17 जुलाई 2026
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राफेल के साथ 'पिच ब्लैक 2026' में भारतीय वायुसेना, 20 देशों के 2,500 जवान करेंगे युद्धाभ्यास

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राफेल के साथ 'पिच ब्लैक 2026' में भारतीय वायुसेना, 20 देशों के 2,500 जवान करेंगे युद्धाभ्यास

सारांश

भारतीय वायुसेना के चार राफेल और 120 से अधिक वायु योद्धा डार्विन पहुँच चुके हैं — 20 देशों के 2,500 जवानों वाले 'पिच ब्लैक 2026' में हिस्सेदारी के लिए। यह तैनाती इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति और ऑस्ट्रेलिया के साथ गहरी होती रणनीतिक साझेदारी का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना के 4 राफेल , 2 सी-17 और 120 से अधिक वायु योद्धा 'पिच ब्लैक 2026' के लिए डार्विन, ऑस्ट्रेलिया पहुँचे।
अभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक RAAF के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेसों पर होगा।
20 देशों के लगभग 100 जेट विमान और 2,500 से अधिक सैन्यकर्मी इसमें भाग लेंगे।
जापान के एफ-35 , इंडोनेशिया के टी-50आई और फिनलैंड-स्वीडन के दल पहली बार इस अभ्यास में शामिल हो रहे हैं।
'पिच ब्लैक' अभ्यास 1983 से डार्विन में आयोजित होता आ रहा है और RAAF का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है।

भारतीय वायुसेना (IAF) की एक विशेष टुकड़ी 17 जुलाई 2026 को ऑस्ट्रेलिया के डार्विन पहुँच गई, जहाँ वह 20 जुलाई से 7 अगस्त तक आयोजित होने वाले बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' में हिस्सा लेगी। इस टुकड़ी में चार राफेल लड़ाकू विमान, दो सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान और 120 से अधिक वायु योद्धा शामिल हैं।

अभ्यास का दायरा और स्थान

रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) द्वारा आयोजित 'पिच ब्लैक 2026' उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के डार्विन, टिंडल और एंबरली वायुसेना बेसों पर संचालित होगा। इसमें 20 देशों के लगभग 100 जेट विमान और 2,500 से अधिक सैन्यकर्मी भाग लेंगे, जो इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सबसे बड़े हवाई युद्धाभ्यासों में से एक बनाता है।

इस वर्ष के आयोजन में कई उल्लेखनीय 'पहली बार' भी हैं — जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के एफ-35 लाइटनिंग-2 और इंडोनेशिया के टी-50आई गोल्डन ईगल विमान पहली बार इस अभ्यास में उतरेंगे। इसके अलावा फिनलैंड और स्वीडन भी पहली बार अपने सैन्यकर्मियों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं।

भारतीय उच्चायोग की प्रतिक्रिया

कैनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर IAF टुकड़ी के आगमन की पुष्टि की। उच्चायोग ने कहा, "भारतीय उच्चायोग को डार्विन में भारतीय वायुसेना की उस टुकड़ी का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जिसमें चार राफेल और दो सी-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से अधिक वायु योद्धा शामिल हैं।"

उच्चायोग ने यह भी कहा, "अगले तीन हफ्तों में हमारे वायु योद्धा दूसरे देशों के अपने साथियों के साथ उड़ान भरेंगे। इसका मकसद आपसी तालमेल को बेहतर बनाना, कॉम्बैट फ्लाइंग स्किल्स को निखारना, रिश्तों को मजबूत करना और हमेशा कायम रहने वाले संबंध बनाना है।"

भाग लेने वाले देश

इस अभ्यास में अमेरिका, जापान, भारत, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, पापुआ न्यू गिनी, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के वायुसेना दल हिस्सा लेंगे। यह भागीदारी इंडो-पैसिफिक में बढ़ती बहुपक्षीय सुरक्षा साझेदारियों को रेखांकित करती है।

अभ्यास का महत्व

'पिच ब्लैक' अभ्यास 1983 से डार्विन में आयोजित होता आ रहा है और RAAF का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास माना जाता है। 'पिच ब्लैक 2026' के अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मक ने कहा, "अभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' हमारे सहयोगियों और मित्र देशों के साथ वायुसेना की सबसे बड़ी सामूहिक प्रशिक्षण गतिविधि है।"

यह ऐसे समय में आया है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रक्षा कूटनीति को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि यह तैनाती भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई का प्रमाण है, जो दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढाँचे में और मज़बूत हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह मंच वैश्विक सुरक्षा पुनर्संरेखण का एक सूक्ष्म दर्पण बन जाता है। भारत के लिए असली परीक्षा यह है कि इस बढ़ती बहुपक्षीय भागीदारी को वह अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति के साथ कितनी कुशलता से संतुलित रखता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पिच ब्लैक 2026' युद्धाभ्यास क्या है?
'पिच ब्लैक 2026' रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है, जो 1983 से डार्विन में आयोजित होता आ रहा है। इस बार यह 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेसों पर होगा, जिसमें 20 देशों के लगभग 100 जेट विमान और 2,500 से अधिक सैन्यकर्मी भाग लेंगे।
भारतीय वायुसेना 'पिच ब्लैक 2026' में किन विमानों के साथ हिस्सा ले रही है?
भारतीय वायुसेना ने इस अभ्यास के लिए चार राफेल लड़ाकू विमान और दो सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमानों के साथ 120 से अधिक वायु योद्धाओं को ऑस्ट्रेलिया भेजा है। यह टुकड़ी 17 जुलाई 2026 को डार्विन पहुँची।
'पिच ब्लैक 2026' में कौन-कौन से देश भाग ले रहे हैं?
इस अभ्यास में अमेरिका, जापान, भारत, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, कनाडा, न्यूजीलैंड, फिजी, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड, स्वीडन, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया समेत कुल 20 देश शामिल हैं। फिनलैंड, स्वीडन, जापान के एफ-35 और इंडोनेशिया के टी-50आई विमान पहली बार इस अभ्यास में उतर रहे हैं।
इस अभ्यास से भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
भारतीय उच्चायोग के अनुसार यह तैनाती मित्र देशों के साथ सैन्य साझेदारी को मज़बूत करने और संयुक्त अभियान क्षमता को बेहतर बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई का हिस्सा है।
'पिच ब्लैक 2026' के अभ्यास कमांडर कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मक हैं। उन्होंने कहा कि 'पिच ब्लैक 2026' सहयोगियों और मित्र देशों के साथ वायुसेना की सबसे बड़ी सामूहिक प्रशिक्षण गतिविधि है।
राष्ट्र प्रेस
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