20 सितंबर 2026
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वीर गार्जियन 2026: जोधपुर में राफेल-सुखोई संग उड़ा जापान का F-2, 22 सितंबर तक चलेगा अभ्यास

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वीर गार्जियन 2026: जोधपुर में राफेल-सुखोई संग उड़ा जापान का F-2, 22 सितंबर तक चलेगा अभ्यास

सारांश

जोधपुर के आसमान में पहली बार जापान के F-2A लड़ाकू विमान भारतीय राफेल और सुखोई-30 MKI के साथ उड़ान भर रहे हैं। 'वीर गार्जियन 2026' सिर्फ एक अभ्यास नहीं — यह हिंद-प्रशांत में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत-जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का हवाई प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

वीर गार्जियन 2026 संयुक्त हवाई अभ्यास 9 सितंबर से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में आयोजित हो रहा है।
भारतीय वायुसेना के तेजस , सुखोई-30 MKI और राफेल विमान इसमें शामिल हैं।
जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के F-2A लड़ाकू विमान पहली बार भारत में संयुक्त हवाई अभ्यास का हिस्सा बने।
यह 'वीर गार्जियन' श्रृंखला का दूसरा संस्करण है; पहला 2023 में जापान में हुआ था।
अभ्यास में मिशन योजना सम्मेलन, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व अंतरिक्ष सुरक्षा पर वार्ता भी शामिल रही।

भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू विमान इन दिनों जोधपुर के आसमान में संयुक्त हवाई अभ्यास 'वीर गार्जियन 2026' के तहत युद्ध जैसी परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं का परीक्षण कर रहे हैं। 9 सितंबर 2026 को शुरू हुआ यह 14 दिवसीय अभ्यास 22 सितंबर 2026 तक चलेगा और अब अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। दोनों देशों के वायु योद्धाओं ने इस दौरान एयर स्ट्राइक से जुड़े कई जटिल अभियानों का सफल अभ्यास किया है।

अभ्यास में शामिल विमान और उपकरण

भारतीय वायुसेना की ओर से इस अभ्यास में स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस (LCA), बहुउद्देशीय सुखोई-30 MKI और फ्रांस निर्मित अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान शामिल हैं। वहीं जापान ने अपने F-2A लड़ाकू विमानों के साथ इस संयुक्त अभ्यास में भागीदारी की। जापानी F-2 की मौजूदगी इस अभ्यास का विशेष आकर्षण रही है, जो भारत में पहली बार इस तरह के संयुक्त प्रशिक्षण का हिस्सा बने हैं।

मुख्य घटनाक्रम और गतिविधियाँ

अभ्यास के दौरान जोधपुर में दोनों वायुसेनाओं के बीच व्यापक पेशेवर संवाद आयोजित किए गए। इनमें मिशन योजना सम्मेलन, विषय-विशेषज्ञों का आदान-प्रदान, तथा इंजीनियरिंग एवं अंतरिक्ष सुरक्षा के पहलुओं पर तकनीकी वार्ता भी शामिल रही। उन्नत परिचालन मिशनों को अंजाम देने के साथ-साथ वायु सैनिकों ने एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक तौर-तरीकों को भी समझा।

गौरतलब है कि इस अभ्यास का उद्देश्य केवल हवाई युद्धक क्षमताओं की परख तक सीमित नहीं है — यह भारत-जापान रक्षा सहयोग को एक ठोस परिचालन आधार देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 'वीर गार्जियन' का दूसरा संस्करण

यह 'वीर गार्जियन' श्रृंखला का दूसरा संस्करण है। इससे पहले 2023 में 'वीर गार्जियन 23' का आयोजन जापान में किया गया था, जहाँ भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान की धरती पर इस संयुक्त हवाई अभ्यास में भाग लिया था। अब 2026 में पहली बार JASDF के लड़ाकू विमान भारत में इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का हिस्सा बन रहे हैं — यह द्विपक्षीय सैन्य सहयोग में एक नई पारस्परिकता को दर्शाता है।

भारत-जापान रक्षा साझेदारी पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियाँ तेजी से बदल रही हैं और भारत व जापान दोनों Quad ढाँचे के तहत रणनीतिक रूप से करीब आ रहे हैं। 'वीर गार्जियन 2026' के जरिए दोनों वायुसेनाओं के बीच गहन परिचालन तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त अभियानों में समन्वय की क्षमता को मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर का संयुक्त हवाई अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को रणनीतिक साझेदारी के एक नए आयाम में ले जाता है।

आगे क्या

अभ्यास 22 सितंबर 2026 को समाप्त होगा। दोनों देशों की वायुसेनाएं इस संयुक्त प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों और तकनीकी अंतर्दृष्टि को भविष्य के द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में शामिल करेंगी। 'वीर गार्जियन' श्रृंखला का यह विस्तार दोनों देशों के सैन्य संबंधों में एक मजबूत और संस्थागत स्वरूप की ओर संकेत करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत और जापान दोनों चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव को एक साझा रणनीतिक चुनौती के रूप में देखते हैं। F-2A का भारत में पहला संयुक्त प्रशिक्षण सहभागिता के एक नए स्तर का संकेत है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह अभ्यास-स्तरीय तालमेल वास्तविक संयुक्त परिचालन प्रोटोकॉल में कब और कैसे परिवर्तित होता है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीर गार्जियन 2026 क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
वीर गार्जियन 2026 भारतीय वायुसेना और जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स का 14 दिवसीय संयुक्त हवाई अभ्यास है, जो 9 से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में आयोजित हो रहा है। इसका उद्देश्य दोनों वायुसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
वीर गार्जियन 2026 में कौन-कौन से लड़ाकू विमान शामिल हैं?
भारत की ओर से तेजस (LCA), सुखोई-30 MKI और राफेल, जबकि जापान की ओर से F-2A लड़ाकू विमान इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। जापानी F-2A का भारत में यह पहला संयुक्त हवाई प्रशिक्षण है।
क्या पहले भी वीर गार्जियन अभ्यास हुआ है?
हाँ, इससे पहले 2023 में 'वीर गार्जियन 23' का आयोजन जापान में हुआ था, जहाँ भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान में इस संयुक्त हवाई अभ्यास में हिस्सा लिया था। वीर गार्जियन 2026 इस श्रृंखला का दूसरा संस्करण है।
वीर गार्जियन 2026 में किस तरह की गतिविधियाँ हो रही हैं?
अभ्यास में एयर स्ट्राइक अभियान, उन्नत परिचालन मिशन, मिशन योजना सम्मेलन, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व अंतरिक्ष सुरक्षा पर वार्ता शामिल है। इसके अलावा दोनों वायुसेनाएं एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक तौर-तरीकों को समझने का अवसर भी पा रही हैं।
यह अभ्यास भारत-जापान रक्षा संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत और जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। JASDF के विमानों का भारत में पहला संयुक्त प्रशिक्षण द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में पारस्परिकता के एक नए स्तर का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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