3 सितंबर 2026
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चट्टोग्राम जेल में अवामी लीग नेता नूर इस्लाम की मौत, परिवार ने यातना और चिकित्सा उपेक्षा का आरोप लगाया

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चट्टोग्राम जेल में अवामी लीग नेता नूर इस्लाम की मौत, परिवार ने यातना और चिकित्सा उपेक्षा का आरोप लगाया

सारांश

बांग्लादेश की चट्टोग्राम जेल में अवामी लीग नेता नूर इस्लाम की मौत ने हिरासत में मौतों की बहस को फिर गर्मा दिया है। परिवार ने यातना और चिकित्सा उपेक्षा का आरोप लगाया है, जबकि पार्टी ने इसे राजनीतिक दमन की कड़ी बताया है।

मुख्य बातें

नूर इस्लाम (55), मीरसराय नगर पालिका अवामी लीग के महासचिव, की 3 सितंबर को चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई।
उन्हें आतंकवाद विरोधी कानून, 2009 के तहत गिरफ्तार किया गया था; 31 अगस्त को जमानत मिलने के बावजूद अगले दिन दूसरे मामले में फिर गिरफ्तार किया गया।
पत्नी रोकेया अख्तर ने यातना, मानसिक प्रताड़ना और चिकित्सा सुविधा न मिलने का आरोप लगाया।
अवामी लीग का आरोप है कि नूर इस्लाम को 30 दिनों से अधिक जेल में रखा गया, किसी अपराध में दोषी साबित हुए बिना।
पार्टी ने आतंकवाद विरोधी कानून के राजनीतिक दुरुपयोग और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए।

बांग्लादेश की चट्टोग्राम सेंट्रल जेल में 3 सितंबर को अवामी लीग के एक वरिष्ठ स्थानीय नेता की मौत हो गई — यह हिरासत में मौत की ऐसी घटनाओं की श्रृंखला में नवीनतम मामला है जिसे पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ व्यापक दमन का हिस्सा बता रही है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नूर इस्लाम के रूप में हुई है, जो मीरसराय नगर पालिका अवामी लीग इकाई के महासचिव थे।

मौत की परिस्थितियाँ

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार दोपहर नूर इस्लाम को सीने में दर्द की शिकायत के बाद पहले जेल के आंतरिक अस्पताल में ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (CMCH) रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चट्टोग्राम सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक इकबाल हुसैन ने बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' को बताया कि नूर इस्लाम को आतंकवाद विरोधी कानून, 2009 के तहत दर्ज एक मामले में हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा, 'जब उनकी हालत और बिगड़ गई, तो उन्हें चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।'

परिवार के गंभीर आरोप

नूर इस्लाम की पत्नी रोकेया अख्तर ने बांग्लादेशी अखबार 'प्रोथोम आलो' से बात करते हुए बताया कि मीरसराय पुलिस ने उनके पति को एक राजनीतिक मामले में गिरफ्तार किया था और अदालत के आदेश पर जेल भेजा था। उनके अनुसार, 31 अगस्त को उस मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन अगले ही दिन जेल के बाहर एक अलग मामले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

रोकेया अख्तर का आरोप है कि लगातार गिरफ्तारी, मानसिक प्रताड़ना और यातना के कारण उनके पति की जान गई। उन्होंने कहा कि नूर इस्लाम पहले से बीमार थे और जेल में उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई।

अवामी लीग का रुख

अवामी लीग ने नूर इस्लाम की मौत को पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित 'व्यापक दमन और हत्याओं' की कड़ी का हिस्सा बताया। पार्टी ने कहा कि नूर इस्लाम किसी भी अपराध में दोषी साबित नहीं हुए थे, फिर भी उन्हें 30 दिनों से अधिक समय तक जेल में रखा गया।

पार्टी का आरोप है कि आतंकवाद विरोधी कानून का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और जेलों के भीतर कार्यकर्ताओं की मौत के मामलों में कोई जवाबदेही नहीं है। अवामी लीग ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की कथित चुप्पी ऐसी घटनाओं को प्रोत्साहित कर रही है।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत में मौत की खबरें लगातार आ रही हैं। गौरतलब है कि शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से पार्टी के सदस्यों के खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हुए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश में राजनीतिक बंदियों की स्थिति पर चिंता जताई है, हालाँकि अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है।

नूर इस्लाम की मौत की स्वतंत्र जाँच की माँग तेज होती जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बांग्लादेश की सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि बरकरार रही, तो यह बांग्लादेश में जवाबदेही के संकट को और गहरा करेगी।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नूर इस्लाम कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
नूर इस्लाम (55) मीरसराय नगर पालिका अवामी लीग इकाई के महासचिव थे। 3 सितंबर को चट्टोग्राम सेंट्रल जेल में सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें चट्टोग्राम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
नूर इस्लाम को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें आतंकवाद विरोधी कानून, 2009 के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। 31 अगस्त को जमानत मिलने के बावजूद अगले दिन एक अन्य मामले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
मृतक की पत्नी रोकेया अख्तर ने आरोप लगाया कि जेल में यातना, मानसिक प्रताड़ना और उचित चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण उनके पति की जान गई। उनका कहना है कि नूर इस्लाम पहले से बीमार थे और लगातार गिरफ्तारियों ने उन पर गंभीर मानसिक दबाव डाला।
अवामी लीग ने इस मौत पर क्या कहा?
अवामी लीग ने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रहे कथित व्यापक दमन का हिस्सा बताया। पार्टी का आरोप है कि आतंकवाद विरोधी कानून का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है और जेल में मौतों के मामलों में कोई जवाबदेही नहीं है।
बांग्लादेश में अवामी लीग नेताओं की हिरासत में मौत का यह मामला कितना व्यापक है?
रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत में मौत के कई मामले सामने आए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश में राजनीतिक बंदियों की स्थिति पर चिंता जताई है, हालाँकि अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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