जीएसआरटीसी की नई पहल: यात्रियों के फीडबैक से सेवा में सुधार
सारांश
Key Takeaways
- जीएसआरटीसी ने नई तकनीकी पहल शुरू की है।
- यात्री समस्याओं की रिपोर्टिंग क्यूआर कोड द्वारा कर सकते हैं।
- प्राप्त फीडबैक पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
- मार्च 2026 में 1702 यात्रियों ने फीडबैक दिया।
- 4.5 की संतोषजनक रेटिंग प्राप्त हुई है।
गांधीनगर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी नवाचार का सहारा लेते हुए एक नई पहल की शुरुआत की है। निगम ने यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए ‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ की घोषणा की है।
इस प्रणाली के तहत, जीएसआरटीसी की बसों में यात्रा के दौरान किसी भी समस्या की रिपोर्टिंग के लिए बस में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करना होता है, जिससे तुरंत निगम के अधिकारियों को सूचना मिल जाती है। इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित किया गया है कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।
जीएसआरटीसी की बसें, चाहे वे सामान्य हों या विशेष, सभी यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती विकल्प प्रदान करती हैं। कई बार यात्रियों को निगम द्वारा संचालित बसों में यात्राओं के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन समय की कमी या अन्य कारणों से वे इन मुद्दों को उठाने से हिचकिचाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम ने पैसेंजर फीडबैक सिस्टम की शुरुआत की है। अब बस यात्रियों की समस्याओं का समाधान एक ‘क्लिक’ में किया जा सकता है।
यात्री बस में अपनी सीट के सामने लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर फीडबैक दे सकते हैं या सेवाओं का मूल्यांकन कर सकते हैं, जिसके आधार पर परिवहन तंत्र त्वरित कार्रवाई करता है।
हाल ही में, एसटी (राज्य परिवहन) की एसी और वोल्वो बसों में यात्रा कर रहे कई यात्रियों ने इस सिस्टम के माध्यम से बस में बदबू आने की शिकायतें दर्ज की थीं। जीएसआरटीसी के अधिकारियों ने तत्परता से कदम उठाते हुए सभी एसी और वोल्वो बसों में एयर फ्रेशनर लगाकर समस्या का समाधान किया।
निगम के अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2026 के दौरान कुल 1702 यात्रियों ने इस सिस्टम के माध्यम से अपने फीडबैक दिए, जिससे जीएसआरटीसी को 5 में से 4.5 की उत्कृष्ट संतुष्टि रेटिंग प्राप्त हुई है, जो यात्रियों के अनुभव को दर्शाती है।
मार्च 2026 की ‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ की रिपोर्ट के अनुसार, बसों में सुरक्षा को 4.7 रेटिंग मिली है। इसके बाद स्टाफ के व्यवहार को 4.6 और स्वच्छता को 4.5 रेटिंग मिली है।
यात्रियों के फीडबैक के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश यात्रियों ने जीएसआरटीसी सेवाओं को 5-स्टार रेटिंग दी है, जिसमें विशेष रूप से स्टाफ के व्यवहार की प्रशंसा की गई है।
एसटी की इस नई पहल को यात्रियों का व्यापक समर्थन मिला है। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में 372 यात्रियों ने अपने फीडबैक दिए। ये आंकड़े यात्रियों की बढ़ती भागीदारी और जागरूकता को दर्शाते हैं। मार्च में कुल 1702 यात्रियों ने इस नए सिस्टम के माध्यम से अपने फीडबैक दिए। यात्रियों ने एसटी बसों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता को उच्च मानक पर बनाए रखा है।
गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों ने कहा कि ‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ मार्च 2026 में शुरू किया गया था, जिसे यात्रियों की ओर से शानदार समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र में महत्वपूर्ण सुधार हो रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सार्वजनिक परिवहन में सुधार के लिए कई पहलें की हैं। ‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ को शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इस फीडबैक के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाती है, जिससे जीएसआरटीसी की प्रदर्शन रेटिंग सकारात्मक बनी है।”
उन्होंने आगे कहा, “पिछले एक वर्ष में जीएसआरटीसी की बसों में दैनिक यात्रियों की संख्या 25 लाख से बढ़कर 27 लाख हो गई है। हमारा लक्ष्य अगले महीनों में 30 लाख यात्रियों तक पहुंचना है। सार्वजनिक परिवहन हमारी प्राथमिकता है।”
संघवी ने कहा, “हम ‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर त्वरित सुधार कर रहे हैं। इन प्रतिक्रियाओं ने यह स्पष्ट किया है कि एसटी बसों में लोगों का भरोसा बना हुआ है, और यात्रियों की 4.5 की औसत रेटिंग में यह भरोसा साफ दिखाई देता है।”
जीएसआरटीसी ने एसी और वोल्वो जैसी प्रीमियम बसों में हर सीट के पीछे और अन्य बसों में कम से कम एक क्यूआर कोड लगाया है। यात्री इस कोड को स्कैन कर अपना नाम, ई-मेल, मोबाइल नंबर और पीएनआर या टिकट नंबर सहित जानकारी दर्ज कर अपना फीडबैक दे सकते हैं।
यात्री बस की स्वच्छता, बैठने की सुविधा, समयपालन, स्टाफ के व्यवहार, सुरक्षा और अपने समग्र अनुभव पर रेटिंग दे सकते हैं। यात्री शिकायत से संबंधित फोटो भी अपलोड कर सकते हैं। फीडबैक सबमिट होते ही वह संबंधित अधिकारी तक पहुंच जाता है, जिस पर तात्कालिक कार्रवाई की जाती है।
‘यात्री फीडबैक रेटिंग परफॉर्मेंस सिस्टम’ की सफलता के बाद अब निगम राज्य के सभी बस डिपो पर विशेष ‘स्वच्छता’ के लिए क्यूआर कोड लगाएगा। यात्री इस क्यूआर कोड को स्कैन कर संबंधित बस डिपो की स्वच्छता के बारे में अपनी राय दे सकेंगे। इस नए सिस्टम में प्रत्येक बस डिपो के लिए अलग से क्यूआर कोड बनाया जाएगा। निगम द्वारा ऐसे 400 से अधिक विशेष क्यूआर कोड बनाए जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम प्रतिदिन 8000 से अधिक बसों के संचालन के माध्यम से औसतन 27 लाख लोगों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाता है।