आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च: प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड के तहत फंडिंग प्रक्रिया को बनाया डिजिटल

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आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च: प्रतापराव जाधव ने आयुष ग्रिड के तहत फंडिंग प्रक्रिया को बनाया डिजिटल

सारांश

आयुष मंत्रालय ने अनुदान प्रबंधन को डिजिटल युग में ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 'आयुष अनुदान पोर्टल' के ज़रिए फंडिंग प्रस्तावों की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी — कागज़ नहीं, देरी नहीं, और एनजीओ दर्पण से सीधा सत्यापन।

मुख्य बातें

प्रतापराव जाधव ने 19 मई 2025 को नई दिल्ली में 'आयुष अनुदान पोर्टल' का शुभारंभ किया।
पोर्टल को आयुष ग्रिड पहल के तहत विकसित किया गया है और यह केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत फंडिंग प्रस्तावों की प्रस्तुति, प्रोसेसिंग और निगरानी को डिजिटल बनाता है।
पोर्टल 'एनजीओ दर्पण पोर्टल' के साथ एकीकृत है, जिससे संगठनों का प्रमाणीकरण स्वचालित और त्रुटि-रहित होगा।
रियल-टाइम ट्रैकिंग तंत्र आवेदकों और अधिकारियों को प्रोसेसिंग के हर चरण पर प्रस्ताव की स्थिति देखने की सुविधा देता है।
यह पहल सरकार के 'पेपरलेस गवर्नेंस' और ABDM-अनुरूप डिजिटल इकोसिस्टम के विज़न के अनुरूप है।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने मंगलवार, 19 मई को नई दिल्ली में 'आयुष अनुदान पोर्टल' का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पोर्टल विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के अंतर्गत फंडिंग प्रस्तावों की प्रस्तुति, प्रोसेसिंग, अनुमोदन और निगरानी को पूरी तरह डिजिटल बनाता है। आयुष मंत्रालय ने इसे अपनी महत्वाकांक्षी 'आयुष ग्रिड' पहल के तहत विकसित किया है।

पोर्टल का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, आयुष ग्रिड भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसका लक्ष्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से आयुष क्षेत्र के लिए एक एकीकृत, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम स्थापित करना है। जाधव ने कहा कि यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के विज़न से प्रेरित होकर तैयार किया गया है।

पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयुष अनुदान पोर्टल संगठनों और संस्थानों को एक सरल ऑनलाइन इंटरफेस के ज़रिए फंडिंग प्रस्ताव जमा करने की सुविधा देता है, जिससे कागज़-आधारित और मैनुअल प्रणालियों पर निर्भरता समाप्त होती है। पोर्टल की 'योजना-वार आवेदन प्रबंधन प्रणाली' प्रस्तावों को मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की विशिष्ट ज़रूरतों के अनुसार वर्गीकृत, संसाधित और ट्रैक करने में सक्षम है।

इसके अतिरिक्त, पोर्टल में एक 'रियल-टाइम आवेदन-ट्रैकिंग तंत्र' भी शामिल है, जो आवेदकों और अधिकारियों दोनों को प्रोसेसिंग के हर चरण पर प्रस्ताव की स्थिति जानने की सुविधा देता है।

एनजीओ दर्पण पोर्टल से एकीकरण

पोर्टल को 'एनजीओ दर्पण पोर्टल' के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे आवेदक संगठनों का प्रमाणीकरण और सत्यापन स्वचालित, त्वरित और त्रुटि-रहित हो जाता है। बयान के अनुसार, यह एकीकरण संस्थागत विश्वसनीयता को बढ़ाता है और सत्यापन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करता है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर

जाधव ने कहा कि इस पोर्टल का प्राथमिक उद्देश्य अनुदान प्रबंधन प्रक्रिया में 100 प्रतिशत पारदर्शिता, दक्षता, जवाबदेही और सुगम पहुँच सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह पहल सरकार के 'पेपरलेस गवर्नेंस' के विज़न को आगे बढ़ाती है।

आयुष ग्रिड के तहत व्यापक डिजिटल विस्तार

मंत्री ने बताया कि ABDM-अनुरूप आयुष ग्रिड के अंतर्गत शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाएँ, औषधीय पौधों का प्रबंधन, दवा विनियमन, क्षमता निर्माण और वैश्विक पहुँच जैसे क्षेत्रों में कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। आयुष अनुदान पोर्टल इस व्यापक डिजिटल ढाँचे की नवीनतम कड़ी है, जो आयुष क्षेत्र की अनुदान प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। भारत में सरकारी पोर्टल अक्सर लॉन्च के बाद उपयोगकर्ता-अनुकूलता और सर्वर क्षमता की चुनौतियों से जूझते हैं। एनजीओ दर्पण से एकीकरण सैद्धांतिक रूप से मज़बूत कदम है, परंतु यह तभी सार्थक होगा जब छोटे और ग्रामीण आयुष संस्थान भी इस मंच का वास्तविक लाभ उठा सकें। आयुष ग्रिड के तहत पहले से विकसित कई प्लेटफॉर्मों की उपयोगिता और अपटेक के आँकड़े सार्वजनिक नहीं हैं — इस पोर्टल की सफलता मापने के लिए पारदर्शी प्रदर्शन संकेतक ज़रूरी होंगे।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष अनुदान पोर्टल क्या है?
आयुष अनुदान पोर्टल आयुष मंत्रालय द्वारा विकसित एक डिजिटल मंच है, जो केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत फंडिंग प्रस्तावों की प्रस्तुति, प्रोसेसिंग, अनुमोदन और निगरानी को पूरी तरह ऑनलाइन करता है। इसे 19 मई 2025 को आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने लॉन्च किया।
आयुष ग्रिड पहल क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
आयुष ग्रिड भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य आयुष क्षेत्र के लिए एकीकृत, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है। इसके तहत शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाएँ, दवा विनियमन और वैश्विक पहुँच जैसे क्षेत्रों में कई प्लेटफॉर्म पहले ही विकसित किए जा चुके हैं।
इस पोर्टल से संगठनों को क्या फायदा होगा?
संगठन और संस्थान अब फंडिंग प्रस्ताव पूरी तरह ऑनलाइन जमा कर सकेंगे, जिससे कागज़ी प्रक्रियाओं की ज़रूरत खत्म होगी। रियल-टाइम ट्रैकिंग तंत्र से आवेदक प्रोसेसिंग के हर चरण पर अपने प्रस्ताव की स्थिति जान सकेंगे।
एनजीओ दर्पण पोर्टल से एकीकरण का क्या महत्व है?
एनजीओ दर्पण पोर्टल से एकीकरण के कारण आवेदक संगठनों का प्रमाणीकरण और सत्यापन स्वचालित, त्वरित और त्रुटि-रहित हो जाएगा। इससे संस्थागत विश्वसनीयता बढ़ेगी और फर्जी आवेदनों की संभावना कम होगी।
क्या यह पोर्टल सरकार की किसी बड़ी नीति का हिस्सा है?
हाँ, यह पोर्टल सरकार के 'पेपरलेस गवर्नेंस' और प्रधानमंत्री मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' तथा 'ईज ऑफ लिविंग' के विज़न के अनुरूप है। यह ABDM-अनुरूप आयुष ग्रिड के व्यापक डिजिटल ढाँचे की नवीनतम कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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