क्या केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण को मिल रहा है अच्छा रिस्पांस?

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क्या केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण को मिल रहा है अच्छा रिस्पांस?

सारांश

केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को राजनीतिक दलों और आम जनता का जोरदार समर्थन मिल रहा है। अब तक 60,061 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिसमें विभिन्न दलों की सक्रिय भागीदारी शामिल है। यह प्रक्रिया 2026 तक जारी रहेगी।

Key Takeaways

  • 60,061 दावे और आपत्तियां अभी तक प्राप्त हुई हैं।
  • दावे दर्ज करने की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी।
  • सीपीआई (एम) ने 21,246 आवेदन दिए हैं।
  • मतदाता सूची की प्रक्रिया 2,54,42,352 मतदाताओं के आधार पर चल रही है।
  • केरल में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी दिखाई दे रही है।

तिरुवनंतपुरम, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन– एसआईआर) को राजनीतिक दलों और आम जनता से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अब तक राज्य में कुल 60,061 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।

केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को एसआईआर से संबंधित दैनिक बुलेटिन जारी किया, जिसमें 31 दिसंबर 2025 तक प्राप्त दावों और आपत्तियों का विवरण दिया गया है। यह प्रक्रिया 2,54,42,352 मतदाताओं वाली प्रारूप मतदाता सूची के आधार पर की जा रही है।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 23 दिसंबर 2025 से शुरू हुई है और यह 22 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। इस दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) के माध्यम से आवेदन जमा कराए हैं। इसमें छह राष्ट्रीय दलों ने भी भागीदारी की है।

राष्ट्रीय दलों में सीपीआई (एम) सबसे आगे रहा, जिसने 21,246 आवेदन दिए। इसके बाद कांग्रेस ने 20,278, भाजपा ने 7,249, आम आदमी पार्टी ने 175, बहुजन समाज पार्टी ने 5 और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने 9 आवेदन जमा कराए।

राज्य स्तरीय दलों में सीपीआई से 5,120, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से 4,289, जनता दल (एस) से 27, केरल कांग्रेस से 474, केरल कांग्रेस (एम) से 493 और आरएसपी से 596 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

इस दौरान नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और फॉर्म-6ए के माध्यम से कुल 4,05,308 आवेदन मिले हैं, जबकि नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए 2,419 आवेदन दाखिल किए गए हैं।

प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले नाम जोड़ने के लिए 3.59 लाख आवेदन, जबकि 30,202 आवेदन प्रवासी मतदाताओं से प्राप्त हुए थे। इसी अवधि में नाम हटाने से संबंधित 2,419 आपत्तियां दर्ज की गई थीं।

प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद आम मतदाताओं से सीधे 28,529 नए नाम जोड़ने के आवेदन और 6,242 प्रवासी मतदाता आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा नाम हटाने से जुड़ी 37 आपत्तियां भी दर्ज की गई हैं।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्धारित प्रपत्रों में जमा किए गए आवेदन ही वैध दावे या आपत्तियां माने जाएंगे। आवश्यक दस्तावेजों के बिना की गई सामान्य शिकायतों या प्रस्तुतियों को गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

Point of View

NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

विशेष गहन पुनरीक्षण क्या है?
यह एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा की जाती है ताकि सही और अपडेटेड जानकारी सुनिश्चित की जा सके।
कब तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं?
दावे और आपत्तियां 22 जनवरी 2026 तक दर्ज की जा सकती हैं।
कितने दावे और आपत्तियां अब तक प्राप्त हुई हैं?
अब तक कुल 60,061 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
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