीन दिवसीय 'रीइमैजिनिंग केरल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस' का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह संकल्प जताया।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा, 'अगले छह महीनों में परियोजनाओं को स्पष्ट स्वरूप दिया जाएगा और दो वर्षों के भीतर उन्हें क्रियान्वयन की पटरी पर लाया जाएगा।' उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की सफलता घोषित परियोजनाओं की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूर्णता से मापी जानी चाहिए।
निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार 19 कानूनों में संशोधन करेगी। साथ ही, राज्य योजना बोर्ड सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों के कामकाज का पुनर्गठन किया जाएगा और योजना निर्माण व क्रियान्वयन की पारंपरिक कार्यप्रणाली में बुनियादी बदलाव किए जाएँगे।
अर्थव्यवस्था का कायापलट: रेमिटेंस से निवेश की ओर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केरल अब केवल अपने पुराने 'केरल मॉडल' की उपलब्धियों पर संतुष्ट नहीं रह सकता। तेजी से बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य को खुद को नई जरूरतों के अनुरूप ढालना होगा।
सरकार केरल को प्रवासी आय (रेमिटेंस) आधारित अर्थव्यवस्था से निवेश आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने की दिशा में काम करेगी। इसमें करोड़ों रुपये के बड़े निवेश के साथ-साथ ₹1 लाख से शुरू होने वाले छोटे निवेश को भी प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय योजनाओं का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित होगा
समीक्षा में यह सामने आया है कि कई सरकारी विभाग केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत उपलब्ध धनराशि का पूरा उपयोग नहीं कर रहे हैं। सतीशन ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि केरल को ऐसी सभी केंद्रीय योजनाओं में उसका पात्र हिस्सा पूरी तरह मिले।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल की वित्तीय स्थिति पर बहस चल रही है और राज्य सरकार अपने खर्च की प्राथमिकताओं को पुनर्परिभाषित करने की कोशिश में है।
राउंड टेबल सम्मेलन: 16 विभागों पर मंथन
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 16 विभागों की विकास परियोजनाओं पर विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, तकनीकी संस्थानों, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, स्टार्टअप, सार्वजनिक उपक्रमों और प्रवासी समुदाय के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया है।
उद्योग, आईटी और एआई मंत्री पी.के. कुन्हालिकुट्टी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की राह में मौजूद बाधाओं को दूर करना इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। सम्मेलन में हितधारकों के सुझावों के आधार पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
क्या होगा आगे
अगले छह महीनों में सभी प्रमुख परियोजनाओं को ठोस स्वरूप दिया जाएगा। 19 कानूनों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी और दो वर्षों की समयसीमा में परियोजनाएँ क्रियान्वयन के चरण में पहुँचेंगी। यह सम्मेलन केरल की विकास नीति को एक नई दिशा देने का प्रयास है।