19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर में आयुष का बड़ा विस्तार: ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, वेलनेस पर्यटन पर ज़ोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर में आयुष का बड़ा विस्तार: ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, वेलनेस पर्यटन पर ज़ोर

सारांश

जम्मू-कश्मीर ने आयुष के लिए ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना प्रस्तावित कर दी है — केंद्र के संकेतित ₹58.53 करोड़ से कहीं ऊपर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू का दांव साफ़ है: केरल और महाराष्ट्र की तर्ज़ पर कश्मीर को वेलनेस पर्यटन का केंद्र बनाना, 523 आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना और नशामुक्ति अभियान से जोड़ना।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर ने ₹91.997 करोड़ की आयुष कार्ययोजना 2026-27 प्रस्तावित की; केंद्र ने ₹58.539 करोड़ का संकेत दिया था।
योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना और आयुष इकाइयों का विस्तार शामिल।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश की तर्ज़ पर वेलनेस पर्यटन केंद्र बनाने पर ज़ोर दिया।
नशा मुक्त अभियान में आयुष उपायों को जोड़ने और हर्बल गार्डन से आजीविका सृजन की पहल।
जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को मंज़ूरी।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2 जून को आयुष प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने, इसकी पहुँच बढ़ाने और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य वार्षिक कार्य योजना (एसएएपी) 2026-27 को मंज़ूरी दी गई, जिसे अब केंद्र के आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में वित्त, योजना, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिकू ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश ने बढ़ती माँग को देखते हुए ₹91.997 करोड़ की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तावित की है।

वेलनेस पर्यटन पर बड़ा दांव

मुख्य सचिव डुल्लू ने कहा कि वेलनेस पर्यटन देश भर में एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है और जम्मू-कश्मीर के विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के मद्देनज़र यहाँ इसकी अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए जम्मू-कश्मीर को एक प्रमुख वेलनेस और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की वकालत की। निजी हितधारकों के सहयोग से एक मज़बूत कल्याण नीति तैयार करने की अपील भी की गई।

स्वास्थ्य सेवा का विस्तार

योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार, दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति और मौजूदा अस्पतालों-डिस्पेंसरियों के उन्नयन को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों और ज़िला अस्पतालों में ऑस्टियोआर्थराइटिस, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक की रोकथाम के राष्ट्रीय कार्यक्रमों, आयुष आधारित मातृ-शिशु देखभाल, वृद्धावस्था सेवाओं और मोबाइल चिकित्सा इकाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नशामुक्ति और आजीविका से जुड़ाव

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास में आयुष उपायों को शामिल करने और चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान’ में सक्रिय योगदान की वकालत की। उन्होंने ‘संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण’ अपनाने पर बल दिया। सरकारी संस्थानों में हर्बल गार्डन स्थापित करने और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए, जिससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और आजीविका के अवसर पैदा होंगे।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त-सचिव एम. राजू ने बताया कि वार्षिक कार्य योजना ज़िला-स्तरीय आयुष अधिकारियों और कॉलेज प्रमुखों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, मानव संसाधन और संस्थागत क्षमता पर बड़े निवेश की परिकल्पना है। गवर्निंग बॉडी ने जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को भी मंज़ूरी दी। आयुष मंत्रालय की मंज़ूरी मिलने के बाद योजना के क्रियान्वयन का अगला चरण शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर सुरक्षा-धारणा और बुनियादी ढाँचे की बाधाएँ अभी बड़ी हैं। असली परीक्षा 523 आरोग्य मंदिरों के क्रियान्वयन और फैकल्टी भर्ती की गति में होगी — जहाँ पिछली योजनाएँ अक्सर ठहर गई हैं। नशामुक्ति को आयुष से जोड़ना नवीन है, पर इसका वैज्ञानिक मूल्यांकन ज़रूरी होगा।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर की नई आयुष कार्ययोजना 2026-27 क्या है?
यह राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत ₹91.997 करोड़ की प्रस्तावित राज्य वार्षिक कार्य योजना है, जिसे 2 जून 2026 को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में मंज़ूरी दी गई। इसमें आयुष ढाँचे का विस्तार, वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा और 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मज़बूत करना शामिल है।
केंद्र और राज्य के बजट प्रस्ताव में कितना अंतर है?
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, जबकि जम्मू-कश्मीर ने बढ़ती माँग का हवाला देते हुए ₹91.997 करोड़ की कार्ययोजना प्रस्तावित की है। अंतिम मंज़ूरी आयुष मंत्रालय की समीक्षा के बाद होगी।
वेलनेस पर्यटन पर सरकार का क्या प्लान है?
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की तर्ज़ पर जम्मू-कश्मीर को वेलनेस और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही है। इसके लिए निजी हितधारकों के सहयोग से एक समर्पित कल्याण नीति तैयार की जाएगी।
योजना में आम जनता के लिए क्या है?
योजना के तहत सभी मेडिकल कॉलेजों और ज़िला अस्पतालों में ऑस्टियोआर्थराइटिस, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम के आयुष कार्यक्रम, मातृ-शिशु देखभाल, वृद्धावस्था सेवाएँ और मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ उपलब्ध होंगी। दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति और नई स्वास्थ्य सुविधाओं का तेज़ी से निर्माण भी शामिल है।
नशामुक्ति अभियान से इसका क्या जुड़ाव है?
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास में आयुष उपायों को शामिल करने की वकालत की है। आयुष विभाग को चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान’ में ‘संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण’ के तहत सक्रिय योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले