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जम्मू-कश्मीर में आयुष ढाँचे को मज़बूती, ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना और वेलनेस टूरिज्म पर ज़ोर

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जम्मू-कश्मीर में आयुष ढाँचे को मज़बूती, ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना और वेलनेस टूरिज्म पर ज़ोर

सारांश

जम्मू-कश्मीर ने आयुष पर बड़ा दांव खेला है — ₹91.99 करोड़ की प्रस्तावित कार्ययोजना, 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उन्नयन और वेलनेस टूरिज्म को केरल-महाराष्ट्र की तर्ज़ पर खड़ा करने की रणनीति। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने नशा मुक्त अभियान, हर्बल गार्डन और निजी भागीदारी को नई कल्याण नीति की धुरी बताया।

मुख्य बातें

मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आयुष मिशन की गवर्निंग बॉडी बैठक 2 जून को सम्पन्न।
राज्य वार्षिक कार्य योजना 2026-27 मंज़ूर; केंद्र को ₹91.997 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित आवंटन का संकेत दिया।
523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करने और आयुष इकाइयों के विस्तार की योजना।
वेलनेस टूरिज्म के लिए केरल , महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश मॉडल का अनुसरण।
नशा मुक्त अभियान में आयुष आधारित पुनर्वास उपायों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार, 2 जून को आयुष प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को सशक्त बनाने, इसकी पहुँच का दायरा बढ़ाने और केंद्र शासित प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) की गवर्निंग बॉडी बैठक में राज्य वार्षिक कार्य योजना (SAAP) 2026-27 को मंज़ूरी दी गई, जिसे अब केंद्र के आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम और प्रस्तावित कार्ययोजना

आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिकू ने बैठक में जानकारी दी कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश ने बढ़ती माँग और पिछले कार्यक्रमों में निधियों के संतोषजनक उपयोग को देखते हुए ₹91.997 करोड़ की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तावित की है।

योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में दवाओं की निर्बाध आपूर्ति, मौजूदा आयुष अस्पतालों का उन्नयन और कम सेवा वाले क्षेत्रों में नई सुविधाओं को तेज़ी से पूरा करना शामिल है।

वेलनेस टूरिज्म को नया धरातल

मुख्य सचिव डुल्लू ने कहा कि वेलनेस टूरिज्म पूरे देश में एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है और जम्मू-कश्मीर के विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को देखते हुए यहाँ इसकी अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए जम्मू-कश्मीर को एक प्रमुख वेलनेस व स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया। निजी हितधारकों के सहयोग से एक मज़बूत कल्याण नीति तैयार करने की भी अपील की गई।

जनकल्याण कार्यक्रमों का विस्तार

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और ज़िला अस्पतालों में प्रमुख आयुष जनकल्याण कार्यक्रमों के तहत सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस व मस्कुलोस्केलेटल विकारों, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग व स्ट्रोक की रोकथाम के राष्ट्रीय कार्यक्रम, आयुष आधारित मातृ-नवजात देखभाल, वृद्धावस्था सेवाएँ, स्कूली बच्चों के लिए आयुष-आधारित स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्रम, उपशामक सेवाएँ और मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ शामिल हैं।

नशा मुक्त अभियान और हर्बल गार्डन

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने कहा कि छोटी-छोटी पहलों में संसाधन बाँटने के बजाय एक ही छत के नीचे आयुष सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास में आयुष उपायों को शामिल करने और चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान’ में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया, तथा ‘संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण’ की वकालत की।

विभाग को सरकारी संस्थानों में हर्बल गार्डन स्थापित करने और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन में जोड़ने के निर्देश भी दिए गए, ताकि स्वदेशी औषधीय उत्पादों को बढ़ावा मिले और आजीविका के अवसर पैदा हों।

शासन ढाँचे में बदलाव

स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त-सचिव एम. राजू ने बताया कि प्रस्तावित कार्य योजना ज़िला-स्तरीय आयुष अधिकारियों और आयुष मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है। गवर्निंग बॉडी ने जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को भी मंज़ूरी दी, जिसमें स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, वित्त, योजना और अन्य तकनीकी हितधारकों का प्रतिनिधित्व शामिल है। आगे की रूपरेखा में बुनियादी ढाँचे, मानव संसाधन विकास और संस्थागत क्षमता पर बड़े निवेश की परिकल्पना की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — केंद्र ने ₹58.5 करोड़ का संकेत दिया है जबकि प्रदेश ने ₹91.99 करोड़ माँगे हैं, यानी लगभग ₹33 करोड़ का अंतर पाटना होगा। वेलनेस टूरिज्म की केरल-तर्ज़ की कल्पना तब तक अधूरी है जब तक सुरक्षा, कनेक्टिविटी और निजी निवेशकों के लिए स्थायी नीतिगत भरोसा नहीं बनता। 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उन्नयन तभी सार्थक होगा जब फैकल्टी भर्ती और दवाओं की निर्बाध आपूर्ति पर ज़मीनी प्रगति दिखे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर आयुष कार्य योजना 2026-27 में क्या प्रस्तावित है?
राज्य वार्षिक कार्य योजना (SAAP) 2026-27 में ₹91.997 करोड़ का व्यापक बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसमें 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना, आयुष इकाइयों का विस्तार, दवाओं की निर्बाध आपूर्ति और कम सेवा वाले क्षेत्रों में नई सुविधाएँ शामिल हैं।
वेलनेस टूरिज्म पर सरकार का क्या रोडमैप है?
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए जम्मू-कश्मीर को प्रमुख वेलनेस व स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया। निजी हितधारकों के सहयोग से एक मज़बूत कल्याण नीति तैयार करने की अपील की गई है।
केंद्र से कितना आवंटन मिलने की संभावना है?
आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिकू के अनुसार, केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश ने ₹91.997 करोड़ का प्रस्ताव रखा है।
नशा मुक्त अभियान में आयुष की क्या भूमिका होगी?
अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास प्रयासों में आयुष उपायों को शामिल करने की वकालत की है। उन्होंने ‘संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण’ के तहत विभाग से ‘नशा मुक्त अभियान’ में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
आयुष कॉलेजों की गुणवत्ता सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे?
मुख्य सचिव ने निर्धारित भर्ती एजेंसियों के माध्यम से फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षण संस्थानों के नियमित दौरे व मज़बूत निगरानी तंत्र पर भी ज़ोर दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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