आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च: प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड के तहत फंडिंग प्रक्रिया को बनाया डिजिटल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने मंगलवार, 19 मई को नई दिल्ली में 'आयुष अनुदान पोर्टल' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पोर्टल विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के अंतर्गत फंडिंग प्रस्तावों की प्रस्तुति, प्रोसेसिंग, अनुमोदन और निगरानी को पूरी तरह डिजिटल बनाता है। आयुष मंत्रालय ने इसे अपनी महत्वाकांक्षी 'आयुष ग्रिड' पहल के तहत विकसित किया है।
पोर्टल का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, आयुष ग्रिड भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसका लक्ष्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से आयुष क्षेत्र के लिए एक एकीकृत, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम स्थापित करना है। जाधव ने कहा कि यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के विज़न से प्रेरित होकर तैयार किया गया है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयुष अनुदान पोर्टल संगठनों और संस्थानों को एक सरल ऑनलाइन इंटरफेस के ज़रिए फंडिंग प्रस्ताव जमा करने की सुविधा देता है, जिससे कागज़-आधारित और मैनुअल प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त होती है। पोर्टल की 'योजना-वार आवेदन प्रबंधन प्रणाली' प्रस्तावों को मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की विशिष्ट ज़रूरतों के अनुसार वर्गीकृत, संसाधित और ट्रैक करने में सक्षम है।
इसके अतिरिक्त, पोर्टल में एक 'रियल-टाइम आवेदन-ट्रैकिंग तंत्र' भी शामिल है, जो आवेदकों और अधिकारियों दोनों को प्रोसेसिंग के हर चरण पर प्रस्ताव की स्थिति जानने की सुविधा देता है।
एनजीओ दर्पण पोर्टल से एकीकरण
पोर्टल को 'एनजीओ दर्पण पोर्टल' के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे आवेदक संगठनों का प्रमाणीकरण और सत्यापन स्वचालित, त्वरित और त्रुटि-रहित हो जाता है। बयान के अनुसार, यह एकीकरण संस्थागत विश्वसनीयता को बढ़ाता है और सत्यापन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर
जाधव ने कहा कि इस पोर्टल का प्राथमिक उद्देश्य अनुदान प्रबंधन प्रक्रिया में 100 प्रतिशत पारदर्शिता, दक्षता, जवाबदेही और सुगम पहुँच सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह पहल सरकार के 'पेपरलेस गवर्नेंस' के विज़न को आगे बढ़ाती है।
आयुष ग्रिड के तहत व्यापक डिजिटल विस्तार
मंत्री ने बताया कि ABDM-अनुरूप आयुष ग्रिड के अंतर्गत शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाएँ, औषधीय पौधों का प्रबंधन, दवा विनियमन, क्षमता निर्माण और वैश्विक पहुँच जैसे क्षेत्रों में कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। आयुष अनुदान पोर्टल इस व्यापक डिजिटल ढाँचे की नवीनतम कड़ी है, जो आयुष क्षेत्र की अनुदान प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।