18 जुलाई 2026
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जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार: ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, वेलनेस टूरिज्म पर बड़ा दांव

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जम्मू-कश्मीर में आयुष का विस्तार: ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, वेलनेस टूरिज्म पर बड़ा दांव

सारांश

जम्मू-कश्मीर ने आयुष को सिर्फ़ स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति बनाने का संकेत दिया है। ₹91.99 करोड़ की कार्ययोजना, 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का सुदृढ़ीकरण और केरल-मॉडल पर वेलनेस टूरिज्म — उमर अब्दुल्ला सरकार का लक्ष्य घाटी को स्वास्थ्य पर्यटन का नया केंद्र बनाना है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार ने आयुष ढाँचे और वेलनेस टूरिज्म पर ज़ोर दिया।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में ₹91.997 करोड़ की SAAP 2026-27 मंज़ूर।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित आवंटन का संकेत दिया।
योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का सुदृढ़ीकरण और नई सुविधाओं का विस्तार शामिल।
केरल , महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश की तर्ज़ पर जम्मू-कश्मीर को वेलनेस हब बनाने का लक्ष्य।
नशा मुक्ति अभियान में आयुष उपायों को जोड़ने और हर्बल गार्डन स्थापित करने के निर्देश।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को आयुष प्रणाली के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने, इसकी पहुँच का विस्तार करने और केंद्र शासित प्रदेश को एक प्रमुख वेलनेस टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने पर ज़ोर दिया। मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत ₹91.99 करोड़ की राज्य वार्षिक कार्य योजना 2026-27 को मंज़ूरी दी गई, जिसे अब केंद्रीय आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम और मंज़ूरी

जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की बैठक में आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिकू ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है, जबकि केंद्र शासित प्रदेश ने बढ़ती माँग को देखते हुए ₹91.997 करोड़ की व्यापक योजना प्रस्तावित की है। इस योजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सुदृढ़ करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार, और कम स्वास्थ्य सेवा वाले क्षेत्रों में नई सुविधाएँ तेज़ी से पूरी करना शामिल है।

वेलनेस टूरिज्म पर सरकार का ज़ोर

मुख्य सचिव डुल्लू ने कहा कि वेलनेस टूरिज्म पूरे देश में एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है और जम्मू-कश्मीर के विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को देखते हुए यहाँ इसके लिए ‘अपार संभावनाएँ' हैं। केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर को एक प्रमुख वेलनेस और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने तथा निजी हितधारकों के सहयोग से एक मज़बूत कल्याण नीति तैयार करने की अपील की।

जनकल्याण कार्यक्रमों का दायरा

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और ज़िला अस्पतालों में आयुष जनकल्याण कार्यक्रमों की सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस व अन्य मस्कुलोस्केलेटल विकारों, कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम के राष्ट्रीय कार्यक्रम, आयुष आधारित मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल, वृद्धावस्था स्वास्थ्य सेवाएँ, स्कूली बच्चों के लिए आयुष-आधारित स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्रम, उपशामक सेवाएँ और मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ शामिल हैं।

नशा मुक्ति और आजीविका से जोड़ने की पहल

वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की चुनौती को रेखांकित करते हुए नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास में आयुष उपायों को शामिल करने और चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान' में सक्रिय योगदान का आग्रह किया। साथ ही सरकारी संस्थानों में हर्बल गार्डन स्थापित करने और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन में जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिले और आजीविका के अवसर पैदा हों।

क्या होगा आगे

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त-सचिव एम. राजू ने बताया कि प्रस्तावित कार्य योजना ज़िला-स्तरीय अधिकारियों और आयुष मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, मानव संसाधन और संस्थागत क्षमता पर बड़े निवेश की परिकल्पना है। बैठक में जम्मू-कश्मीर आयुष सोसायटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को भी मंज़ूरी दी गई और फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लाने पर सहमति बनी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशिक्षित जनशक्ति और ब्रांडिंग पारिस्थितिकी है। ₹91.99 करोड़ की प्रस्तावित कार्ययोजना और केंद्र से मिल रहे ₹58.539 करोड़ के संकेत के बीच लगभग ₹33 करोड़ का अंतर बताता है कि क्रियान्वयन की असली चुनौती फंडिंग गैप और फैकल्टी रिक्तियाँ रहेंगी। 523 आरोग्य मंदिरों जैसी संख्याएँ तभी मायने रखेंगी जब निगरानी तंत्र — जिसका ज़िक्र बैठक में हुआ — काग़ज़ से ज़मीन पर उतरे।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर की नई आयुष कार्ययोजना में कितना बजट प्रस्तावित है?
केंद्र शासित प्रदेश ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत ₹91.997 करोड़ की राज्य वार्षिक कार्य योजना 2026-27 प्रस्तावित की है, जिसे गवर्निंग बॉडी ने मंज़ूरी दे दी है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने ₹58.539 करोड़ के संभावित संसाधन आवंटन का संकेत दिया है।
वेलनेस टूरिज्म को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार की रणनीति क्या है?
सरकार जम्मू-कश्मीर को केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की तर्ज़ पर एक प्रमुख वेलनेस और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने निजी हितधारकों के सहयोग से एक मज़बूत कल्याण नीति तैयार करने की अपील की है।
523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को लेकर क्या योजना है?
प्रस्तावित कार्ययोजना में 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सुदृढ़ करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार और दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। साथ ही कम स्वास्थ्य सेवा वाले क्षेत्रों में नई सुविधाओं को तेज़ी से पूरा किया जाएगा।
क्या आयुष को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा जाएगा?
हाँ, अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार ने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास प्रयासों में आयुष उपायों को शामिल करने की वकालत की है। उन्होंने विभाग से चल रहे ‘नशा मुक्त अभियान' में सक्रिय योगदान देने और ‘संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण' अपनाने का आग्रह किया।
योजना में स्थानीय आजीविका के लिए क्या प्रावधान हैं?
सरकारी संस्थानों में हर्बल गार्डन स्थापित किए जाएँगे और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य स्वदेशी औषधीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसर पैदा करना है।
राष्ट्र प्रेस
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