अद्रिजा रॉय की जन्माष्टमी: 'अनुपमा' एक्ट्रेस कृष्ण की इस एक सीख को जीती हैं रोज़
सारांश
मुख्य बातें
टीवी शो 'अनुपमा' में अपनी भूमिका से चर्चा में रहने वाली एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय इस बार जन्माष्टमी को लेकर खासी उत्साहित हैं। उनके लिए यह पर्व महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार के साथ जुड़ने, प्रार्थना में डूबने और भगवान कृष्ण की शिक्षाओं को अपने रोज़मर्रा के जीवन में उतारने का अवसर है।
कैसे मनाती हैं जन्माष्टमी
अद्रिजा ने बताया कि वह इस पर्व को सादगी से, लेकिन पूरे मन से मनाती हैं। उनके अनुसार, 'मुझे परिवार के साथ यह त्योहार मनाना अच्छा लगता है। मैं किसी बहुत मुश्किल या लंबे रीति-रिवाज का पालन नहीं करती, लेकिन जन्माष्टमी के लिए समय जरूर निकालती हूँ। मेरे लिए इस दिन का माहौल, प्रार्थना और परिवार के साथ रहना ही सबसे खास बात है।' उन्होंने जोड़ा कि त्योहार मनाने के साथ-साथ उससे जुड़े अर्थ को समझना भी उतना ही ज़रूरी है।
कृष्ण की कौन-सी सीख अपनाती हैं
भगवान कृष्ण के उपदेशों में से जिस बात को अद्रिजा सबसे अधिक अपने जीवन में उतारने की कोशिश करती हैं, वह है — परिणाम की चिंता किए बिना पूरी मेहनत से काम करना। उन्होंने कहा, 'इंसान हर चीज़ को अपने हिसाब से कंट्रोल नहीं कर सकता, लेकिन वह अपनी मेहनत और कोशिश को ज़रूर कंट्रोल कर सकता है। इसलिए मैं अपने काम पर ध्यान देने और पूरी मेहनत करने की कोशिश करती हूँ। अगर नतीजा अच्छा आता है तो खुशी होती है, लेकिन अगर चीजें मेरी मुताबिक नहीं होतीं तो मैं उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करती हूँ।'
सही रास्ते का चुनाव
अद्रिजा ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में कई बार आसान और सही रास्ते के बीच चुनाव करना पड़ता है। उनके शब्दों में, 'कई बार आसान विकल्प आकर्षक लगता है, लेकिन अगर आपका दिल कह रहा है कि कुछ सही नहीं है, तो आपको उसकी आवाज़ सुननी चाहिए। भले ही उस समय सही फैसला लेना मुश्किल लगे, बाद में इंसान अपने फैसले को लेकर खुद के बारे में बेहतर महसूस करता है।' यह विचार गीता के उस सार से मेल खाता है जो कर्तव्य-पालन को परिणाम से ऊपर रखता है।
मुश्किल दौर में विश्वास बनाए रखना
एक्ट्रेस का मानना है कि कृष्ण की कथा की सबसे बड़ी सीख यही है कि कठिन समय स्थायी नहीं होता। उन्होंने कहा, 'हर किसी की जिंदगी में कठिन समय आता है, लेकिन ऐसे समय में विश्वास बनाए रखना और आगे बढ़ते रहना ज़रूरी है। कई बार इंसान को यह पता नहीं होता कि आगे क्या होने वाला है, फिर भी उसे भरोसा रखना चाहिए कि आने वाला समय बेहतर हो सकता है।'
कृष्ण की कौन-सी खूबी करती है प्रेरित
जब उनसे पूछा गया कि भगवान कृष्ण की कौन-सी विशेषता उन्हें सर्वाधिक प्रेरित करती है, तो अद्रिजा ने कहा, 'लोगों को समझने और उनकी ज़रूरत के हिसाब से उनका साथ देने की कृष्ण की खूबी मुझे काफी प्रेरित करती है।' यह गुण उन्हें न केवल एक आस्थावान व्यक्ति के रूप में, बल्कि एक कलाकार के रूप में भी दिशा देता है। आने वाले दिनों में अद्रिजा अपने परिवार के साथ मिलकर इस पर्व की खुशियाँ साझा करेंगी।